रांची : 18 वर्षों में 500 से दस हजार तक पहुंचा पारा शिक्षकों का मानदेय

Updated at : 17 Dec 2018 10:03 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : 18 वर्षों में 500 से दस हजार तक पहुंचा पारा शिक्षकों का मानदेय

रांची : राज्य गठन के बाद शुरुआत में पारा शिक्षक, अभियान विद्यालय में नियुक्त किये गये थे. डीपीइपी कार्यक्रम के तहत पारा शिक्षकों को प्रतिमाह 500 रुपये मानदेय दिया जाता था. सर्व शिक्षा अभियान शुरू होने के बाद वर्ष 2003 में पारा शिक्षकों का मानेदय बढ़ाकर एक हजार कर दिया गया. वर्ष 2004 में मानदेय […]

विज्ञापन
रांची : राज्य गठन के बाद शुरुआत में पारा शिक्षक, अभियान विद्यालय में नियुक्त किये गये थे. डीपीइपी कार्यक्रम के तहत पारा शिक्षकों को प्रतिमाह 500 रुपये मानदेय दिया जाता था. सर्व शिक्षा अभियान शुरू होने के बाद वर्ष 2003 में पारा शिक्षकों का मानेदय बढ़ाकर एक हजार कर दिया गया. वर्ष 2004 में मानदेय बढ़ाकर दो हजार कर दिया गया है.
2005 में आंदोलन के बाद पारा शिक्षकों के मानदेय को तीन स्लैब में बांट दिया गया. पारा शिक्षक को 2500, 3000 व 3500 रुपये दिये जाने लगे. वर्ष 2009 में मानदेय बढ़ा कर 5000, 5500 व 6000 रुपये कर दिया गया. इसके बाद भी समय-समय पर पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी की गयी. बिना आंदोलन या मांग के अब तक पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की गयी.
वर्तमान में पारा शिक्षकों का मानदेय
कक्षा एक से पांच
प्रशिक्षित एवं टेट पास 9438
प्रशिक्षित 8954
अप्रशिक्षित 8228
कक्षा छह से आठ
प्रशिक्षित एवं टेट पास 10164
प्रशिक्षित 8140
अप्रशिक्षित 8954
वर्ष 2018 में प्रस्तावित बढ़ोतरी
कक्षा एक से पांच
प्रशिक्षित एवं टेट पास 11000
प्रशिक्षित 9200
अप्रशिक्षित 8228
कक्षा छह से आठ
प्रशिक्षित एवं टेट पास 12000
प्रशिक्षित 10000
अप्रशिक्षित 8954
सरकार के आदेश के बाद भी अब तक राज्य के सभी पारा शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हुआ है. जिला स्तर से सभी पारा शिक्षकों का प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए भेजा भी नहीं गया. प्रथम चरण में 8,271 सत्यापित प्रमाण पत्राें में से 304 पारा शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाये गये़.
फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कार्यरत 29 पारा शिक्षकों की सेवा अब तक समाप्त कर दी गयी है, जबकि 49 पारा शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है़ ये पारा शिक्षक वर्षों से फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कार्यरत थे़ अब तक हुई जांच में सबसे अधिक गिरिडीह जिले के पारा शिक्षकों का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था. गिरिडीह में 78 पारा शिक्षकों का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola