मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सिस्टर कोनसीलिया को हाइकोर्ट ने दी जमानत

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रांची : मिशनरीज ऑफ चैरिटी की संस्था निर्मल हृदय की सिस्टर कोनसीलिया को झारखंड हाइकोर्ट ने शुक्रवार को जमानत दे दी. कोनसीलिया को चार महीने की औपबंधिक जमानत मिली है. सिस्टर कोनसीलिया पर पिछले साल नवजात शिशुओं की बिक्री करने का सनसनीखेज आरोप लगा था. उनकी रिहाई पर रांची के बिशप ने प्रसन्नता जाहिर की […]

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रांची : मिशनरीज ऑफ चैरिटी की संस्था निर्मल हृदय की सिस्टर कोनसीलिया को झारखंड हाइकोर्ट ने शुक्रवार को जमानत दे दी. कोनसीलिया को चार महीने की औपबंधिक जमानत मिली है. सिस्टर कोनसीलिया पर पिछले साल नवजात शिशुओं की बिक्री करने का सनसनीखेज आरोप लगा था. उनकी रिहाई पर रांची के बिशप ने प्रसन्नता जाहिर की है. थियोडोर मेस्कैरेनहास ने एक विज्ञप्ति जारी कर खुशी का इजहार किया है.

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उन्होंने कहा है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी (मदर टेरेसा सिस्टर्स) की सदस्य सिस्टर कोनसीलिया को झारखंड हाइकोर्ट से 27 सितंबर, 2019 को जमानत मिल गयी. 15 महीने के संघर्ष के बाद ईश्वर ने यह कृपा की है. उन्होंने कहा मदर टेरेसा सिस्टर्स पर उन्हें गर्व है, जिन्होंने इस मामले में साहस और धैर्य का परिचय दिया.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि रांची के जेल रोड स्थित ‘निर्मल हृदय’ से बेचा गया एक नवजात बरामद हुआ. इसके बाद एक से बढ़कर एक सनसनीखेज खुलासे हुए. जांच के दौरान खुलासा हुआ कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी से जुड़े होम्स में वर्ष 2015 से 2018 के बीच 450 गर्भवती महिलाओं को भर्ती कराया गया था. उनमें से सिर्फ 170 नवजात शिशुओं का ही डिलिवरी रिकॉर्ड मिला. बाकी 280 के बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं था.

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रांची जिला प्रशासन की जांच में पता चला कि ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ से जुड़े संस्थान में वर्ष 2017 में 26 नवजातों का जन्म हुआ. इनमें दो की मौत हो गयी, जबकि 24 बच्चों का कोई अता-पता नहीं है. न ही उनके बारे में किसी तरह की जानकारी संस्था के रजिस्टर में दर्ज है.

मामले का खुलासा तब हुआ, जब मई, 2018 में मिशनरी ऑफ चैरिटी से जुड़े होम से एक नवजात शिशु को एक दंपती ने 1.20 लाख रुपये में खरीदा. इस दंपती से नवजात के जन्म और चिकित्सा देखभाल के नाम पर ये रकम ली गयी थी. दंपती का आरोप है कि संस्था की ओर से यह आश्वासन देकर बच्चा वापस ले लिया गया कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चा लौटा दिया जायेगा. लेकिन, बाद में बच्चा नहीं दिया गया.

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इससे खिन्न दंपती ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी में इसकी शिकायत कर दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की ओर से संचालित होम की कर्मचारी अनिमा इंदवार और सिस्टर कोनसीलिया को गिरफ्तार कर लिया. इसी दौरान कोतवाली पुलिस ने बताया था कि उन्हें चार बच्चों को बेचे जाने की सूचना मिली है. तीन बच्चों को झारखंड में और एक बच्चे को उत्तर प्रदेश में बेचा गया.

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