शिक्षकों ने राजभवन के समक्ष किया प्रदर्शन, कहा- मध्य विद्यालय में हेडमास्टर के रिक्त 95% पदों पर शिक्षकों को दें प्रोन्नति
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Sep 2019 12:44 AM (IST)
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रांची : राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालय के शिक्षकों ने मांगों को लेकर शनिवार को राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया. शिक्षक अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले मुख्यमंत्री आवास घेरने अाये थे. धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांग प्रधान सचिव […]
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रांची : राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालय के शिक्षकों ने मांगों को लेकर शनिवार को राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया. शिक्षक अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले मुख्यमंत्री आवास घेरने अाये थे. धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांग प्रधान सचिव के समक्ष रखी.
प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें बताया कि राज्य में शिक्षकों की प्रोन्नति को लेकर नयी नियमावली बनायी जा रही है, जिसमें वरीयता आधारित प्रोन्नति को समाप्त कर दिया गया है. जिससे शिक्षक प्रोन्नति के आधार पर प्रधानाध्यापक नहीं बन पायेंगे. इसके लिए शिक्षकों को भी सीमित परीक्षा देनी होगी. प्रधान सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि नियमावली में वरीयता आधारित प्रोन्नति को समाप्त नहीं किया जायेगा. शिक्षक पूर्व की भांति प्रोन्नति के आधार पर प्रधानाध्यापक बन सकेंगे.
गृह जिला में स्थानांतरण का मिलेगा मौका : प्रधान सचिव ने बताया कि शिक्षकों को अपने सेवा काल में गृह जिला में स्थानांतरण का एक मौका दिया जायेगा. इसके लिए भी कार्रवाई की जायेगी. शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ देने व केंद्र सरकार के कर्मियों के अनुरूप अन्य भत्ता देने की भी प्रक्रिया जल्द शुरू क जायेगी. प्रधान सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी अन्य मांगों पर भी उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.
सरकार गंभीर नहीं : इससे पूर्व राजभवन के समक्ष शिक्षकों को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र चौबे ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है. लिखित समझौता के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई, जिससे शिक्षकों में काफी आक्रोश है.
प्रदेश महासचिव राममूर्ति ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग की अनदेखी के कारण शिक्षकों को अपनी समस्याओं को लेकर न्यायालय की शरण में जाना पड़ता है. राज्य के 12 जिलों में शिक्षकों के स्थानांतरण का मामला लंबित है. नयी स्थानांतरण नियमावली में शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है.
संघ के प्रदेश प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि अनुकंपा पर नियुक्त शिक्षकों के वरीयता निर्धारण में वित्तीय लाभ से वंचित कर दिया गया है. उर्दू शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिलता है. धरना-प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से अनूप केशरी, उत्तील यादव, सुनील कुमार, धीरज कुमार, सुनील भगत, असदुल्लाह, संतोष कुमार, दीपक दत्ता, हरे कृष्ण चौधरी, देवी प्रसाद मुखर्जी, अनिल कुमार सिंह, राकेश कुमार, संजय कुमार आदि शामिल थे.
संघ की ये हैं मांगें
शिक्षकों के लिए एमएसीपी लागू करना, प्रस्तावित प्रोन्नति नियमावली को वापस लेना, मध्य विद्यालय में प्रधानाध्यापक के रिक्त 95 फीसदी पद पर शिक्षकों को प्रोन्नति देना, गृह जिला में शिक्षकों का स्थानांतरण करना, उर्दू शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए प्रधानाध्यापक को डीडीओ बनाना, पुरानी पेंशन योजना लागू करना, शिक्षकों को लंबित प्रोन्नति जल्द देना, वर्ष 2014 से पहले निर्गत विद्यापीठ की डिग्री को मान्यता देना
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