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जेबीवीएनएल और सेकी के बीच हुआ एमओयू, गेतलसूद में 100 मेगावाट और धुर्वा डैम में 50 मेगावाट के सोलर प्लांट लगेंगे

Updated at : 21 Feb 2019 8:10 AM (IST)
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जेबीवीएनएल और सेकी के बीच हुआ एमओयू, गेतलसूद में 100 मेगावाट और धुर्वा डैम में 50 मेगावाट के सोलर प्लांट लगेंगे

रांची : रांची के दो बड़े डैम में 150 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाये जायेंगे. इसके लिए बुधवार को झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) के बीच एमओयू पर साइन किया गया. बोर्ड मुख्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में वितरण कंपनी की ओर से मुख्य […]

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रांची : रांची के दो बड़े डैम में 150 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाये जायेंगे. इसके लिए बुधवार को झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) के बीच एमओयू पर साइन किया गया.
बोर्ड मुख्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में वितरण कंपनी की ओर से मुख्य अभियंता सुनील कुमार ठाकुर और सेकी की ओर से एजीएम श्रीधर सिंह ने एमओयू पर साइन किया. मौके पर जेबीवीएनएल के एमडी राहुल पुरवार भी उपस्थित थे.
इस मौके पर जेबीवीएनएल के एमडी राहुल पुरवार ने बताया कि गेतलसूद में 100 मेगावाट और धुर्वा डैम में 50 मेगावाट का सोलर फ्लोटिंग पावर प्लांट लगाया जायेगा. एक मेगावाट के सोलर फ्लोटिंग पावर प्लांट पर करीब चार करोड़ रुपये का खर्च आयेगा. यह प्लांट सेकी लगायेगा. जल्द ही जेबीवीएनएल और सेकी के बीच पावर परचेज एग्रीमेंट होगा.
दोनों प्लांट से उत्पादित सौर ऊर्जा करीब 3.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध होगी. गेतलसूद डैम के 1.6 वर्ग किमी और धुर्वा डैम के 0.8 वर्ग किमी क्षेत्र का उपयोग किया जायेगा. जो पानी के ऊपर होगा. इससे पानी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा. जमीन पर इस तरह के प्लांट लगाने के लिए एक मेगावाट में पांच से छह एकड़ भूमि की जरूरत पड़ती. झारखंड में अक्सर जमीन को लेकर समस्या होती है. ऐसे में ऐसा पावर प्लांट बनना बेहतर है.
इसकी क्षमता भी जमीन पर लगे प्लांट की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक रहती है. गेलतलूस से सिकिदिरी ग्रिड और धुर्वा से हटिया ग्रिड को बिजली दी जायेगी. इस फ्लोटिंग पावर प्लांट के लिए 18 महीने में दोनों पावर प्लांट का निर्माण हो जायेगा.
राज्य के अन्य रिजर्वायर और डैम में भी लेगेंगे प्लांट
श्री पुरवार ने बताया कि जिस तरह गेतलसूद और धुर्वा डैम में फ्लोटिंग पावर प्लांट लग रहा है. उसी तरह राज्य के अन्य रिजर्वायर व डैम में भी डीवीसी व एनटीपीसी भी पावर प्लांट लगाये. फिलहाल सेकी के साथ 700 मेगावाट के पावर के लिए एग्रीमेंट भी किया गया है.
ग्रिड और सब स्टेशन में भी सोलर पावर प्लांट बनेंगे
श्री पुरवार ने कहा कि झारखंड के जितने भी ग्रिड और सब स्टेशन में खाली जगह है, वहां सोलर पैनल लगाकर सोलर पावर प्लांट लगाये जायेंगे. इससे सस्ती बिजली मिलेगी और ग्रिड को भी तत्काल बिजली मिलेगी. इस दिशा में काम करने के लिए सेकी से भी आग्रह किया गया है.
दिसंबर से कर्णपुरा से 500 मेगावाट बिजली मिलेगी
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के एमडी राहुल पुरवार ने बताया कि एनटीपीसी के नॉर्थ कर्णपुरा प्लांट से दिसंबर माह से 500 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी. वहीं, पतरातू में निर्माणाधीन पीवीयूएनएल से 2022 में 2400 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी.
600 करोड़ का निवेश होगा 1000 को मिलेगा रोजगार
सेकी के एजीएम श्रीधर सिंह ने बताया कि एक मेगावाट का तैरता सोलर प्लांट लगाने में करीब चार करोड़ रुपये का खर्च आता है. गेतलसूद और धुर्वा डैम में बनने वाले पावर प्लांट में 600 करोड़ रुपये का निवेश होगा. साथ ही एक हजार लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.
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