आज रात 8:08 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, कल मनायी जायेगी संक्रांति, बाजार भी गुलजार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Jan 2019 6:53 AM
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आस्था के पर्व की तैयारियों में जुटे सनातन धर्मावलंबी, बाजार भी गुलजार आस्था के पर्व मकर संक्रांति की तैयारियां जोरों पर हैं. बाजार में दूध-दही, गुड़, तिलकुट और दान-पुण्य की चीजों की खरीदारी जोरों पर है. बाजार में तिलकुट और गुड़ से बनी पारंपरिक चीजों की सौंधी खुशबू तैर रही है. खास बात यह है […]
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आस्था के पर्व की तैयारियों में जुटे सनातन धर्मावलंबी, बाजार भी गुलजार
आस्था के पर्व मकर संक्रांति की तैयारियां जोरों पर हैं. बाजार में दूध-दही, गुड़, तिलकुट और दान-पुण्य की चीजों की खरीदारी जोरों पर है. बाजार में तिलकुट और गुड़ से बनी पारंपरिक चीजों की सौंधी खुशबू तैर रही है. खास बात यह है कि इस बार इस साल मकर संक्रांति का योग दो दिन बन रहा है. 14 जनवरी सोमवार रात 8:08 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, अगले दिन 15 जनवरी दोपहर 12 बजे तक मकर राशि में ही रहेंगे. इसी कारण 15 जनवरी को ही पूरे देश में मकर संक्रांति का पर्व मनाया जायेगा.
रांची : सनातन धर्मावलंबियों के लिए मकर संक्रांति का विशेष महत्व होता है. इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं और खरमास समाप्त हो जाता है. सनातन धर्मावलंबी इस दिन नदी और सरोवरों में स्नान कर सभी मांगलिक कार्य शुरू करेंगे. पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. वैसे तो मकर संक्रांति पूरे देश में मनायी जाती है, लेकिन अलग-अलग राज्यों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है. दक्षिण भारत में इसे पोंगल, गुजरात व राजस्थान में उत्तरायण, हरियाण व पंजाब में माघी व लोहड़ी और असम में भोगली बिहू के रूप में जाना जाता है.
चूड़ा-तिलकुट की दुकानों में लग रही जबरदस्त भीड़
उत्तर भारत में मकर संक्रांति पर विशेष रूप से खिचड़ी खाने की परंपरा है. इसके अलावा इस दिन दही-चूड़ा-गुड़, तिलकुट, तिलवा, तिलपट्टी, चिक्की, लाई (मूढ़ी और गुड़ से बने लड्डू) सहित विभिन्न तरह के व्यंजन खाये जाते हैं. मकर संक्रांति के मद्देनजर राजधानी रांची के बाजार में गहमागहमी देखी जा सकती है. बाजार में तिल की सोंधी खुशबू लोगों को अपनी ओर खींच रही है. लोग खाने-पीने की चीजें खरीदने में मशगूल दिख रहे हैं. तिलकुट और दूध-दही की दुकानों पर खासी भीड़ दिख रही है.
मकर संक्रांति के साथ ही शुरू हो जायेगा महाकुंभ
मकर संक्रांति के साथ ही प्रयागराज में महाकुंभ का भी शुभारंभ हो जायेगा, जो शिवरात्रि (चार मार्च) तक चलेगा. हिंदू मान्यताओं के अनुसार त्रिवेणी संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश हो जाता है. पवित्र गंगा में डुबकी लगाने से मनुष्य और उसके पूर्वज दोषमुक्त हो जाते हैं. इन्हें शाही स्नान के नाम से भी जाना जाता है.
राजधानी के बाजारों में तैर रही तिलकुट और गुड़ से बनी मिठाइयों की सोंधी खुशबू
मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त
पुण्य काल मुहूर्त
सुबह 7:14 से 12:36 तक कुल समय 5:21 घंटे
महापुण्य काल मुहूर्त
सुबह 7:14 से 9:01 तक
कुल समय 1:47 घंटे
शहर के विभिन्न सड़कों और चौक-चौराहों के अलावा अपर बाजार में चूड़ा, मूढ़ी और तिलकुट की दुकानें सजी हुई हैं, जहां खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है.
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