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डीजीपी डीके पांडेय के कार्यकाल में 80 फीसदी नक्सलियों का ही खात्मा हुआ, अब भी 20 फीसदी बचे

Updated at : 01 Jun 2019 1:15 AM (IST)
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डीजीपी डीके पांडेय के कार्यकाल में 80 फीसदी नक्सलियों का ही खात्मा हुआ, अब भी 20 फीसदी बचे

रांची : 1984 बैच के झारखंड कैडर के आइपीएस डीजीपी डीके पांडेय शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गये. उन्हें पुलिस महकमा की ओर से डोरंडा स्थित जैप वन ग्राउंड में समारोह आयोजित कर विदाई दी गयी. मौके पर उन्होंने कहा कि उनके 1500 दिनों के कार्यकाल में झारखंड में 80 फीसदी नक्सलियों का ही खात्मा हुआ. […]

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रांची : 1984 बैच के झारखंड कैडर के आइपीएस डीजीपी डीके पांडेय शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गये. उन्हें पुलिस महकमा की ओर से डोरंडा स्थित जैप वन ग्राउंड में समारोह आयोजित कर विदाई दी गयी. मौके पर उन्होंने कहा कि उनके 1500 दिनों के कार्यकाल में झारखंड में 80 फीसदी नक्सलियों का ही खात्मा हुआ. अब भी 20 फीसदी नक्सली बचे हैं. 2017 से डीजीपी रहते श्री पांडेय कई मौके पर पहले कहते रहे कि झारखंड से नक्सलियों का खात्मा हो गया है. लेकिन सेवा के अंतिम दिन उन्होंने यह मान लिया कि अभी नक्सली बचे हैं.

श्री पांडेय ने 24 फरवरी 2015 को डीजीपी के पद पर योगदान दिया था. इतना लंबा कार्यकाल अब तक किसी डीजीपी का झारखंड में नहीं रहा. उन्होंने अपने चार साल तीन माह के कार्यकाल की उपलब्धियां बतायी. कहा कि उनके कार्यकाल में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति, 15 हजार पुलिसकर्मियों की प्रोन्नति, तीन हजार एसआइ की बहाली के अलावा वायरलेस में बहाली, बेटियों को पुलिस में 33 फीसदी आरक्षण आदि की पहल की गयी. डीजीपी ने कहा कि जब उन्होंने योगदान दिया था, तब 300 थाना भवन थे. फिलवक्त 700 से ज्यादा पुलिस भवन हैं.

सात जिलों में साइबर थाना और बाकी के 17 जिलों में साइबर सेल बना. 44 महिला थाने बनाये गये. अनुसंधानकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए अनुसंधान ट्रेनिंग स्कूल खेलगांव में बनकर तैयार हो गया है. जिलों की पुलिस ड्रोन, सीसीटीवी और सर्विलांस सिस्टम से लैस हुई. डायल 100 व पीसीआर सिस्टम से लोग अब आसानी से सुविधा पाते हैं. प्रोन्नति के कार्य को कुशलता से निपटाने के लिए उन्होंने डीजी मुख्यालय पीआरके नायडू और पूर्व एडीजी मुख्यालय अजय भटनागर के कार्यों की तारीफ भी की.

इससे पूर्व श्री पांडेय के सम्मान में जैप के जवानों ने शानदार परेड पेश किया. श्री पांडेय ने सलामी ली. मौके पर डीजी जैप नीरज सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया. जबकि आइजी जैप सुधीर कुमार झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इसके बाद शाम में पुलिस मुख्यालय में आइपीएस एसोसिएशन की ओर से डीजीपी को विदाई दी गयी. वहीं रात में खुखरी गेस्ट हाउस में आइपीएस एसोसिएशन की ओर से श्री पांडेय को रात्रि भोज दिया गया.

चार आइपीएस का समारोह में नहीं रहना रहा चर्चा का विषय : डीजीपी डीके पांडेय की विदाई के दौरान चार सीनियर पुलिस अफसरों की अनुपस्थिति चर्च का विषय रहा. जो अफसर समारोह में नहीं दिखे, उनमें डीजी होमगार्ड सह अग्निशमन महासमादेष्टा एमवी राव, एडीजी वायरलेस, झारखंड पुलिस हाउसिंंग के एमडी एडीजी अनिल पाल्टा और रेल आइजी सुमन गुप्ता शामिल हैं. इसको लेकर लोग कई तरह के कयास लगाते रहे.

केएन चाैबे को बताया सशक्त और सक्षम अधिकारी : डीजीपी डीके पांडेय ने नये उत्तराधिकारी के सवाल पर कहा कि सबसे पहले मैं कमल नयन चौबे को बधाई देता हूं. वे सीमा सुरक्षा बल से आ रहे हैं. पाकिस्तान बॉर्डर से आ रहे हैं. वे एक सशक्त और सक्षम अधिकारी हैं. युद्ध कैसे लड़ा जाये, वे इसमें निपुण हैं. इसका फायदा झारखंड पुलिस को मिलेगा.

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