रांची : अब विश्वविद्यालय के पास रहेगा अस्थायी संबद्धता देने का अधिकार

Updated at : 10 Jul 2019 9:23 AM (IST)
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रांची : अब विश्वविद्यालय के पास रहेगा अस्थायी संबद्धता देने का अधिकार

राज्य सरकार नियम-परिनियम में बदलाव की कर रही तैयारी सरकार सिर्फ स्थायी संबद्धता प्राप्त कॉलेजों का मामला निबटायेगी रांची : अब राज्य के कॉलेजों और संस्थानों को अस्थायी संबद्धता देने का पूरा अधिकार संबंधित विवि के पास रहेगा. अस्थायी से संबंधित कोई भी प्रस्ताव या संचिका अब राज्य सरकार के पास नहीं जायेगी. राज्य सरकार […]

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राज्य सरकार नियम-परिनियम में बदलाव की कर रही तैयारी
सरकार सिर्फ स्थायी संबद्धता प्राप्त कॉलेजों का मामला निबटायेगी
रांची : अब राज्य के कॉलेजों और संस्थानों को अस्थायी संबद्धता देने का पूरा अधिकार संबंधित विवि के पास रहेगा. अस्थायी से संबंधित कोई भी प्रस्ताव या संचिका अब राज्य सरकार के पास नहीं जायेगी. राज्य सरकार के पास अब सिर्फ स्थायी संबद्धता प्राप्त कॉलेजों और संस्थानों की संबद्धता से संबंधित प्रस्ताव या संचिका भेजी जायेगी.
उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसके लिए नियम-परिनियम में बदलाव की प्रक्रिया पूरी कर ली है. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में, संबद्धता के मामले में विलंब होने और छात्रों की समस्याअों को देखते हुए ही यह कदम उठाया है.
अब संबंधित कॉलेज और संस्थान संबद्धता के लिए अपने संबंधित विवि में आवेदन करेंगे. विवि इसी आधार पर कमेटी का गठन कर भौतिक सत्यापन कराने के बाद अस्थायी संबद्धता प्रदान करने या नहीं करने के लिए स्वतंत्र रहेगा. इसके लिए विश्वविद्यालय को अब राज्य सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी.
सभी शर्तों को पूरा करना होगा जरूरी
संबद्धता के लिए संबंधित कॉलेज को कॉलेज के नाम पर पांच एकड़ भूमि सहित आधारभूत संरचना, फैकल्टी, क्लास रूम आदि की न्यूनतम आवश्यकता है. संबद्धता के लिए प्रथम चरण में संकाय के लिए ढाई लाख रुपये, दूसरे संकाय के लिए डेढ़ लाख रुपये व तीसरे संकाय के लिए एक लाख रुपये रिजर्व फंड में रखना आवश्यक है. आवेदन पत्र शुल्क एक हजार से पांच हजार रुपये में खरीदना होगा. इसके बाद निरीक्षण शुल्क के रूप में 30 हजार रुपये जमा करना आवश्यक है.
तकनीकी कॉलेजों के लिए अलग शुल्क है. आवेदन मिलने के बाद विवि संबद्धता समिति से अनुमोदन मिलने के बाद इसे सिंडिकेट व सीनेट से स्वीकृति लेनी होगी. राज्य सरकार अब संबद्धता के लिए सभी अल्पसंख्यक कॉलेज व संबद्ध कॉलेज में जितने भी पद रिक्त हैं, सबको भरना आवश्यक करने जा रही है.
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