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झारखंड में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत करीब 628 यूनिट

Updated at : 14 Apr 2019 9:25 AM (IST)
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झारखंड में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत करीब 628 यूनिट

बिपिन कुमार सिंह पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में बिजली की खपत 1790 यूनिट के करीब, लेकिन… रांची : प्रति व्यक्ति बिजली खपत के मामले में झारखंड अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है. हमारे साथ बने राज्य छत्तीसगढ़ में बिजली की खपत 1790 यूनिट है. वहीं, झारखंड में लगभग 100 फीसदी घरों में बिजली पहुंचाने […]

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बिपिन कुमार सिंह
पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में बिजली की खपत 1790 यूनिट के करीब, लेकिन…
रांची : प्रति व्यक्ति बिजली खपत के मामले में झारखंड अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है. हमारे साथ बने राज्य छत्तीसगढ़ में बिजली की खपत 1790 यूनिट है. वहीं, झारखंड में लगभग 100 फीसदी घरों में बिजली पहुंचाने के बावजूद इसकी खपत महज 628 यूनिट के आसपास ही है.
100 फीसदी घरों में बिजली पहुंचाने के दावे के बाद भी बिजली की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है.
यह हाल तब है जब सरकार पूर्ण विद्युतीकरण के दावे, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता, खर्च योग्य आमदनी में बढ़ोतरी, कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देने की बात कह बिजली खपत बढ़ने की बात कहती रही है. साल 2015-16 के दौरान राज्य में औसतन 552 किलोवाट प्रति व्यक्ति बिजली की खपत थी. वहीं, इस क्षेत्र में ढांचागत सुधार के बाद इसमें मामूली अंतर आया है.
मौजूदा वक्त में बिजली की खपत बढ़कर 628 यूनिट प्रति व्यक्ति हो गयी है.
अभी बिजली की कमी से पीक आवर में सुधार की संभावना न के बराबर नजर आ रही है. हालांकि, अनुमान लगाया जा रहा था कि राज्य में संपूर्ण विद्युतीकरण के बाद यह आंकड़ा और बढ़ेगा. बिजली कंपनियाें का मानना है कि विभिन्न उपभोक्ता वर्ग की ओर से बढ़ती मांग के चलते डिमांड और सप्लाई के अंतर को पाटा जा सकेगा.
राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है झारखंड में सप्लाई व खपत
झारखंड में बिजली की सप्लाई एवं खपत में पिछले तीन साल में मामूली इजाफा हुआ है. प्रति व्यक्ति बिजली उपभोग के मामले में हमारा राष्ट्रीय औसत 1,122 किलोवाट प्रति घंटा है.
संचरण सिस्टम को दुरुस्त करना बड़ी चुनौती
राज्य के अंदर प्रति व्यक्ति बिजली खपत बढ़ाने के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम को दुरुस्त करना और बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली कंपनियों को ठोस कदम उठाने होंगे. हालांकि, इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है. संचरण सिस्टम में सुधार के लिए व्यापक कदम उठाये जा रहे हैं. एटीएंडसी क्षति 36.01 प्रतिशत थी, जो फिलहाल 31.8 प्रतिशत है. हालांकि यह अभी भी तय मानकों से काफी ज्यादा है.
रांची. रामनवमी शोभायात्रा के कारण शहर के बड़े इलाकों में लगभग आठ घंटे तक बिजली काटी गयी थी. दिन के दो बजे से रात 10 बजे तक मेन रोड, हिंदपीढ़ी, लालपुर, कोकर, रातू रोड, निवारणपुर, डोरंडा, हरमू, किशोरगंज, पिस्का मोड़, पंडरा में बिजली नहीं थी. बताया गया कि रात नौ बजे के बाद से धीरे-धीरे बिजली पहले उन इलाकों में दी गयी जहां से शोभायात्रा गुजर चुकी थी. रात 10 बजे के बाद से शहर के सभी इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गयी.
बाढ़ू और बुकरु में गंभीर बिजली संकट
रांची. कांके क्षेत्र के बाढ़ू और बुकरु में गत एक माह से बिजली की समस्या बनी हुई है. इससे करीब तीन हजार लोग प्रभावित हैं. उपभोक्ताअों के अनुसार आये दिन इस इलाके में बिजली गायब रहती है. रात-रात भर बिजली गायब रहना यहां आम हो गया है. विद्युत कार्यालय में शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है. एसडीअो को फोन करने पर वह न तो संतोषजनक जवाब देते हैं न ही कोई कार्रवाई हो रही है.
गर्मी के इस मौसम में बिजली गायब रहने से बच्चों व बुजुर्गों को विशेष परेशानी हो रही है. एक उपभोक्ता ने कहा कि सरकार 24 घंटे बिजली देने की बात कर रही है. इधर, 8-10 घंटे भी बिजली मिलना सपना हो गया है. लोगों का कहना है कि समस्या जल्द दूर नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे.
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