सीआइडी जांच में खुलासा, धनबाद में 27 अवैध कोयला कारोबारियों की हुई पहचान
Author Prabhat khabar digital desk
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रांची : धनबाद में कोयले के अवैध कारोबार की हुई सीआइडी जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. सीआइडी ने जांच के दौरान 27 ऐसे कोयला कारोबारियों की पहचान की है, जो कोयले के अवैध कारोबार में शामिल बताये जा रहे हैं. इसकी पूरी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी गयी है. रिपोर्ट में […]
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रांची : धनबाद में कोयले के अवैध कारोबार की हुई सीआइडी जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. सीआइडी ने जांच के दौरान 27 ऐसे कोयला कारोबारियों की पहचान की है, जो कोयले के अवैध कारोबार में शामिल बताये जा रहे हैं. इसकी पूरी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी गयी है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन धनबाद एसएसपी को 25 मई 2018 अौर 23 अक्तूबर 2018 को सीआइडी मुख्यालय द्वारा पत्र भेज कर अवैध कोयला कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया था, लेकिन उनके द्वारा कार्रवाई प्रतिवेदन मुख्यालय को नहीं भेजा गया.
कोयले के अवैध कारोबार में शामिल अफसरों की पहचान सीआइडी द्वारा नहीं की गयी है. जबकि गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय ने कोयले के अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर जांच प्रतिवेदन की मांग की थी. ऐसे में यह संभव है कि किसी और एजेंसी से मामले में जांच करायी जा सके.
डिस्को पेपर का सरगना पश्चिम बंगाल का : कोयले के अवैध कारोबार में उपयोग किया जाने वाला डिस्को पेपर का सरगना सीआइडी ने पश्चिम बंगाल के बराकर निवासी राजेंद्र सिंह को बताया है.
जानकार के मुताबिक डिस्को पेपर का मतलब होता है एक ऐसा कोड, जिसके जरिये बिना सरकारी चालान के कोयले की तस्करी प्रशासनिक सांठगांठ से की जाती है. अवैध कोयला के कारोबारी कभी किसी नाम से एक चालान बनवाते हैं, उसे ट्रक चालकों को दे दिया जाता है.
जब प्रशासन ट्रक पकड़ती है, तो उसे उक्त चालान दिखाया जाता है. इससे अफसर समझ जाते हैं कि यह चैनल के तहत काम कर रहा है. कभी नये नोट का नंबर बताकर ट्रकों को भेजा जाता है. यानी समय-समय पर डिस्को पेपर यानी अवैध कोयले के कारोबार का कोड चेंज होता रहता है.
जानकार बताते हैं कि जिस समय अवैध कोयले का कारोबार परवान पर था, उस वक्त पश्चिम बंगाल से हर दिन 125 से 150 ट्रक चोरी का कोयला धनबाद के मैथन व राजगंज के करीब 28 डिपो में गिरता था.
वहां से डिस्को पेपर के जरिये कोयला को वाराणसी या दूसरी जगह की मंडियों तक पहुंचाया जाता था. अवैध कोयला के कारोबारी एक ट्रक पर करीब 3.41 लाख रुपये का 38 टन कोयला लोड कर वाराणसी ले जाते थे. इससे सरकार को मिलनेवाले करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ.
डिस्को पेपर के जरिये अवैध कारोबार से सरकार को राजस्व का नुकसान
कोयले के अवैध कारोबार में इन लोगों के शामिल होने का सीआइडी ने किया है दावा
1. मुन्ना तिवारी, निरसा
2. मुन्ना खां, निरसा
3. बबलू तिवारी, निरसा
4. दिवाकर मंडल, निरसा, रामकनाली
5. माखू सिंह, निरसा
6. छोटू मिश्रा, निरसा
7. शिव शंकर सिंह, निरसा
8. रोबिन गोराई, खोखरा पहाड़ी, कालुबथान
9. जगदीश तिवारी, आसनसोल, प बंगाल
10. अल्लारखा, आसनसोल, प बंगाल
11. इशाक अंसारी, बरवा रंगनी, गोविंदपुर
12. बबलू मंडल, बरवा रंगनी, गोविंदपुर
13. रुस्तम, गोविंदपुर
14. मनीर उर्फ मांडू, काला डाबर, गोविंदपुर
15. नसीम उर्फ गुड्डू, काला डाबर, गोविंदपुर
16. हाजी हुसैन, काला डाबर, गोविंदपुर
17. साबीर उर्फ लाला, काला डाबर, गोविंदपुर
18. कलाम उर्फ आलनुनु, काला डाबर, गोविंदपुर
19. रफीक अंसारी, गोविंदपुर
20. हफाजजुद्दीन उर्फ भोला, काला डाबर, गोविंदपुर
21. निरंजन अंसारी, काला डाबर, गोविंदपुर
22. विनय मंडल, बरवाअड्डा,
23. विश्वजीत मंडल, बरवाअड्डा
24. आरएस सिंह, निरसा
25. प्रेम केसरी, सरायढेला, धनबाद
26. लाल बहादुर सिंह, झरिया, धनबाद
27. कुंभ सिंह, झरिया
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