रांची : गांवों की मिट्टी की सेहत का हाल बतायेगा डिजिटल नक्शा

Published at :16 May 2019 12:46 AM (IST)
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रांची :  गांवों की मिट्टी की सेहत का हाल बतायेगा डिजिटल नक्शा

रांची : किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है. एक रणनीति के तहत चल रही योजनाओं का एक हिस्सा है किसान कल्याण योजना. कई चरणों में इस योजना के तहत गांवों की मिट्टी की सेहत की जांच चल रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि किस […]

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रांची : किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है. एक रणनीति के तहत चल रही योजनाओं का एक हिस्सा है किसान कल्याण योजना. कई चरणों में इस योजना के तहत गांवों की मिट्टी की सेहत की जांच चल रही है.

यह पता लगाया जा रहा है कि किस गांव की किस मिट्टी की उत्पादन क्षमता कितनी है, कौन-सी फसल लगाने से किसानों को ज्यादा उपज मिलेगी, मिट्टी की गुणवत्ता कैसी है, उसे किस प्रकार के उपचार की जरूरत है, वहां का वातावरण कैसा है, पारिस्थितिकी तंत्र कैसा है.
मृदा और जल संरक्षण की क्या स्थिति है. जमीन के इस्तेमाल के साथ-साथ पर्यावरण की गुणवत्ता और जलछाजन का भी पता लगाया जा रहा है. इन सबको सम्मिलित कर एक डिजिटल नक्शा बन रहा है और उसे हर गांव में लगाया जायेगा.
गांवों में लगा यह डिजिटल नक्शा एक नजर में मिट्टी की सेहत का हाल बता देगा. बतायेगा कि खेत में कटाव हो रहा है या नहीं. वहां सिंचाई की व्यवस्था है या नहीं. खेत की उपज बढ़ाने वाले किस तत्व की जरूरत है.
खाता और खेसरा संख्या के साथ पूरा विवरण डिजिटल मैप में होगा. कृषि कल्याण अभियान के तहत अब तक झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के 117 जिलों के 5,725 गांवों के आंकड़े जुटाये जा चुके हैं. इसमें झारखंड के 6 जिलों के 300 गांव शामिल हैं.
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली संस्था भारतीय मृदा एवं भू-उपयोग सर्वेक्षण रांची के मृदा सर्वेक्षण पदाधिकारी दिनेश पटेल ने बताया कि पहले चरण में देश के 112 जिलों के 25-25 गांवों को शामिल किया गया था. दूसरे चरण में पांच और जिलों को शामिल किया गया. कृषि कल्याण अभियान के तहत झारखंड के 18 जिलों को शामिल किया गया.
इसमें 6 जिलों (रांची, गिरिडीह, दुमका, बोकारो, चतरा और गढ़वा) में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई. हर जिले के 50-50 गांवों को इसमें शामिल किया गया है. भारतीय मृदा एवं भू-उपयोग सर्वेक्षण की रांची शाखा के प्रमुख और मृदा सर्वेक्षण पदाधिकारी दिनेश पटेल ने बताया कि इस योजना में राज्य सरकारों की भी मदद ली जा रही है.
सर्वे में शामिल रांची जिला के गांव
दुमु (बेरो), खटंगा, सिरांगो, बनहौरा (कांके), सलसूद (सोनाहातू), उलीडीह, पालना, पेराडीह (तमाड़), भंडरिया (इटकी), रामपुर, ओबेरिया, सरवल (नामकुम), सुमु, ओझासारम, बारे, डंडिया (बुढ़मू), बांसजारी (मांडर), हुरहुरी (चान्हो), अरमालटदाग (लापुंग), कोंका (खलारी), नरकोपी (बेरो), गारू (रातु), अरचोरा (नगड़ी), सिंघपुर (सिल्ली), बानपुर, गेतलसूद, रंगामाटी, ओबेर, बड़कीगोरांग, सोसोनावागढ़, नावागढ़, बदरी, लेपसार, धुरलेता, सुरसू, पैलादा, जसपुर, बिसा, दोकाद, सीताडीह, हेसातु, अरवाबेड़ा, मुसागू, रेसनबेनादाग, कामता, सिंगारी, जाराडीह, साहेदा (सभी गांव अनगड़ा प्रखंड में), बिंजी और सरले (बुढ़मू प्रखंड).
किस जिले में कितने सैंपल की जांच
जिला गांव सैंपल सैंपल
बोकारो 25 608 588
चतरा 25 752 450
दुमका 25 492 585
गढ़वा 25 1357 338
गिरिडीह 25 358 429
रांची 25 888 644
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