रांची : फिल्म स्क्रिनिंग के साथ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल शुरू, मंत्री अमर बाउरी ने कहा - झारखंड की कला की देश-विदेश में पहचान

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

रांची : द्वितीय झारखंड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत स्टेडियम में हुई. मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कला, पर्यटन, खेलकूद व युवा कार्य विभाग मंत्री अमर बाउरी मौजूद थे. लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक राज्य की पहचान केवल खनिज और जंगल से होती थी, पर अब इस स्वरूप में बदलाव आया है.

यहां की कला-संस्कृति अब देश-विदेश में पहचानी जा रही है. उन्होंने कहा कि इस राज्य का देश की उन्नति में अहम योगदान है. देश में स्टील का जो पहला कारखाना खुला वह झारखंड में ही था. उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन संभावना पैदा करते हैं. इस अवसर पर आयोजन समिति के चैयरमैन ऋषि प्रकाश मिश्रा, आइएएस सुधीर प्रसाद सहित दुनिया के विभिन्न देशों से अाये कलाकार मौजूद थे.

पहले दिन 28 फिल्मों का प्रदर्शन : पहले दिन के उद्घाटन सत्र से पूर्व फिल्म स्क्रिनिंग के साथ फिल्म फेस्टिवल का आगाज हुआ. महोत्सव की शुरुआत वर्तक नगर फिल्म की स्क्रीनिंग से हुई. स्क्रीनिंग में इजरायल की कल्चरल अटैची रयूमा मंतजर ने भी शिरकत की. पहले दिन आयोजन समिति की ओर से जारी सूची के मुताबिक 28 फिल्मों की स्क्रिनिंग हुई.
वर्तक नगर के बाद लाल विजय शाहदेव द्वारा निर्देशित नागपुरी फिल्म फूलमनिया दिखायी गयी. दिन भर कई शॉट फिल्म, फीचर फिल्म व डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखायी गयीं. ये फिल्में टाना भगत इनडोर स्टेडियम और दो पोर्टेबल डिजीप्लेक्स सिनेमा गृह खेल गांव में चली. पहले दिन हिंदी, नागपुरी, इंगलिश, इजरायली, भोजपुरी, मगही, खोरठा, नेपाली, मराठी, ब्रज भाषा, सिंधी आदि भाषाओं की फिल्में दिखायी गयीं. इसमें 12 बाल व महात्मा गांधी पर आधारित फिल्में भी शामिल हैं.
स्वागत और सम्मान का चला दौर : द्वितीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दुनिया के विभिन्न देशों से आये अतिथियों को मोमेंटो देकर स्वागत किया गया. इनमें इजरायल की कल्चरल अटैची रयूमा मंतजर, अफगानिस्तान के एजुकेशन अटैची सैदिकुल्लाह सहर, इजरायल के फिल्म डायरेक्टर डैन वूलमैन, पोलैंड की एक्टर, सिंगर, डांसर नतालिया जॉन जैक व इंटरनेशनल मॉडन मिया लकड़ा शामिल हैं.
इनके अतिरिक्त विभिन्न कैटेगरी में लोगों को सम्मानित भी किया गया. इसमें फिल्म रिसर्च इन झारखंड के लिए हजारीबाग से आये डॉ तापश चक्रवर्ती, बेस्ट परफॉर्मेंस अवार्ड फिल्म ट्रैक द मिस्ट्री के लिए हेमंत पांडेय, फर्स्ट टाइम फिल्म मेकर के लिए विकास-प्रकाश, फर्स्ट टाइम शॉर्ट फिल्म मेकर के लिए राहुल मिश्रा व सुमित सचदेवा, बेस्ट पेट्रियाटिक वीडियो फिल्म के लिए खूंटी के तपन कुमार घोष, बेस्ट एजुकेशनल डेडिकेशन के लिए एमएमके हाइस्कूल के निदेशक डॉ तनवीर अहमद, विशिष्ट अतिथि सम्मान छऊ गुरु सुशांत के महापात्रा, पंडित राजकुमार शुक्ला अवार्ड फोर बेस्ट फिल्म ऑन गांधी के लिए राजेश जैश आदि के नाम शामिल हैं. उद्घाटन सत्र के बाद जगन्नाथ आर्ट स्कूल सरायकेला के छऊ गुरु सुशांत के महापात्रा व उनकी टीम के द्वारा छऊ नृत्य की प्रस्तुति दी गयी.
स्कूली बच्चों को बुलाया फिर भी खाली रहा आयोजन स्थल
द्वितीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का पहला दिन ही अव्यवस्थाओं से घिरा दिखा. आलम यह था कि दोपहर एक बजे उद्घाटन समय तक कुरसी-दरी लगाने का काम चल रहा था. आयोजन स्थल में भीड़ जुटाने के लिए स्कूली बच्चों को लाकर रखा गया. पूरे दिन भर के इस कार्यक्रम में दर्शकों की संख्या आयोजकों की संख्या के आधे से भी कम थी. आयोजन स्थल में बेतरतीब ढंग कुरसियां बिखरी पड़ी हुई थीं. आयोजन की अव्यवस्था की पोल उस वक्त और खुली, जब बिजली चली गयी और 15 मिनट के इंतजार के बाद कार्यक्रम में ब्रेक लेने की घोषणा की गयी.
Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें