रांची : वेतन विसंगति को लेकर एफआरयू के डॉक्टर नाराज
Updated at : 23 Apr 2019 8:41 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : वेतन विसंगति को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा नियुक्त फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के डॉक्टरों ने सरकार को पत्र लिखकर असंतोष जताया है. नाराज चिकित्सकों ने स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी से आग्रह किया है कि वह जल्द इस दिशा में ठोस पहल करें. डॉक्टरों का आरोप है कि राज्य के कई जिलों के […]
विज्ञापन
रांची : वेतन विसंगति को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा नियुक्त फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के डॉक्टरों ने सरकार को पत्र लिखकर असंतोष जताया है. नाराज चिकित्सकों ने स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी से आग्रह किया है कि वह जल्द इस दिशा में ठोस पहल करें. डॉक्टरों का आरोप है कि राज्य के कई जिलों के एफआरयू के अंदर बीडिंग प्रक्रिया के तहत नियुक्त चिकित्सकों का वेतनमान उनसे कई गुणा अधिक है, जबकि ऑन रिकाॅर्ड हम उनसे ज्यादा काम करते हैं.
आपको बता दें कि बोली (बीडिंग) के तहत नियुक्त इन विशेषज्ञ चिकित्सकों को एक से तीन लाख रुपये तक वेतनमान दिया जाता है. जबकि एनएचएम के द्वारा बहाल डॉक्टर मामूली तनख्वाह पाने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य मंत्री को भेजे पत्र में डॉक्टरों ने कहा है कि एक समान काम करने के बावजूद उन्हें टीडीएस काटकर अधिकतम एक लाख (कुछ को 65 हजार) वेतनमान दिया जाता है, जबकि हाल में नियुक्त बीडिंग चिकित्सकों को अधिकतम तीन लाख रुपये सैलरी मिलती है.
नाराज एनएचएम के डॉक्टरों ने कहा कि उनका ट्रैक रिकाॅर्ड उनसे बेहतर है. चाहे तो स्वास्थ्य मंत्री एफआरयू सेल से प्रत्येक डॉक्टर के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों का मिलान कर लें. यह भी कहा है कि एनएचएम द्वारा नियुक्त डॉक्टरों को भी बीडिंग डॉक्टरों के बराबर ही मनचाहा पोस्टिंग के साथ ही अधिकतम वेतनमान दिया जाये.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




