जेठमलानी जैसा दूसरा वकील नहीं होगा
Updated at : 09 Sep 2019 5:09 AM (IST)
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रांची : वरीय अधिवक्ता व पूर्व मंत्री राम जेठमलानी बहुत जीनियस थे. उनके जैसा वकील पूरे देश में नहीं है. केस को नया कंसेप्ट देने में उन्हें महारत थी. उक्त बातें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने कही. उन्होंने प्रभात खबर से बातचीत करते हुए श्री जेठमलानी के साथ बिताये […]
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रांची : वरीय अधिवक्ता व पूर्व मंत्री राम जेठमलानी बहुत जीनियस थे. उनके जैसा वकील पूरे देश में नहीं है. केस को नया कंसेप्ट देने में उन्हें महारत थी. उक्त बातें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने कही. उन्होंने प्रभात खबर से बातचीत करते हुए श्री जेठमलानी के साथ बिताये पल को याद किया. कहा कि वह वर्ष 1996 में स्व जेठमलानी के संपर्क आये थे.
चारा घोटाले में लालू प्रसाद के आरोपी बनने के बाद उन्हें कैसे राहत दिलायी जाये, इसे लेकर उनसे संपर्क किया गया. लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में लालू प्रसाद के मामलों में स्व जेठमलानी ने पैरवी की. श्री कुमार ने बताया कि वर्ष 2002 में झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस (वर्तमान में एक्टिंग चीफ जस्टिस) एचसी मिश्र की अदालत में लालू प्रसाद की जमानत पर सुनवाई के दाैरान बहस की थी.
वर्ष 2013 में जस्टिस आरआर प्रसाद की अदालत में आरसी 20ए/96 में लालू प्रसाद का पक्ष रखा था. आय से अधिक संपत्ति मामले में स्व जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी. एम्स में भर्ती लालू प्रसाद को देखने के लिए राम जेठमलानी अस्पताल गये थे.
विद्यार्थी व शिक्षक का था संबंध : झारखंड हाइकोर्ट के वरीय अधिवक्ता व झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष पीसी त्रिपाठी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता राम जेठमलानी का जाना न्यायिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. हमारा उनके साथ जो संबंध था, वह विद्यार्थी व शिक्षक का था.
अक्तूबर 1990 का समय था. बार काउंसिल अॉफ इंडिया ने मद्रास के महाबलीपुरम में राष्ट्रीय स्तर का ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया था. वे भी ट्रेनिंग में शामिल हुए थे. उस वक्त राम जेठमलानी टीचर्स की भूमिका में ते. उन्होंने सात दिनों तक फाैजदारी मुकदमों की बारीकी व कानून की उत्पति पर विस्तार से जानकारी दी थी.
केस को कैसे लड़ा जाये, उसे बताया. श्री जेठमलानी जो काम लेते थे, उसे पूरी ईमानदारी से पूरा करने का प्रयास करते थे. उन्हें स्वीमिंग करना, गाना सुनना व शाम में बैडमिंटन जरूर खेला करते थे. श्री जेठमलानी स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सचेत रहा करते थे.
सीएम, केंद्रीय मंत्री व पूर्व सीएम ने जताया शोक
रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी के निधन पर दुख प्रकट किया है. उन्होंने दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे एक महत्वपूर्ण शख्सियत थे. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि उनसे कई बार मुलाकात हुई़ वो अदालत और संसद दोनों ही जगहों पर निडर होकर अपनी बात रखते थे़ उनके निधन से देश ने एक कानूनविद खो दिया है़
न्याय जगत को अपूरणीय क्षति : झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन ने कहा कि राम जेठमलानी के निधन से देश ने एक असाधारण न्यायविद एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्व खो दिया. इनके निधन से न्याय जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि राम जेठमलानी के निधन से राजनैतिक क्षेत्र के साथ-साथ बौद्धिक एवं न्यायिक क्षेत्र में भी अपूरणीय क्षति हुई है. इनके निधन पर पूरी पार्टी की तरफ से शोक व्यक्त करता हूं.
देश उनको हमेशा याद रखेगा : आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा कि स्व राम जेठमलानी ने कानून के क्षेत्र के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में भी ख्याति हासिल की़ देश उनको हमेशा याद रखेगा़ गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि स्व जेठमलानी अपनी बातों को स्पष्ट एवं निडर होकर रखते थे. उनके निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है.
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