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वर्ष 2007 से अब तक 244 दिन अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर चुके हैं झारखंड के पारा शिक्षक

Updated at : 17 Dec 2018 10:04 AM (IST)
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वर्ष 2007 से अब तक  244 दिन अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर चुके हैं झारखंड के पारा शिक्षक

इस वर्ष 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं पारा शिक्षक वर्ष 2016 में 63 दिनों की हड़ताल के बाद काम पर लौटे थे वापस वर्ष 2007, 2008 व 2009 लगातार तीनों वर्ष पारा शिक्षकों ने की हड़ताल रांची : राज्य के पारा शिक्षक नियुक्ति के बाद से ही अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर […]

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इस वर्ष 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं पारा शिक्षक
वर्ष 2016 में 63 दिनों की हड़ताल के बाद काम पर लौटे थे वापस
वर्ष 2007, 2008 व 2009 लगातार तीनों वर्ष पारा शिक्षकों ने की हड़ताल
रांची : राज्य के पारा शिक्षक नियुक्ति के बाद से ही अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर आंदोलन करते रहे हैं. पारा शिक्षकों ने जब कभी आंदोलन किया या तो उनके मानदेय में बढ़ाेतरी कर दी गयी या फिर उनकी कुछ मांगें मान ली गयीं. इस वर्ष भी सरकार पारा शिक्षकों की कई मांगें मानने को तैयार है, पर पारा शिक्षक छत्तीसगढ़ की तर्ज पर वेतनमान के बिना आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं.
राज्य के पारा शिक्षकों ने सबसे पहले वर्ष 2007 में हड़ताल की थी. इसके बाद वर्ष 2008, 2009 में पारा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे. राज्य के पारा शिक्षक अब तक 244 दिन हड़ताल कर चुके हैं. इस वर्ष 16 नवंबर से पारा शिक्षकों की हड़ताल जारी है. वर्ष 2016 में सबसे अधिक 63 दिनों तक पारा शिक्षक हड़ताल पर रहे थे. इससे पूर्व 2007 में 30 दिन, 2008 में 33 दिन व 2009 में 40 एवं 2012 में 28 दिनों की हड़ताल पारा शिक्षकों ने की थी. आंदोलन के दौरान पारा शिक्षकों पर लाठी चार्ज भी हुआ. एक शिक्षक की मौत भी हुई.
वर्ष हड़ताल के दिन
2007 30 दिन
2008 33 दिन
2009 40 दिन
2012 48 दिन
2016 63 दिन
2018 16 नवंबर से जारी
10 हजार स्कूल पारा शिक्षकों के भरोसे : राज्य के 10 हजार उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय पारा शिक्षकों के भरोसे हैं. विद्यालयों में सरकारी शिक्षक नहीं हैं.
जब भी पारा शिक्षकों की हड़ताल हुई है, इन विद्यालयों में पठन-पाठन ठप हो जता है. पठन-पाठन के साथ-साथ बच्चों का मध्याह्न भोजन भी प्रभावित होता है. राज्य में लगभग 14 हजार उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय थे, इनमें से लगभग चार हजार विद्यालयों का विलय हो चुका है. पारा शिक्षकों की हड़ताल से राज्य के लगभग पांच लाख बच्चे प्रभावित हैं. हड़ताल के कारण बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं. पारा शिक्षकों की हड़ताल से निबटने के लिए सरकार की ओर से की गयी वैकल्पिक व्यवस्था कारगर नहीं हो पा रही है.
आठ हजार पारा शिक्षक बने हैं सरकारी शिक्षक : झारखंड में पारा शिक्षक, शिक्षक नियुक्ति परीक्षा पास कर स्थायी सरकारी शिक्षक बन सकते हैं.
राज्य में प्राथमिक शिक्षकों के लिए होनेवाली परीक्षा में पारा शिक्षकों के लिए 50 फीसदी सीट आरक्षित की गयी है. इसके लिए प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली में संशोधन किया गया है. राज्य में जब भी प्राथमिक शिक्षकों के लिए नियुक्ति परीक्षा होगी, कुल रिक्त पद की 50 फीसदी सीट पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित होगी. इसके तहत राज्य में आठ हजार पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बने हैं.
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