रांची़ : ....जब सवालों से घिरीं शिक्षा मंत्री, तो दो मंत्रियों ने किया बचाव
Updated at : 06 Feb 2019 9:00 AM (IST)
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रांची़ : शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों की बहाली के सवाल पर पक्ष-विपक्ष के सवालों से घिर गयीं़ विधायकों का कहना था कि सेवा शर्त नियमावली- 2015 के प्रावधान के तहत रिक्तियों में 25 प्रतिशत पद प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों से भरे जाने है़ं कार्यरत शिक्षकों ने […]
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रांची़ : शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों की बहाली के सवाल पर पक्ष-विपक्ष के सवालों से घिर गयीं़ विधायकों का कहना था कि सेवा शर्त नियमावली- 2015 के प्रावधान के तहत रिक्तियों में 25 प्रतिशत पद प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों से भरे जाने है़ं कार्यरत शिक्षकों ने कट-ऑफ मॉकर्स से ज्यादा लाया है़ उनकी काउंसलिंग भी हो गयी है़ लेकिन नियुक्त नहीं की जा रही है़
कांग्रेस विधायक आलमगीर आलम ने अल्पसूचित के तहत यह मामला लाया था़ विपक्ष के प्रदीप यादव, कुणाल षाडंगी, रवींद्र महतो, वहीं सत्ता पक्ष के राधाकृष्ण किशोर, अनंत ओझा, नवीन जायसवाल, भानुप्रताप शाही सहित कई विधायकों ने सरकार की मंशा पर ही सवाल उठाये़ इस पर स्पीकर दिनेश उरांव ने नियमन दिया कि मामला ध्यानाकर्षण समिति को भेजा जायेगा़ सात फरवरी को इसकी बैठक होगी़ इसमें मंत्री सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहेंगे़
13 जिलों में ही परिणाम आया है: विधायकों का कहना था कि सरकार कोटीवार व विषयवार बताये कि 25 प्रतिशत में कितनी बहाली हुई है़
मंत्री डॉ यादव का कहना था कि अभी नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है़ संथाल के छह व लातेहर सहित सात जिलों में ही परीक्षा परिणाम प्रकाशित हुआ है़ पूरे राज्य में नियुक्ति होने के बाद सरकार समीक्षा करेगी़ सत्ता पक्ष के राधाकृष्ण किशोर का कहना था कि जब नियमावली में उल्लेख है, तो फिर विज्ञापन किस आधार पर अलग निकाला़
इसी विरोधाभास के कारण विभाग की मंशा पर शक होता है़ झाविमो विधायक प्रदीप यादव का कहना था कि सरकार कोटिवार व विषयवार सदन को क्यों नहीं बता रही है कि 75-25 में कितनी नियुक्तियां हुई है़ विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि नियमावली के अनुरूप विज्ञापन नहीं निकाला कर मामला को उलझाया गया है़
पक्ष-विपक्ष की चिंता से सरकार वाकिफ: इसी मामले में स्पीकर दिनेश उरांव ने कहा कि इसका निदान सदन से ही निकलना चाहिए़ इसके बाद मंत्री सरयू राय और नीलंकठ सिंह मुंडा ने हस्तक्षेप किया़ सरयू राय ने कहा कि पक्ष-विपक्ष की चिंता से सरकार भी वाकिफ है़ नियमावली के आधार पर भरती की बात कही जा रही है़
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