आतंकी संगठन हरकत उल-हब-ए इस्लाम की गतिविधियों की जांच शुरू, रांची व झारखंड के दूसरे जिलों से पहले भी रहा है कनेक्शन

Updated at : 07 Jan 2019 7:51 AM (IST)
विज्ञापन
आतंकी संगठन हरकत उल-हब-ए इस्लाम की गतिविधियों की जांच शुरू, रांची व झारखंड के दूसरे जिलों से पहले भी रहा है कनेक्शन

रांची : आइएसआइ जैसे आतंकी संगठन हरकत उल- हब-ए इस्लाम की झारखंड में गतिविधियों की जांच शुरू कर दी गयी है. पुलिस जांच में तकनीकी शाखा का भी सहयोग ले सकती है. यह जांच पुलिस ने सभी जिलों में खुफिया विभाग से मिली रिपोर्ट और सूचना के आधार पर शुरू की है. इस दौरान संगठन […]

विज्ञापन
रांची : आइएसआइ जैसे आतंकी संगठन हरकत उल- हब-ए इस्लाम की झारखंड में गतिविधियों की जांच शुरू कर दी गयी है. पुलिस जांच में तकनीकी शाखा का भी सहयोग ले सकती है. यह जांच पुलिस ने सभी जिलों में खुफिया विभाग से मिली रिपोर्ट और सूचना के आधार पर शुरू की है.
इस दौरान संगठन से किसी के संपर्क होने या संगठन से किसी के जुड़े होने से संबंधित तथ्य मिलने के बाद पुलिस मामले में आगे कार्रवाई कर सकती है. झारखंड के किसी जिले में किसी की संलप्तिता के संबंध स्थापित होने और वर्तमान में उसके झारखंड से बाहर होने की स्थिति में पुलिस मामले में कार्रवाई के लिए एनआइए या दूसरी सुरक्षा एजेंसियों से भी सहयोग ले सकती है. खुफिया विभाग ने सूचना के आधार पर 27 दिसंबर 2018 को एक रिपोर्ट तैयार की थी. इसमें इस बात का उल्लेख है कि संगठन के सदस्य वाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से आपस में संपर्क कर रहे हैं. उक्त संगठन में इंजीनियरिंग के छात्र, मौलवी और कपड़ों के व्यवसायी के शामिल होने की जानकारी खुफिया विभाग को मिली है.
एनआइए व एसटीएफ कई लोगों को कर चुकी है गिरफ्तार : खुफिया विभाग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि उक्त संगठन के कई लोगों को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आधार पर एनआइए और एसटीएफ की टीम द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है.
उनके पास से देश के विभन्नि राज्यों के अहम दस्तावेज भी बरामद किये गये थे. उल्लेखनीय है कि उक्त संगठन से जुड़े होने के आरोप में एनआइए ने कुछ दिनों पहले दल्लिी और उतर प्रदेश के 17 ठिकाने में छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. संगठन से जुड़े गिरफ्तार लोगों में सिविल इंजीनियर, ड्राइवर और मौलवी सहित अन्य पेशे से जुड़े लोग शामिल थे. आतंकियों का यह मॉड्यूल दल्लिी को दहलाने की प्लानिंग कर रहा था. गिरफ्तार लोगों के पास से वस्फिोटक और हथियार भी मिले थे.
उल्लेखनीय है कि राजधानी रांची और झारखंड के दूसरे जिले पहले से आतंकियों के स्लीपर सेल के रूप में प्रसद्धि रहे हैं. रांची और दूसरे जिलों के कई लोगों के आतंकियों से कनेक्शन की बात भी सामने आ चुकी है. मामले में कई लोग गिरफ्तार भी किये जा चुके हैं.
रांची व झारखंड के दूसरे जिलों का पहले से रहा है आतंकी कनेक्शन
वर्ष 2008 में केरल के एर्नाकुलम में सिमी के ट्रेनिंग कैंप में शामिल होने के आरोप में बरियातू निवासी मंजर और दानिश पकड़े गये थे. वर्ष 2011 में भोपाल में आतंकियों ने छह किलो सोना लूटा. घटना में इंडिया मुजाहद्दिीन के भोपाल सरगना डॉ अबू फैजल व इकरार शेख के बारे में यह बात सामने आयी कि घटना से पहले दोनों दो माह पहले जमशेदपुर में ठहरे थे.
दोनों ने दानिश और मंजर के सहयोग से जमशेदपुर के जाकिर नगर में घर लिया था. इसी तरह 29 फरवरी 2012 में हजारीबाग से आइएम का सदस्य होने के आरोप में पीर मोहम्मद नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. उसकी निशानदेही पर दल्लिी से दूसरा आतंकी गिरफ्तार हुआ. वहीं दूसरी ओर कोलकाता स्थित अमेरिकन सेंटर में हुए हमले से जुड़े दो आंतकी हजारीबाग के खीरगांव में मुठभेड़ में मारे गये थे.
पूर्व में आतंकियों के जामताड़ा कनेक्शन की बात भी सामने आ चुकी है. इसी तरह पटना ब्लास्ट की घटना में शामिल रहे आंतकी भी रांची के विभन्नि इलाकों के रहनेवाले थे, जन्हिें पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है. पूर्व में आतंकियों ने पूछताछ में कई वैसे लोगों के नाम भी बताये थे, जिनका झारखंड से कनेक्शन रहा था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola