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बच्चा बेचने का मामला : निर्मल हृदय संस्थान में सीआइडी का छापा

Updated at : 12 Oct 2019 6:12 AM (IST)
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बच्चा बेचने का मामला : निर्मल हृदय संस्थान में सीआइडी का छापा

रांची : बच्चा बेचने के मामले में मिशनरी ऑफ चैरिटी की संस्था ‘निर्मल हृदय’ के जेल रोड स्थित कार्यालय में शुक्रवार सुबह सीआइडी की टीम ने छापेमारी की. इस दौरान न्यायालय से जारी सर्च वारंट के आधार पर संस्थान की तलाशी भी ली गयी. संस्था की सिस्टर से पूछताछ भी गयी. वहीं जांच के लिए […]

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रांची : बच्चा बेचने के मामले में मिशनरी ऑफ चैरिटी की संस्था ‘निर्मल हृदय’ के जेल रोड स्थित कार्यालय में शुक्रवार सुबह सीआइडी की टीम ने छापेमारी की.
इस दौरान न्यायालय से जारी सर्च वारंट के आधार पर संस्थान की तलाशी भी ली गयी. संस्था की सिस्टर से पूछताछ भी गयी. वहीं जांच के लिए संस्थान से केस से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किये गये हैं.
सीआइडी की टीम ने संस्थान के कंप्यूटर सहित अन्य उपकरणों की जांच की. सर्च वारंट लेने के लिए सीआइडी ने कई बिंदुओं पर न्यायालय को जानकारी दी थी. इसमें सबसे प्रमुख यह था कि निर्मल हृदय संस्थान में तीन जुलाई 1995 से लेकर 26 जून 2018 तक कुल 944 अविवाहित मां को रखा गया था, जिनके नवजात शिशुओं के संबंध में जानकारी हासिल करनी है.
इसलिए की जा रही है जांच : अनुसंधान के क्रम में पता चला है कि अब तक 11 अविवाहित माताओं को केस दर्ज होने के बाद सीडब्ल्यूसी रांची द्वारा निर्मल हृदय से सबसे पहले आश्रय होम नामकुम और इसके बाद नारी निकेतन कांके तथा दो अविवाहित मां को सदर अस्पताल रांची से सीधे रांची निकेतन कांके पहुंचाया गया था. उक्त अविवाहित मां के नवजात शिशुओं में से कुछ को सीडब्ल्यूसी संस्था को सौंपा गया, जबकि कुछ को अविवाहित मां अपने साथ ले गयीं.
अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने चार नवजात शिशुओं को भी बरामद किया. अनुसंधान में संस्थान की सिस्टर अनिमा इंदवार द्वारा बच्चा बेचने की जाने की बात सामने आ चुकी है. लेकिन अब तक निर्मल हृदय में जो अविवाहित मां एडमिट की गयी थीं, उनमें से 927 नवजात के बारे संस्था द्वारा न तो सीडब्ल्यूसी और न ही अनुसंधानक को जानकारी दी जा रही है.
गोद देने के नाम पर बेचे जाते थे बच्चे : अनुसंधान में यह भी बात सामने आयी थी कि संस्था के कर्मचारी विभिन्न व्यक्तियों से संबंध बनाये हुए थे. इनके माध्यम से वे गर्भवती बच्चियों (अधिकतर नाबालिग) को संस्थान में बुलाकर एडमिट कराते हैं.
इसके बाद गर्भवती बच्चियों एवं उनके परिवार के लोगों को समझाते हैं कि अविवाहित बच्चा पैदा होने के बाद बच्चा लेकर गांव जायेगी, तो बदनामी होगी. इसके बाद वे अविवाहित मां से बच्चा लेकर दूसरे को गोद देने के नाम पर बेच देते थे. अनुसंधान में संस्था ने सहयोग नहीं किया है, जिसके कारण यह पता नहीं चल पाया कि नवजात बच्चे कहां हैं.
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