रांची : शीतकालीन सत्र 24 से, वित्तीय वर्ष 2018-19 का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा, विपक्ष ने कहा खानापूर्ति

Updated at : 21 Dec 2018 5:52 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : शीतकालीन सत्र 24 से, वित्तीय वर्ष 2018-19 का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा, विपक्ष ने कहा खानापूर्ति

रांची : झारखंड सरकार ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र 24 दिसंबर से 27 दिसंबर तक के लिए बुलाया है. इसमें तीन दिन ही कार्य दिवस रहेंगे. 25 दिसंबर को क्रिसमस का अवकाश रहेगा. सत्र के पहले दिन शोक प्रकाश लाने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो जायेगी. ऐसे में दो दिन ही कार्य दिवस […]

विज्ञापन

रांची : झारखंड सरकार ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र 24 दिसंबर से 27 दिसंबर तक के लिए बुलाया है. इसमें तीन दिन ही कार्य दिवस रहेंगे.

25 दिसंबर को क्रिसमस का अवकाश रहेगा. सत्र के पहले दिन शोक प्रकाश लाने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो जायेगी. ऐसे में दो दिन ही कार्य दिवस रहेंगे. 26 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2018-19 का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा. विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार की ओर से बुलाया गया शीतकालीन सत्र को खानापूर्ति करार दिया है. कहा है कि सरकार को जनता के सवालों से सरोकार नहीं है. यही वजह है कि छोटा सत्र बुलाया गया है. तीन दिन के सत्र में मात्र दो दिन ही सदन की कार्यवाही चल सकती है. इसमें सरकार अनुपूरक बजट लाकर कोरम पूरा करेगी. सरकार जनता के सवालों से बचना चाहती है. शीतकालीन सत्र की अवधि कम से कम एक सप्ताह होनी चाहिए थी.

कागजी कार्रवाई तक सीमित है सत्र :

झामुमो विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता में दुबई में रोड शो आयोजित करना है. सरकार ने सत्र को कागजी कार्रवाई तक सीमित कर दिया है. सरकार ने सिर्फ अनुपूरक बजट पास करने के लिए सत्र बुलाया है.

अगर सरकार को जनता के सवाल से बचना है, तो वह सिर्फ एक ही दिन का सत्र बुला कर अनुपूरक बजट पास करा लेती. सरकार के पास अपने ब्रांडिंग के लिए समय है, लेकिन जनता उसकी प्राथमिकता में कहीं नहीं है. सरकार को बताना चाहिए कि मोमेंटम झारखंड से यहां के लोगों का क्या भला हुआ?

जनता के सवालों से भाग रही सरकार :

कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि शीतकालीन सत्र में मात्र दो दिन ही कार्य दिवस होगा. पहला दिन शोक प्रकाश में ही समाप्त हो जायेगा. सरकार जनता के सवालों से भागना चाहती है. सरकार पारा शिक्षक, अनुबंध कर्मियों, रसोइया संघ की मांगों से किनारा करना चाह रही है. शीतकालीन सत्र महज अनुपूरक बजट व कुछ विधेयक पारित करने के लिए बुलाया गया है. अगर विधानसभा सत्र की अवधि एक सप्ताह की होती, तो जनता के सवाल उठते. इस सत्र से जनता का कोई हित नहीं होनेवाला है.

विस में जवाब देने के लिए प्रभारी मंत्री बने

रांची : विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के अधीन विभागों के सवालों का जवाब देने के लिए चार मंत्रियों को प्रभार दिया गया है. इससे संबंधित अधिसूचना मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग ने जारी कर दी है.

मंत्री का नाम व विभाग

नीलकंठ सिंह मुंडा: गृह, कारा, आपदा प्रबंधन विभाग, पथ निर्माण, सूचना एवं जनसंपर्क,मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग.

सीपी सिंह: ऊर्जा विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, उद्योग विभाग.

चंद्रप्रकाश चौधरी: उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, सूचना प्राैद्योगिकी विभाग, मंत्रिमंडल(निर्वाचन) विभाग.

अमर कुमार बाउरी: कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, योजना सह वित्त विभाग, विधि विभाग एवं वन विभाग.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola