वाहन चोरी हुई हैं? एफआइआर के 30 दिनों के बाद इंश्योरेंस कंपनी से ऐसे ले सकते हैं 75 प्रतिशत राशि
Updated at : 25 Jan 2019 6:17 AM (IST)
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राजेश कुमार रांची : वाहन चोरी होने के बाद परेशानी बढ़ जाती है. खास कर दूसरे वाहन लेने के लिए आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है. उन्हें समझ में नहीं आता है कि आखिर एक बार में इतना पैसा कहां से लायें कि दूसरा वाहन ले सकें. अधिकांश लोग इस इंतजार में रहते […]
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राजेश कुमार
रांची : वाहन चोरी होने के बाद परेशानी बढ़ जाती है. खास कर दूसरे वाहन लेने के लिए आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है. उन्हें समझ में नहीं आता है कि आखिर एक बार में इतना पैसा कहां से लायें कि दूसरा वाहन ले सकें. अधिकांश लोग इस इंतजार में रहते हैं कि न्यायालय से एक्सेप्टेंस रिपोर्ट लेने के बाद ही इंश्योरेंस कंपनियाें से क्लेम राशि मिलती है. इस क्रम में लगभग तीन माह से अधिक समय लग जाता है.
इंश्योरेंस कंपनियों को जानकारी दें :
क्लेम करने के बाद आप अपने इंश्योरेंस कंपनियों को जानकारी दें कि एफआइआर के 30 दिनों के बाद 75 प्रतिशत क्लेम राशि लेना चाहते हैं. क्लेम फॉर्म जमा करने के बाद 15 दिनों के अंदर इन्वेस्टीगेटर जांच कर रिपोर्ट देंगे. पूरे कागजात जमा करने के 15 दिनों के इंतजार के बाद संबंधित पॉलिसीधारक को 75 प्रतिशत क्लेम राशि देने का प्रावधान है. इस प्रक्रिया में 30 दिनों का वेटिंग पीरियड है.
क्लेम के लिए यह है प्रक्रिया : संबंधित थाना की एफआइआर कॉपी के साथ नजदीकी इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय में क्लेम फॉर्म भर कर दें. क्लेम फॉर्म इंश्योरेंस कंपनी के पास मिलेगा. साथ में वाहन का ऑरिजिनल रजिस्ट्रेशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस का फोटो कॉपी, दो ऑरिजिनल चाबी या चाबी गुम होने का सनहा का कॉपी, पॉलिसी इंश्योरेंस कंपनी के पास जमा करें. ध्यान रहे, जितनी भी ऑरिजनल कॉपी या चाबी इंश्योरेंस कंपनी में जमा कर रहे हैं, उसकी प्राप्ति रसीद जरूर लें.
इसके साथ लेटर ऑफ सबरोगेशन, इंश्योरेंस कंपनी को वाहन ट्रांसफर के लिए फॉर्म 29, 30 एवं 31 और लेटर ऑफ इंडेमनिटी देना होगा. एनसीआरबी रिपोर्ट दें. एफआइआर के पांच दिनों के अंदर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) में पुलिस वाहन चोरी होने की रिपोर्ट डालती है, तो ठीक है, वरना आप खुद से एफआइआर नंबर के साथ एनसीआरबी की साइट में वाहन चोरी की सूचना डाल दें.
आरटीओ या डीटीओ को भी सूचना दें :
इसके बाद संबंधित आरटीओ या डीटीओ के पास वाहन चोरी होने की सूचना से संबंधित आवेदन दें. इसके साथ एफआइआर की फोटो काॅपी दें. आपके इस सूचना के आधार आरटीओ या डीटीओ कार्यालय संबंधित वाहन नंबर को ब्लॉक कर देंगे, ताकि इसे किसी दूसरे को ट्रांसफर न किया जा सके.
पूरी राशि लेने के लिए यह है प्रक्रिया :
क्लेम की प्रक्रिया पूरी होने के साथ-साथ पूरी राशि लेने के लिए फाइनल पुलिस रिपोर्ट की सर्टिफाइड कॉपी और सीजेएम की एक्सेप्टेंस रिपोर्ट देनी होगी. 90 दिनों के बाद एनसीआरबी का ऑनलाइन कंफरमेशन की कॉपी दें. इसके बाद पॉलिसीधारक को क्लेम की शेष राशि दे दी जायेगी. आप एक साथ पूरी बीमित राशि भी ले सकते हैं. इसके लिए थोड़ा अधिक इंतजार करना पड़ेगा.
पॉलिसीधारक वाहन चोरी होने की स्थिति में एफआइआर के 30 दिनों के बाद बीमित राशि का 75 प्रतिशत राशि इंश्योरेंस कंपनी से ले सकते हैं. इसके बाद सीजेएम का एक्सेप्टेंस रिपोर्ट इंश्योरेंस कंपनी में देकर 25 प्रतिशत शेष बीमित राशि भी ले सकते हैं. यह प्रावधान है. अधिकांश लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है.
टीके साहा, सीनियर डिवीजनल मैनेजर, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस
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