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अब रांची में लोगों की समस्या का समाधान ‘ऑन द स्पॉट’, बोले सांसद संजय सेठ

Updated at : 07 Jun 2019 6:01 PM (IST)
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अब रांची में लोगों की समस्या का समाधान ‘ऑन द स्पॉट’, बोले सांसद संजय सेठ

रांची : रांची के नवनिर्वाचित सांसद संजय सेठ ने कहा है कि रांची संसदीय क्षेत्र के लोगों की समस्या का समाधान ऑन द स्पॉट उनके विधानसभा क्षेत्र में ही होगा. लोगों को सांसद से मिलने के लिए रांची नहीं आना होगा, दिल्ली नहीं जाना होगा. सांसद खुद चलकर उनके द्वार तक जायेगा. उन्होंने वादा किया […]

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रांची : रांची के नवनिर्वाचित सांसद संजय सेठ ने कहा है कि रांची संसदीय क्षेत्र के लोगों की समस्या का समाधान ऑन द स्पॉट उनके विधानसभा क्षेत्र में ही होगा. लोगों को सांसद से मिलने के लिए रांची नहीं आना होगा, दिल्ली नहीं जाना होगा. सांसद खुद चलकर उनके द्वार तक जायेगा. उन्होंने वादा किया कि अपने पांच साल के कार्यकाल में रांची के लोगों के ‘चौकीदार’ के रूप में वह बार-बार आम लोगों के दर तक जायेंगे. उनके भी घर जायेंगे, जिन्होंने उन्हें वोट दिया है, उनके घर भी जायेंगे, जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि वह कभी ऐसा कोई काम नहीं करेंगे कि रांची की जनता को शर्म महसूस हो. वह दि रांची प्रेस क्लब में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे.

श्री सेठ ने कहा कि जनता ने उन्हें अपना चौकीदार नियुक्त किया है. वह उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे. कभी निश्चिंत होकर नहीं बैठेंगे. श्री सेठ ने कहा कि वह संसद में रांची की आवाज बनेंगे. रांची संसदीय क्षेत्र के सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में जल्द ही अत्याधुनिक समाधान केंद्र खोले जायेंगे. ग्रामीणों की हर समस्या का समाधान वहीं पर होगा. बीच-बीच में वह समाधान केंद्र में पंचायत लगायेंगे, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचल अधिकारी (सीओ) भी मौजूद होंगी. लोगों की समस्या का निदान ऑन द स्पॉट कराया जायेगा.

श्री सेठ ने कहा कि रांची के समग्र विकास के लिए संसदीय क्षेत्र के सभी वर्ग के लोगों के साथ बैठकें करेंगे. लोगों की राय लेकर एक रिपोर्ट तैयार करेंगे और उसे नीति आयोग को समर्पित करेंगे, ताकि शहर का तेजी से विकास हो. उन्होंने उम्मीद जतायी कि इसका असर दिखेगा और इसका लाभ अंत्योदय से सर्वोदय तक को मिलेगा.

प्रतिभा का पलायन रोकेंगे

रांची के नये सांसद ने कहा कि झारखंड की प्रतिभा का पलायन रोकने के लिए भी वह काम करेंगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए रांची विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलायेंगे. इससे राज्य की प्रतिभा का पलायन रुकेगा. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए हमारे बच्चों को अपना गांव, शहर और राज्य छोड़कर अन्य प्रदेशों में जाना पड़ता है. रांची विश्वविद्यालय का आकार बढ़ेगा, तो उन्हें अपने ही राज्य में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा. बच्चों को अपने घर से दूर नहीं जाना होगा.

विस्थापन की समस्या पर करेंगे बात

संजय सेठ ने कहा कि झारखंड में विस्थापन की बड़ी समस्या है. चांडिल में 35 साल से विस्थापितों को न्याय नहीं मिला. इस पर वह केंद्र सरकार से बात करेंगे और कोशिश करेंगे कि उनका उचित पुनर्वास हो. श्री सेठ ने कहा कि रांची में हाइकोर्ट बना, लेकिन विस्थापन पर कोई हंगामा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि यह सच है कि विकास होगा, तो विस्थापन भी होगा, लेकिन रांची में जिस तरह से बेहद शांतिपूर्ण तरीके से सारा काम हो गया, वैसे ही हर जगह होना चाहिए.

मूरी में गरीब रथ के ठहराव की करेंगे मांग

संजय सेठ ने कहा कि मूरी में गरीब रथ एक्सप्रेस के ठहराव की मांग वह रेल मंत्री से करेंगे. कहा कि मूरी में राजधानी एक्सप्रेस रुकती है, लेकिन गरीब रथ एक्सप्रेस नहीं ठहरती. फलस्वरूप सिल्ली, मूरी और उस क्षेत्र के लोगों को रांची आना पड़ता है. वह रेल मंत्री से मुलाकात करेंगे और मांग करेंगे कि गरीब रथ का मूरी में ठहराव हो, ताकि आसपास के लोगों को सहूलियत हो. साथ ही कहा कि नगरी में अधूरे रेलवे ओवरब्रिज को पूरा करवाने के लिए बात करेंगे. चुटिया के केतारी बागान में भी रेल ओवरब्रिज बनाने की रेल मंत्री से मांग करेंगे.

बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए उठायेंगे कदम

श्री सेठ ने कहा कि खलारी में कोयले का अंबार लगा है. कोयला जल रहा है. पूरा इलाका धूल से भरा है. दो महीने पहले बना मंदिर पूरी तरह काला पड़ गया है. इसे रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्यों काम नहीं कर रहा है? कोल इंडिया क्या कर रहा है? उन्होंने कहा कि कोयला खनन करने के बाद कंपनियों को पेड़-पौधे लगाने हैं. लेकिन कोई कंपनी ऐसा नहीं कर रही. उन्होंने सलाह दी कि खदानों में वाहन पार्किंग की व्यवस्था कर देनी चाहिए. इससे जगह का इस्तेमाल हो जायेगा और सड़कों पर जाम नहीं लगेंगे.

फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट रांची में लायेंगे

संजय सेठ ने कहा कि जंगल से भरे झारखंड में फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट की जरूरत है. वह केंद्र सरकार से बात करेंगे कि उत्तराखंड की तरह झारखंड की राजधानी रांची में भी एक इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाये. श्री सेठ ने शहर में पानी की किल्लत के साथ-साथ खत्म हो रहे जलस्रोतों पर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि शहर में ऊंचे-ऊंचे भवन नहीं बनने चाहिए. मॉल शहर से बाहर बनने चाहिए. मॉल कल्चर की वजह से शहर में जाम लगता है. राजधानी को जाम से मुक्त करने के लिए इन समस्याओं से निबटना ही होगा. हालांकि, इसे उन्होंने अपनी राय बताया. उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होने पर वह पौधरोपण कार्यक्रम चलायेंगे, जिसमें समाज के सभी वर्गों की हिस्सेदारी होगी.

बड़ा तालाब के पास लगायेंगे रात्रि बाजार

श्री सेठ ने कहा कि अपर बाजार स्थित बड़ा तालाब के पास रात्रि बाजार लगाया जायेगा, ताकि गरीब लोग भी नाइट कल्चर का आनंद ले सकें. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि रांची का वातावरण भयमुक्त हो. शहर जिंदा लगना चाहिए. हमारी राजधानी ऐसी हो, जहां बेटियां भयमुक्त होकर देर रात तक शहरों में घूम सकें. उन्होंने कहा कि टाटीसिल्वे से राहे के बीच की सड़कें बेहद शानदार हैं. यहां का दृश्य पतरातू घाटी से ज्यादा मनोरम हैं. चारों ओर हरियाली देखकर मन प्रसन्न हो जाता है. सबको वहां जाना चाहिए. यह इलाका बेहतरीन पर्यटन स्थल बन सकता है.

ऐसे जाम से मुक्त होगी रांची

संजय सेठ ने रांची को जाम से मुक्त करने के लिए भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि बैंकों, कार्यालयों और स्कूलों के समय में यदि थोड़ा अंतर कर दिया जाये, तो सड़क का बोझ कम हो जायेगा. जाम की समस्या खत्म हो सकती है. उन्होंने कहा कि ट्रैफिक विभाग को एक बार उनकी सलाह माननी चाहिए. यदि कुछ राहत मिलती है, तो ठीक है. नहीं मिली, तो फिर जैसा वे चाहें, कर सकते हैं. श्री सेठ ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे से ट्रैफिक की निगरानी का असर दिख रहा है. आधी रात को भी लोग जेब्रा क्रॉसिंग पर रुकते हैं. इस योजना को पूरे शहर में लागू करना चाहिए. हर चौक-चौराहे पर इसे लगाना चाहिए.

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