रांची : वकीलों के लिए पांच हजार करोड़ देने की मांग, मार्च कर ज्ञापन देंगे
Updated at : 08 Feb 2019 9:31 AM (IST)
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रांची : झारखंड स्टेट बार काउंसिल कार्यकारिणी की गुरुवार को हुई बैठक में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) द्वारा लिए गये देशव्यापी आंदोलन का समर्थन किया गया. बीसीआइ के निर्णयों पर सहमति जतायी गयी. साथ ही बीसीआइ द्वारा तय किये गये आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को झारखंड में लागू करने का निर्णय लियागया. यह जानकारी काउंसिल कार्यालय […]
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रांची : झारखंड स्टेट बार काउंसिल कार्यकारिणी की गुरुवार को हुई बैठक में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) द्वारा लिए गये देशव्यापी आंदोलन का समर्थन किया गया. बीसीआइ के निर्णयों पर सहमति जतायी गयी.
साथ ही बीसीआइ द्वारा तय किये गये आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को झारखंड में लागू करने का निर्णय लियागया. यह जानकारी काउंसिल कार्यालय में प्रेस वार्ता में दी गयी.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सदस्य अधिवक्ता राजेंद्र कृष्णा ने कहा कि बीसीआइ ने केंद्र सरकार के समक्ष अधिवक्ताओं के हित में योजनाएं लागू करने के लिए बजट में 5000 करोड़ का प्रावधान करने की मांग रखी थी. अधिवक्ताओं को आवास की सुविधा मिले, सस्ते दर पर जमीन या आवास देने, झारखंड के अधिवक्ताओं को आयुष्मान भारत योजना के तहत जोड़ने की मांग सरकार के समक्ष रखी गयी है.
नये अधिवक्ताओं को पांच साल तक प्रतिमाह 10,000 रुपये स्टाइपेंड के रूप में देने के लिए बजट में प्रावधान किया जाये. किन्हीं कारणवश वकालत का पेशा छोड़नेवाले अधिवक्ताओं को वित्तीय सहायता दी जाये. लीगल एड के लिए बजट में राशि का प्रावधान करना जरूरी है.
केंद्र व राज्य सरकार सबका साथ सबका विकास की नीति के तहत काम कर रही है. इसलिए अधिवक्ताओं के हित में भी निर्णय लिया जाये. बीसीआइ के प्रतिनिधि प्रशांत कुमार सिंह, कुंदन प्रकाशन व हेमंत कुमार सिकरवार ने कहा कि झालसा में अधिवक्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी काउंसिल को दी जानी चाहिए. कहा गया कि ट्रिब्यूनल, फोरम व कमीशन में अधिवक्ताओं को भी शामिल किया जाये. काउंसिल की मांगों को लागू करने के लिए राज्य के अधिवक्ता 11 फरवरी को मार्च करेंगे, जो समाहरणालय तक जायेगा.
वहां उपायुक्त, जिले के प्रधान न्यायाधीश, सांसदों, विधायकों को प्रधानमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा जायेगा. 12 फरवरी को 12.30 बजे राज्य के अधिवक्ता राज्य मुख्यालय में एकत्रित होंगे. वहां से राजभवन के लिए मार्च करेंगे. प्रधानमंत्री के नाम राज्यपाल को मांग पत्र सौंपा जायेगा. काउंसिल के सदस्य महेश तिवारी ने कहा कि तेलंगाना सरकार ने अधिवक्ताओं के हित में योजना चलाने के लिए एक सौ करोड़ की राशि का प्रावधान बजट में किया है.
प्रति वर्ष 10 करोड़ रुपये भी देने की बात कही गयी है. तेलंगाना सरकार की तरह झारखंड सरकार भी बजट में अधिवक्ताओं के लिए राशि का प्रावधान की जाये. इस अवसर पर काउंसिल के सदस्य मृत्युंजय श्रीवास्तव, एके रशीदी, संजय विद्रोही सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.
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