गदही का दूध व इससे बना सौंदर्य प्रसाधन चलन में

संजयरांची : गदहा को ईमानदारी से चुपचाप काम करने के लिए जाना जाता है. यह अलग बात है कि कुछ समझदार इसे बेवकूफी का पर्याय भी मानते हैं. दूसरी ओर गदही के दूध तथा इससे बने सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल अब समझदारी की बात मानी जा रही है. खासकर महिलाओं के बीच. लालपुर की एस […]
संजय
रांची : गदहा को ईमानदारी से चुपचाप काम करने के लिए जाना जाता है. यह अलग बात है कि कुछ समझदार इसे बेवकूफी का पर्याय भी मानते हैं. दूसरी ओर गदही के दूध तथा इससे बने सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल अब समझदारी की बात मानी जा रही है. खासकर महिलाओं के बीच.
लालपुर की एस बनर्जी और नामकुम की श्वेता अॉनलाइन मार्केटिंग नेटवर्क अमेजन से मंगाकर गदही के दूध से बने साबुन, शैंपू व क्रीम का इस्तेमाल कर रही हैं. ये सब त्वचा को साफ व मुलायम बनाने वाले तथा एंटी एजिंग व एंटी ऑक्सीडेंट उत्पाद हैं, जिनकी कीमत डेढ़ हजार से लेकर आठ हजार रुपये तक है.
- झारखंड की महिलाएं भी मंगा रहीं ऑनलाइन उत्पाद, दो से तीन हजार रुपये लीटर है दूध
- छोटे बच्चों के लिए गदही का दूध बन रहा बेहतर विकल्प, कई प्रकार के विटामिन मौजूद
- दूध से निर्मित सौंदर्य प्रसाधन भी हैं बेहद महंगे, झारखंड में गदहों की संख्या सिर्फ 808
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