‘आयुष्मान’ के लिए तत्काल खरीदें दवा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Jun 2019 1:09 AM

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रांची : रिम्स में ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत भर्ती मरीज की मौत की खबर अखबारों में प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी शुक्रवार को अचानक रिम्स पहुंचे. यहां उन्होंने रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह, अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप, उपाधीक्षक डॉ संजय कुमार व इलाज कर रहे डॉक्टर एसके सिंह के साथ […]

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रांची : रिम्स में ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत भर्ती मरीज की मौत की खबर अखबारों में प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी शुक्रवार को अचानक रिम्स पहुंचे. यहां उन्होंने रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह, अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप, उपाधीक्षक डॉ संजय कुमार व इलाज कर रहे डॉक्टर एसके सिंह के साथ बैठक की. श्री चंद्रवंशी ने मरीज की मौत के बारे में पूरी जानकारी मांगी. इस पर मंत्री के समक्ष मरीज के इलाज से संबंधित सभी कागजात प्रस्तुत किये गये. उन्हें बताया गया कि मरीज गंभीर अवस्था में आया था, इसलिए उसकी मौत हो गयी.

बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने निदेशक को निर्देश दिया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती किसी भी मरीज को दवा के लिए बाहर नहीं जाना पड़े. साथ ही इसका भी ध्यान रखें कि मरीज को दवा अपनी जेब से नहीं खरीदनी पड़े. ऐसे मरीजों के लिए अगर तत्काल दवा खरीदने की जरूरत पड़े, तो खरीदी जाये. बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया को बताया कि जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गयी है. दोषी पर कार्रवाई की जायेगी. कमेटी में डॉ प्रभात व डॉ रितेश कुमार को शामिल किया गया है. रिपोर्ट शीघ्र देने को कहा गया है.
रिम्स के औषधि विभाग ने रखा अपना पक्ष : रिम्स में आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती मरीज जीतू बाग की मौत पर मेडिसिन विभाग ने अपना पक्ष रखा है. पत्र के माध्यम से यह कहा गया है कि दवा का इंडेंट कर सरकारी प्रक्रिया के तहत यथाशीघ्र दवाएं मंगायी गयी थीं. ससमय दवाएं दी गयी थीं. मरीज का किडनी फेल्योर था. गंभीर अवस्था में मरीज भर्ती हुआ था. बचाने के लिए लाख प्रयास किया गया, पर मरीज की मौत हो गयी.
निदेशक ने की बैठक, मांगा इमरजेंसी व रूटीन दवा का लिस्ट : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि मेडिसिन विभाग से जो दवाएं की लिस्ट भेजी गयी थी, उसमें यह दवा नहीं थी. यानी अगर पूरी दवाएं आ भी गयी होती, तो वह दवा लिस्ट में नहीं थी, तो कैसे उपलब्ध हो पाती.
निदेशक ने विभागाध्यक्षों से कहा कि शीघ्र इमरजेंसी दवाओं व रूटीन दवाओं की लिस्ट प्रस्तुत की जाये, जिससे दवाएं मंगायी जा सकें. उन्होंने दोबारा स्पष्ट किया कि जरूरी व जीवन रक्षक दवाओं को मंगाने की मनाही नहीं की गयी है. कुछ डाॅक्टर भ्रम फैला रहे हैं. एेसे डाॅक्टरों को चिह्नित किया जा रहा है. विशेष दवा दुकान से दवाएं मंगाने पर रोक लगायी गयी हैं.
रिम्स में भर्ती धनबाद के मरीज की मौत पर परिजनों का हंगामा
रांची. रिम्स में भर्ती धनबाद निवासी मरीज विमल देव मिश्रा (55)की शुक्रवार रात 9:00 बजे को मौत हो गयी. इसके बाद मरीज के परिजनों ने हंगामा कर दिया. उनका आरोप था कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज की मौत हुई है. परिजन के अनुसार स्लाइन खत्म होने के बाद नर्स को दूसरा स्लाइम या दवा देने का आग्रह किया गया, लेकिन नर्स ने आने में देरी कर दी.
इससे मरीज की मौत हो गयी. हालांकि, परिजनों ने स्वीकार किया कि भर्ती कराने के बाद मरीज की स्थिति में काफी सुधार हो रहा था. दवाई असर कर रही थी लेकिन, लापरवाही के कारण मरीज की मौत हो गयी. परिजनों ने रिम्स प्रबंधन से कार्रवाई की मांग की है. विमल देव सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे.
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