दिल्‍ली पुलिस का कारनामा : लापुंग की जिस नाबालिग की हत्या के आरोप में गुमला के युवक को भेजा जेल, वह जीवित लौटी

Updated at : 21 Nov 2018 7:23 AM (IST)
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दिल्‍ली पुलिस का कारनामा : लापुंग की जिस नाबालिग की हत्या के आरोप में गुमला के युवक को भेजा जेल, वह जीवित लौटी

रांची-लापुंग : लापुंग से दिल्ली काम करने गयी जिस 17 साल की नाबालिग की हत्या के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गुमला के मंजीत केरकेट्टा को जेल भेजा था, वह जीवित निकली. वह लड़की 19 नवंबर काे लापुंग लाैटी. जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी उसके पास पहुंची आैर मामले की जानकारी ली. लापुंग थाना […]

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रांची-लापुंग : लापुंग से दिल्ली काम करने गयी जिस 17 साल की नाबालिग की हत्या के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गुमला के मंजीत केरकेट्टा को जेल भेजा था, वह जीवित निकली. वह लड़की 19 नवंबर काे लापुंग लाैटी. जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी उसके पास पहुंची आैर मामले की जानकारी ली.
लापुंग थाना क्षेत्र के डाहड़ा निवासी उक्त नाबालिग जब अपने घर पहुंची, तब परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इसी साल चार मई को दिल्ली में हुई उक्त नाबालिग की हत्या के आराेप में 20 मई को दिल्ली पुलिस ने मंजीत केरकेट्टा को गिरफ्तार किया था. मंजीत गुमला के कामडारा का रहनेवाला है. तब पुलिस ने यह जानकारी दी थी कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह साहू और गौरी के साथ मिल कर झारखंड की लड़कियों को लेकर काम दिलाने के नाम पर लेकर दिल्ली जाता था. उन्हें अच्छी सैलरी दिलाने का आश्वासन देता था.
पुलिस के अनुसार मंजीत ने बच्ची को एक घर में घरेलू काम करने के लिए रखवा दिया था, लेकिन लड़की को काम के एवज में मिले पैसे मंजीत अपने पास रखता था. एक साल बाद जब नाबालिग ने आरोपी से अपने पैसे की मांग की. नहीं मिलने पर वह पैसे के लिए मंजीत पर दबाव बनाने लगी. तब मंजीत ने सहयोगियों के साथ मिल कर उसकी हत्या की योजना बनायी.
इसके बाद नाबालिग के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर हत्या कर दी और शव को एक बैग में बंद कर फेंक दिया. शव बरामद होने के बाद मामले में दिल्ली के मियनवाली नगर थाना में केस दर्ज हुआ था.
घटना के बाद आस-पास के लोगों से पूछताछ करने पर भी शव की पहचान नहीं हुई थी, लेकिन पुलिस को स्थानीय लोगों से यह जानकारी मिली कि घटना के बाद से एक किरायेदार, जो गुमला का रहने वाला था, अचानक से लापता है. युवक की तलाश में गुमला में छापेमारी भी हुई थी, लेकिन वह घर में नहीं मिला था, लेकिन दिल्ली आने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार किया था.
जानकारी के अनुसार 30 जुलाई, 2017 को उक्त नाबालिग काम करने दिल्ली गयी थी. शव बरामद करने के बाद दिल्ली पुलिस उसके के भाई शंकर को लेकर दिल्ली गयी थी. तब वह भी क्षत-विक्षत शव को नहीं पहचान सका था. पर शव का अंतिम संस्कार दिल्ली में ही कर लौटा. अब महीनों बाद बाद वह सकुशल घर लौट आयी है.
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