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रांची : नयाटोली में जमीन की नापी करने पहुंची निगम-जुडको की टीम, लोगों ने किया विरोध, कहा, जान दे देंगे, लेकिन फ्लैट नहीं बनने देंगे

Updated at : 05 Apr 2019 8:52 AM (IST)
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रांची : नयाटोली में जमीन की नापी करने पहुंची निगम-जुडको की टीम, लोगों ने किया विरोध, कहा, जान दे देंगे, लेकिन फ्लैट नहीं बनने देंगे

रांची : पंडरा नदी के समीप स्थित नयाटोली में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत’ 477 फ्लैट का निर्माण किया जाना है. गुरुवार को रांची नगर निगम और जुडको की टीम योजना के लिए चिह्नित जमीन की नापी करने पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. लोगों ने कहा कि वे यहां किसी प्रकार […]

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रांची : पंडरा नदी के समीप स्थित नयाटोली में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत’ 477 फ्लैट का निर्माण किया जाना है. गुरुवार को रांची नगर निगम और जुडको की टीम योजना के लिए चिह्नित जमीन की नापी करने पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. लोगों ने कहा कि वे यहां किसी प्रकार का निर्माण नहीं होने देंगे. चाहे इसके लिए उन्हें जान ही क्यों न देनी पड़े. भारी विरोध को देखते हुए रांची नगर निगम और जुडको की टीम वहां से बैरंग लौट गयी.
जमीन की नापी करने पहुंची टीम को देखते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गयी. लोगों ने टीम के सदस्यों से कहा कि वर्षों से हमारे पूर्वज यहां रहते आये हैं. जिस जगह फ्लैट बनाने की तैयारी की जा रही है, उसके आसपास हमारे खेत हैं. इस स्थान का उपयोग हम खलिहान के रूप में करते हैं. अगर यहां 477 फ्लैट का निर्माण हो जायेगा, तो यहां का पूरा ओपेन स्पेस खत्म हो जायेगा. सरकार इस प्रोजेक्ट को कहीं और ले जाये.
फ्लैट बनने से गंदी हो जायेगी पंडरा नदी
विरोध कर रहे लोगों ने टीम के सदस्यों से कहा कि अगर इस जगह पर 477 फ्लैट का निर्माण हुआ, तो यहां की नदी गंदी हो जायेगी. क्योंकि, इतने लोगों का मल-मूत्र और गंदगी इस नदी में ही गिरेगा, जो हमें बर्दाश्त नहीं है. इस नदी में हर वर्ष लाखों लोग छठ आदि धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. यहीं पर मसना स्थल भी है. इसी नदी के पानी में लोग नहाते हैं, कपड़े धोते हैं. पशु पानी पीते हैं. हम न तो नदी को गंदा होने देंगे और न ही ओपेन स्पेस पर किसी तरह का निर्माण होने देंगे.
विरोध करनेवालों में ये लोग थे शामिल
विरोध करनेवालों में सुक्का उरांव, पंडरा पंचायत के मुखिया सुनील तिर्की, पूर्व प्रसाद सुनील टोप्पो, बसंत सिन्हा, किशुन सिन्हा, रूना कच्छप, नंदू सिन्हा, श्याम चौधरी, धर्मेंद्र सिंह, ललन साहू, संतोष साहू, पिंटू कच्छप, सुनील गोप, अजय उरांव, प्रमोद कुमार, अनिल कुमार, राकेश साहनी, राजू सिंह समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.
शहर के बाद गांवों को नरक न बनाये सरकार : शाहदेव
शहर के ओपेन स्पेस को कंक्रीट के जंगलों में बदलने के बाद सरकार अब गांवों को नरक बनाना चाहती है. पंडरा के पास नयाटोली गांव के लोगों का लाइफ लाइन पंडरा नदी है, जहां पर लोग खुले स्थान का उपयोग दशकों से कर रहे हैं. ऐसे में ग्रामीणों की सहमति के बगैर उस जगह पर आवासीय योजना कैसे पारित कर दी गयी?
उक्त बातें कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अजय नाथ शाहदेव ने कही. श्री शाहदेव ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, नदी, नालों को बचाने के आज सब लगे हुए हैं. लेकिन, यहां इन चीजों को बरबाद किया जा रहा है. इसलिए बेहतर होगा कि इस योजना को किसी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाये.
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