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रांची : छात्राओं से की छेड़खानी, छीना मोबाइल

Updated at : 06 Nov 2019 9:41 AM (IST)
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रांची : छात्राओं से की छेड़खानी, छीना मोबाइल

ऑटो से जा रही छात्रा का स्कूटी सवार दो युवक कर रहे थे पीछा जेल चौक के पास हुआ हंगामा, लालपुर थाने का लोगों ने किया घेराव रांची : राजधानी में मनचलों का मनोबल फिर से बढ़ गया है. मंगलवार को पिठोरिया के चंदवे गांव से आॅटो से तीन छात्राएं रांची वीमेंस कॉलेज जा रही […]

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ऑटो से जा रही छात्रा का स्कूटी सवार दो युवक कर रहे थे पीछा
जेल चौक के पास हुआ हंगामा, लालपुर थाने का लोगों ने किया घेराव
रांची : राजधानी में मनचलों का मनोबल फिर से बढ़ गया है. मंगलवार को पिठोरिया के चंदवे गांव से आॅटो से तीन छात्राएं रांची वीमेंस कॉलेज जा रही थीं. वहीं, चंदवे से ही स्कूटी सवार दो युवक उनका पीछा कर रहे थे. जेल चौक के पास जैसे ही छात्राएं ऑटो से उतरीं दोनों लड़के छेड़खानी करने लगे.
इतना ही नहीं विरोध करने पर मारपीट की और उनका मोबाइल छीन लिया. छात्राओं ने घरवालों को सूचना दी तो उनके साथ ग्रामीण मौके पर पहुंचे़ फिर जेल चौक पर हंगामा करते हुए लालपुर थाना का घेराव किया. थाना प्रभारी ने मामला दर्ज कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया, तब मामला शांत हुआ़
इस संबंध में नाबालिग के बयान पर लालपुर थाना में चंदवे निवासी दो युवक सूफियान अंसारी व अंसार अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है़ लालपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने कहा कि ग्रामीणों ने घेराव नहीं किया था. वे लोग मामले की जानकारी लेने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करने को लेकर थाना पहुंचे थे़
कॉलेजों में हैं सुरक्षा के इंतजाम लेकिन रास्तों में होती है छेड़छाड़
रांची : राजधानी की अधिकांश महिला कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं, फिर भी छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं. मंगलवार काे प्रभात खबर ने राजधानी की महिला कॉलेजों का जायजा लिया. रांची वीमेंस कॉलेज व मारवाड़ी वीमेंस कॉलेज में महिला पुलिस दिखी. पीसीआर और शक्ति वाहिनी की टीम भी मौजूद थी. दोनों कॉलेजों में रविवार को छोड़ कर प्रतिदिन महिला पुलिस तैनात रहती है. वहीं, महेंद्र प्रसाद महिला इंटर कॉलेज के पास पुलिस की गश्ती नहीं होती.
छात्राओं के मुताबिक कॉलेज में भी महिला पुलिस व पीसीआर की तैनाती जरूरी है, ताकि छात्राएं खुद को महफूज समझें. कई छात्राओं ने बताया कि कॉलेज के अंदर तो स्थिति कमोबेश ठीक है, लेकिन ऑटो और स्कूटी से आने-जाने के क्रम में मनचले छेड़खानी करने से बाज नहीं आते हैं.
छात्राओं की जुबानी, क्या होती है परेशानी
सुरक्षा के कितने भी इंतजाम हों, पर हम लड़कियां कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं. एक दिन मैं स्कूटी से कॉलेज से कोचिंग जा रही थी, तभी एक शराबी ने स्कूटी से चाबी निकाल ली.
अंजू, रांची वीमेंस कॉलेज
हमारे कॉलेज में महिला पुलिस तैनात रहती है. इसलिए सुरक्षित महसूस करते हैं. पर लड़कियों को खुद की सुरक्षा स्वयं करनी चाहिए. इसलिए अपने आप को हर परिस्थिति से लड़ने के लिए तैयार रखना चाहिए.
मुशर्रफ परवीन, मारवाड़ी वीमेंस कॉलेज
सबसे ज्यादा छेड़खानी तो ऑटो में ही होती है. अगर ऑटो में लड़कियां पहले से बैठी हैं, तो ऑटोवाले जानबूझ कर मनचलों को बैठा लेते हैं. ऑटो चालकों को चाहिए कि वे इस तरह की हरकत नहीं करें.
प्रेरणा,रांची वीमेंस कॉलेज
ज्यादातर लड़कियां आॅटो से ही आना-जाना करती हैं. ऐसे में ऑटो में छेड़खानी होना आम बात हो गयी है. बहुत कम लड़की होगी जो ऑटो से आती-जाती हो और उसके साथ छेड़खानी नहीं हुई हो. कॉलेज कैंपस में लड़कों को आने से रोकना चाहिए.
रेखा, रांची वीमेंस कॉलेज
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