बेहतर प्रयास : टॉपर्स से सवालों का जवाब देना सीखेंगे दूसरे बच्चे, उत्तर पुस्तिकाओं से ‘गुड आंसर की’ बना रहा सीबीएसइ
Updated at : 01 Nov 2019 8:33 AM (IST)
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अभिषेक रॉय रांची : सीबीएसइ स्कूल में 10वीं और 12वीं में पढ़नेवाले बच्चों की परीक्षा से जुड़ी मुश्किलें कम करने की कोशिश हो रही है. इसके लिए सीबीएसइ एक बार फिर ‘गुड आंसर-की’ जारी करने जा रहा है. इस किताब में बोर्ड परीक्षा (10वीं और 12वीं) के बीते पांच साल के बोर्ड, स्टेट और डिस्ट्रिक्ट […]
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अभिषेक रॉय
रांची : सीबीएसइ स्कूल में 10वीं और 12वीं में पढ़नेवाले बच्चों की परीक्षा से जुड़ी मुश्किलें कम करने की कोशिश हो रही है. इसके लिए सीबीएसइ एक बार फिर ‘गुड आंसर-की’ जारी करने जा रहा है. इस किताब में बोर्ड परीक्षा (10वीं और 12वीं) के बीते पांच साल के बोर्ड, स्टेट और डिस्ट्रिक्ट टॉपरों के उत्तर को समाहित किया जायेगा. कोशिश की जा रही है कि पढ़ने में कमजोर और परीक्षा में जटिल प्रश्न देख कर उलझनेवाले विद्यार्थियों को सटीक उत्तर लिखने की शैली पता चल सके.
सीबीएसइ ने टॉपर विद्यार्थियों की सूची भी तैयार कर ली है. जल्द ही स्कूलों को ये उत्तर पुस्तिकाएं सैंपल पेपर के रूप में भेजी जायेंगी. इधर, स्कूल भी अपने स्तर पर ‘गुड आंसर-की’ तैयार कर रहे हैं, जिसे स्कूल में आयोजित होनेवाली नियमित परीक्षा में कक्षावार टॉपर के नोट्स से तैयार किया जायेगा.
जनवरी तक स्कूलों में पहुंचेगी किताब : सीबीएसइ पटना रीजन ने बताया कि आंसर-की तैयार हो चुका है. इसे 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग तैयार किया जा रहा है. संभवत: यह आंसर-की स्कूलों को एडमिट कार्ड के साथ उपलब्ध करा दी जायेगी.
सीबीएसइ के सिटी को-ऑर्डिनेटर डॉ मनोहर लाल ने बताया कि गुड आंसर-की पूर्व में स्कूलों को उपलब्ध करायी जाती थी. पिछले कुछ वर्षों से इसे बंद कर दिया गया था. इसमें एक ही प्रश्न के चार से पांच उत्तर अलग-अलग और बेहतर फॉर्मेट में उपलब्ध कराये जाते हैं. उदाहरण के तौर पर गणित के 25 सवाल के 100 उत्तर किताब में दिये जायेंगे. इससे विद्यार्थी हल करने के स्टेप और फॉर्मेट सीख सकेंगे.
सबसे बेहतर उत्तरों का तैयार होगा संग्रह
साल 2019 बोर्ड रिजल्ट के बाद से ही सीबीएसइ इसकी तैयारी में जुटा हुआ है. सीबीएसइ के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने मार्च में ही पत्र जारी कर इसकी सूचना दी थी.
उन्होंने कहा था कि विद्यार्थी रिजल्ट निकलने के बाद अपने कम अंक को लेकर परेशान हो जाते हैं. साथ ही अधिक अंक लानेवाले टॉपर्स की आंसर-कॉपी देखने की मांग भी करते हैं. ऐसे में विद्यार्थियों को ‘गुड आंसर-की’ के जरिये टॉपर के उत्तर लिखने की शैली की जानकारी दी जा सकेगी.
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