रांची : डायबिटीज एजुकेटर व गेरियाट्रिक केयर कोर्स जल्द शुरू करेगा स्वास्थ्य विभाग
Updated at : 12 May 2019 8:51 AM (IST)
विज्ञापन

नये पाठ्यक्रम शुरू होने से युवाओं को मिल सकेगा रोजगार स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत मिलेगा प्रशिक्षण रांची : स्वास्थ्य विभाग जल्द ही डायबिटीज एजुकेटर, गेरियाट्रिक केयर और अॉप्टिकल डिस्पेंसरी कोर्स शुरू करेगा. विभाग के नामकुम स्थित इंस्टीट्यूट अॉफ पब्लिक हेल्थ (आइपीएच) में यह कोर्स शुरू होगा. स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने विभाग की […]
विज्ञापन
नये पाठ्यक्रम शुरू होने से युवाओं को मिल सकेगा रोजगार
स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत मिलेगा प्रशिक्षण
रांची : स्वास्थ्य विभाग जल्द ही डायबिटीज एजुकेटर, गेरियाट्रिक केयर और अॉप्टिकल डिस्पेंसरी कोर्स शुरू करेगा. विभाग के नामकुम स्थित इंस्टीट्यूट अॉफ पब्लिक हेल्थ (आइपीएच) में यह कोर्स शुरू होगा. स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिया है.
कहा है कि इस प्रकार के नये पाठ्यक्रम शुरू होने से कम समय में युवाओं को रोजगार मिल सकेगा. उन्होंने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. सचिव ने आइपीएच की सोसाइटी के रूप में निबंधन की कार्रवाई पूर्ण करने की जरूरत बतायी. उन्होंने मई माह तक निबंधन की कार्रवाई और फैकल्टी का पैनल तैयार करने का निर्देश दिया है. जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों को बढ़ाने की बात भी कही है.
क्या है डायबिटीज एजुकेटर कोर्स
यह एक प्रकार से हेल्थ प्रोफेशनल के लिए कोर्स है. जिसे कोई भी मैट्रिक या इंटर पास युवा कर सकता है. तीन से छह माह का कोर्स है. इसमें तीन से छह तक डायबिटीज की पूरी जानकारी दी जाती है. खासकर डायबिटीज मैनेजमेंट की. इसके बाद एजुकेटर डायबिटीज के मरीजों के डायबिटीज मैनेजमेंट में सहायता करता है. चिकित्सक के बाद शुगर लेबल नियंत्रित कैसे करना है. खान-पान क्या हो. किस तरह की एक्सरसाइज करें. इन बातों के लिए मरीजों की सहायता करता है. बदले में वह कुछ फीस भी लेता है.
क्या है गेरियाट्रिक केयर कोर्स
गेरियाट्रिक केयर मूल रूप से वृद्धों की देखभाल से जुड़ा कोर्स है. इस कोर्स के तहत तीन से छह माह तक प्रशिक्षण दिया जाता है. जिसमें वृद्धों के साथ बर्ताव, देखभाल करने, खान-पान, व्यायाम आदि की जानकारी दी जाती है.
कोर्स कर चुके युवाओं को वृद्धा आश्रम में नौकरी लगती है या वे खुद ही प्रोफेशनल की तरह काम कर सकते हैं या किसी वृद्ध के लिए गेरियाट्रिक केयर मैनेजर के रूप में काम कर सकते हैं. खासकर उन परिवार के वृद्धों के लिए जिनके बच्चे विदेशों में रहते हैं. ये मेडिकल सर्विस में भी सहायता करते हैं.
क्या है अॉप्टिकल डिस्पेंसरी
यह आंखों से जुड़ी बीमारियों से संबंधित है. इस कोर्स में चश्मा की जरूरतों, क्लाइंट को चश्मा चयन में सहायता, लेंस के टाइप, शेप, फ्रेम, डैमेज फ्रेम की रिपेयरिंग आदि की जानकारी दी जाती है. तीन माह का कोर्स है.
अॉप्टिकल डिस्पेंसर आइ केयर टीम के साथ काम करता है. डॉक्टर द्वारा आंखों की जांच के बाद मरीज के आंखों की देखभाल की जिम्मेवारी अॉप्टिकल डिस्पेंसरी की होती है. विदेशों में अॉप्टिकल डिस्पेंसरी का काम कर युवा काफी पैसा कमा रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




