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कोल इंडिया देगा अधिकारियों को सीआरएस, बन रही है सूची

Updated at : 04 Dec 2018 7:37 AM (IST)
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कोल इंडिया देगा अधिकारियों को सीआरएस, बन रही है सूची

कोल इंडिया ने पत्र भेज कर सभी कंपनियों को दिया आदेश मनोज सिंह रांची : कोल इंडिया की विभिन्न कंपनियों में कंप्लसरी रिटायरमेंट स्कीम (सीआरएस) के तहत अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है. समय से पहले रिटायरमेंट देने के लिए अब तक वैसे अधिकारियों की सूची कुछ कंपनियों ने तैयार कर ली है, […]

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कोल इंडिया ने पत्र भेज कर सभी कंपनियों को दिया आदेश
मनोज सिंह
रांची : कोल इंडिया की विभिन्न कंपनियों में कंप्लसरी रिटायरमेंट स्कीम (सीआरएस) के तहत अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है. समय से पहले रिटायरमेंट देने के लिए अब तक वैसे अधिकारियों की सूची कुछ कंपनियों ने तैयार कर ली है, जिनकी आयु 50 साल से अधिक है.
कोल इंडिया बोर्ड ने 14 अगस्त 2017 को अधिकारियों के प्रदर्शन का समयबद्ध तरीके से आकलन करने पर सहमति प्रदान की थी. डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज (डीपीइ) के निर्देश पर कोयला मंत्रालय ने संबंधित पत्र कोल इंडिया को भेजा. सितंबर 2017 में कोल इंडिया ने सभी कंपनियों को आदेश भेजा था.
तीन माह का नोटिस या तीन माह का वेतन देकर रिटायर किया जा सकता है : पत्र के अनुसार, कोल इंडिया के कॉमन कोल कैडर के तहत उन अधिकारियों को चिह्नित करने का निर्देश था, जिसकी कार्यक्षमता पर शक हो या जिनकी ईमानदारी (इंटीग्रिटी) शक के दायरे में हो. ऐसे अधिकारियों को तीन माह का नोटिस या तीन माह का वेतन देकर रिटायर किया जा सकता है. इसी आदेश के अनुसार बीसीसीएल ने करीब एक हजार से अधिक अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है.
सूची में वैसे पदाधिकारी भी शामिल हैं जिनकी कार्यक्षमता व ईमानदारी शक के दायरे में
इन अधिकारियों को किया जाना है चिह्नित
कोल इंडिया के आदेश के अनुसार, ऐसे अधिकारियों को चिह्नित किया जाना है जिनकी सेवा 35 साल हो गयी हो और उनकी उम्र एक अप्रैल 2018 को 50 साल पूरी हो गयी या अधिक हो. 55 साल की उम्र पूरी करनेवाले अधिकारियों के प्रदर्शन का भी आकलन करने को कहा गया है. वहीं, कोल इंडिया के कॉमन कोल कैडर के तहत उन अधिकारियों को चिह्नित करने का भी निर्देश है, जिसकी कार्यक्षमता व ईमानदारी शक के दायरे में हो.
सूची के एक अधिकारी बन गये हैं निदेशक
सितंबर 2017 के आदेश के बाद बनायी गयी सूची में एक ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं, जो अब कोल इंडिया की एक कंपनी में ही निदेशक बन गये हैं. पहले उस अधिकारी को सीआरएस की सूची में रखा गया था.
सूची बनाने के लिए कंपनी स्तर पर बनायी गयी है कमेटी
कंपनी स्तर पर ऐसे अधिकारियों को चिह्नित करने के लिए दो कमेटी बनायी गयी है. एक कमेटी रिपोर्ट तैयार करेगी. वहीं, दूसरी कमेटी रिव्यू के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार करेगी. यह रिपोर्ट फरवरी 2018 से मार्च 2019 के बीच बनायी जानी है.
कंपनी स्तर पर निदेशक कार्मिक की अध्यक्षता में फाइनल रिपोर्ट तैयार करने वाली कमेटी बनायी जायेगी. कमेटी में मेडिकल, सेफ्टी और विजिलेंस विभाग के अधिकारी भी रहेंगे. कमेटी स्क्रीनिंग कर सूची सीएमडी के पास भेजेगी. सीएमडी मामले को कंपनी के बोर्ड में रखेंगे. वहां से अनुमोदन के बाद ही सूची कोल इंडिया को भेजी जायेगी.
मामले को फिर तूल दिया गया तो होगा विरोध
इस मामले में कोल इंडिया के बोर्ड में कोई चर्चा नहीं हुई है. जब यह मामला शुरू में आया था, तो कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने आपत्ति जता दी थी. अगर फिर से इस मामले को तूल देने की कोशिश हुई, तो विरोध होगा. इसके लिए अधिकारियों का एसोसिएशन तैयार है.
सौरव दुबे, उपाध्यक्ष, कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन (सीएमओएआइ)
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