हिंडाल्को हादसा : मलबा ढुलाई ने रफ्तार पकड़ी, 20 हाइवा लगाये गये
Updated at : 13 Apr 2019 1:36 AM (IST)
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विष्णु गिरी, मुरी-रांची : हिंडाल्को में रेड मड पॉन्ड हादसे के बाद फैले मलबे को उठाने के काम में तेजी आयी है. शुक्रवार को ढुलाई के लिए हाइवा की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गयी है. समाचार लिखे जाने तक करीब तीन हजार टन मलबे की ढुलाई कर दी गयी थी. काम करा रहे अधिकारियों […]
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विष्णु गिरी, मुरी-रांची : हिंडाल्को में रेड मड पॉन्ड हादसे के बाद फैले मलबे को उठाने के काम में तेजी आयी है. शुक्रवार को ढुलाई के लिए हाइवा की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गयी है. समाचार लिखे जाने तक करीब तीन हजार टन मलबे की ढुलाई कर दी गयी थी. काम करा रहे अधिकारियों ने बताया कि हाइवा की संख्या बढ़ाकर 40 तक की जायेगी. प्रतिदिन 500 ट्रिप मलबा हटाये जाने का लक्ष्य रखा गया है.
तीनों शिफ्टों में ढुलाई की जा रही है. ढुलाई के काम में तेजी आ सके इसके लिए नदी के किनारे रेड मड पॉन्ड के सामानांतर एक और अस्थायी रास्ता बनाया जा रहा है, ताकि हाइवा के आने-जाने के लिये अलग अलग मार्ग हो सके. पूरे मलबे को मालगाड़ी से सीमेंट कंपनियों में सीधे भेजा जायेगा.
रेलवे लाइन को दुरुस्त करने काम शुरू
इधर, हादसे में क्षतिग्रस्त हिंडाल्को के रेलवे लाइन को भी दुरुस्त करने के काम शुरू कर दिया गया है. मलबा को सीधे रेड मड साइड के निकट के रेलवे लाइन पर ही मालगाड़ियों पर लोड करने के तैयारियों पर भी विचार किया जा रहा है. इससे रेड मड साइड से कंपनी तक के ढुलाई पर खर्च व समय में बचत होगी व काम में भी तेजी आयेगी.
एनडीआरएफ की टीम ने मलबे से तीन मशीनें निकालीं हादसे वाले दिन से ही कैंप कर रही एनडीआरएफ की टीम ने गुरुवार की रात एक और रोलर मशीन को मलबे से निकाला इसके साथ ही टीम ने तीन मशीनों को निकाल लिया है.
एनडीआरफ के अधिकारी पीपी डुंगडुंग ने बताया कि मशीनों को निकालने के बाद इसकी पूरी जांच करके जांच रिपोर्ट अपने मुख्यालय को सौंप दी गयी है. गाड़ियों में कुछ भी और नहीं मिला है. पोकलेन व रोलर समेत सभी मशीनों को मलबे से निकाले जाने के बाद उन्हें मलबा हटाने के काम पर लगाया गया है.
उड़ रही है धूल, पानी की छिड़काव की जरूरत
हिंडाल्को के मलबे की ढुलाई के दौरान कच्चे रास्ते व लोड गाड़ियों के परिचालन से भारी मात्र में धूल उड़ रही हैं. इससे काम करने वालों व आने-जाने वालों की परेशानी शुरू हो गयी है. काम करा रहे अधिकारियों ने बताया कि इससे निजात पाने के लिये आवश्यकतानुसार पानी के छिड़काव किया जायेगा.
काम जल्द हो इसलिये खाने की व्यवस्था साइट पर ही : मलबे को जितनी जल्दी हो सके हटाया जा सके, इसके लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं. समय कम है बारिश आने पर परेशानी और बढ़ेगी इसके लिए काम करनेवाले अधिकारियों व मजदूरों को अलग से खाने की छुटी नहीं मिलेगी.
खाने के समय पर उन्हें साइट पर ही खाना पीना मुहैया कराया जा रहा है, ताकि आने-जाने में लगने वाले समय को मलबे की ढुलाई में लगाया जा सके. शुक्रवार दोपहर काम के स्थल पर ही अधिकारियों व मजदूरों के खाने की एक साथ व्यवस्था की गयी थी.
हिंडाल्को कारखाने में सामान्य सी स्थिति : हिंडाल्को के रेड मड हादसे के बाद सरकार की ओर से कंपनी के क्लोजर आदेश के बाद उत्पादन का काम बंद है. पावर प्लांट व जरूरी संयंत्रों के संचालन को छोड कर किसी तरह का उत्पादन का काम नहीं हो रहा है. लेकिन, कार्यालय में अधिकारियों व कारखाने में सामान्य दिनों की तरह मजदूर आ जा रहे हैं.
इधर, सूत्रें के हवाले से खबर मिली कि मुरी हिंडालको के कार्यालय में सीबीआरआइ रुड़की व आइआइटी मुंबई के अधिकारियों ने मुरी कंपनी के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की है. ज्ञात हो कि सरकार ने घटना के बाद कंपनी को शो कॉज कर 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है. माना जा रहा है कि इन्हीं मुद्दों पर अधिकारियों की दिन भर बैठक चली.
बैठक का ब्योरा जानने के लिए हिंडालको के एचआर हेड राकेश तिग्गा व अन्य अधिकारियों से कई बार फोन किया. कार्यालय के बाहर घंटों इंतजार करवाया, परंतु उन्होंने बैठक के संबंध में किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी. फोन तक नहीं रिसीव किया.
ज्ञात हो कि हादसे में जिस ग्रेबियल वाॅल के टूटने से हादसा हुआ है, उसका डिजाइन सीबीआरआइ रुड़की ने तैयार किया था. तथा मुंबई आइआइटी ने इसे अप्रूव किया था. इस काम को इटली बेस्ड कंपनी मेकाफारी ने 2017 के सिंतबर में तैयार किया था. इस काम की पांच साल की गारंटी पीरियड के बाद भी इतनी बड़ी घटना घटी है.
पानी के सैंपल जांच के रिर्पोट मंगलवार तक : सिल्ली. मुरी हिंडाल्को हादसा के बाद लिये गये पानी के सात सैंपलों की जांच अगले हफ्ते मंगलवार तक आने की उम्मीद है.
पीएचइडी के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि नदी समेत प्रभावित गांवों से सात जगहों से पानी के सैंपल लिये गये हैं. स्टेट लेबोरैटरी में इसकी जांच के लिए भेजा गया है. मंगलवार तक जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है.
प्रदीप बलमुचू व सांसद धीरज साहू ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया : राज्यसभा सांसद धीरज साहू एवं कांग्रेस के वरीय नेता सह पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप बलमुचू ने शुक्रवार को मुरी में रेड मड हादसे से प्रभावित इलाकों का दौरा किया.
सांसद धीरज साहू ने कहा कि कंपनी की लापरवाही के कारण इतनी बड़ी घटना घटी है. इसके बाद भी सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन है. अबतक मुख्य सचिव अथवा किसी भी मंत्री ने इससे प्रभावितों की सुध नहीं ली है.
वहीं, प्रदीप बलमूचु ने कहा कि सरकार केवल जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर रही है. सरकार को घटना में प्रभावितों की चिंता नहीं है. इस मौके पर पूर्व विधायक केशव महतो कमलेश, नगेंद्र नाथ गोस्वामी, तारापदो महतो, उमेश महतो व जन्मजय महतो कई नेता मौजूद थे.
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