झारखंड के 1250 वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के कर्मी रहे हड़ताल पर

Updated at : 25 Dec 2018 9:28 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड के 1250 वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के कर्मी रहे हड़ताल पर

बाधित रही चार लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई हाइस्कूल, मदरसा, संस्कृत स्कूल व इंटर कॉलेजों का अधिग्रहण करने तथा घाटानुदान देने की मांग 27 दिसंबर को विधानसभा के समक्ष महाधरना देंगे वित्तरहित शिक्षाकर्मी रांची : आठ सूत्री मांगों को लेकर राज्य के 1250 वित्तरहित हाइस्कूल, मदरसा, संस्कृत स्कूल व इंटर कॉलेजों में सोमवार को ताला लटका […]

विज्ञापन
बाधित रही चार लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई
हाइस्कूल, मदरसा, संस्कृत स्कूल व इंटर कॉलेजों का अधिग्रहण करने तथा घाटानुदान देने की मांग
27 दिसंबर को विधानसभा के समक्ष महाधरना देंगे वित्तरहित शिक्षाकर्मी
रांची : आठ सूत्री मांगों को लेकर राज्य के 1250 वित्तरहित हाइस्कूल, मदरसा, संस्कृत स्कूल व इंटर कॉलेजों में सोमवार को ताला लटका रहा. शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक हड़ताल रही. इन संस्थानों में अध्ययनरत लगभग चार लाख बच्चों की पढ़ाई बाधित रही. झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में शिक्षक शैक्षणिक हड़ताल पर रहे.
पठन-पाठन सहित अन्य कार्यों का संपादन नहीं हुआ. हालांकि विद्यार्थी अपने संस्थान आये थे, लेकिन प्रवेश द्वार पर ताला लगे रहने के कारण वापस लाैट गये. वहीं हड़ताली शिक्षक व कर्मचारियों ने प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन किया तथा सरकार के उदासीन रवैये के खिलाफ नारेबाजी की.
मोर्चा के रघुनाथ सिंह, सुरेंद्र झा, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, नरेश घोष, विजय झा, रंजीत मिश्र, डॉ देवनाथ सिंह, मनीष कुमार, सिबेरिया टोप्पो, चंद्रशेखर ने शैक्षणिक हड़ताल को सफल बताया. उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा व साक्षारता विभाग के प्रधान सचिव ने वार्ता के क्रम में वित्तरहित शिक्षा नीति की समाप्ति के लिए उच्चस्तरीय विशेष समिति बनाने की बात कही थी, लेकिन अब तक विशेष समिति का गठन नहीं किया गया. आठ सूत्री लंबित मांगों पर सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है.
हाइस्कूल, मदरसा, संस्कृत स्कूल व इंटर कॉलेजों का अधिग्रहण करने तथा घाटानुदान देने की मांग की गयी. छुटे हुए सभी स्कूल-कॉलेजों को अनुदान देने, वित्तीय वर्ष 2018-2019 में अनुदान नियमावली के अनुसार अनुदान देने, पूर्व की भांति अनुदान राशि सीधे स्कूल-कॉलेजों के खाते में भेजने, जांच के नाम पर डीइअो द्वारा स्कूल-कॉलेजों को प्रताड़ित नहीं करने, इंटरमीडियट सेवा शर्त नियमावली-2018 को अविलंब कैबिनेट में भेजने, उच्च विद्यालयों के लिए सेवा शर्त नियमावली बनाने की मांग की गयी. कहा गया कि 26 दिसंबर को मोर्चा मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव को ज्ञापन साैपेगा. 27 दिसंबर को मोर्चा विधानसभा के समक्ष बिरसा चाैक पर महाधरना देगा.
बाद में मोर्चा की अोर से प्रदेश भाजपा कार्यालय का घेराव किया जायेगा. मोर्चा की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की सफलता के लिए बैठक भी की गयी. इस अवसर पर रघुनाथ सिंह सहित अन्य उपस्थित थे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola