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रांची : सरकार ने हड़ताली पारा शिक्षकों को 20 नवंबर तक का दिया था अल्टीमेटम, समाप्त, होंगे बर्खास्त

Updated at : 21 Nov 2018 6:20 AM (IST)
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रांची : सरकार ने हड़ताली पारा शिक्षकों को 20 नवंबर तक का दिया था अल्टीमेटम, समाप्त, होंगे बर्खास्त

रांची : राज्य सरकार द्वारा हड़ताली पारा शिक्षकों को काम पर लौटने के लिए दिया गया अल्टीमेटम 20 नवंबर को समाप्त हो गया. पारा शिक्षक स्कूल नहीं लौटे. स्कूल लौटने का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद अब शिक्षा विभाग ने पूर्व की घोषणा के अनुरूप वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टेट सफल, 65 वर्ष से कम […]

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रांची : राज्य सरकार द्वारा हड़ताली पारा शिक्षकों को काम पर लौटने के लिए दिया गया अल्टीमेटम 20 नवंबर को समाप्त हो गया. पारा शिक्षक स्कूल नहीं लौटे. स्कूल लौटने का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद अब शिक्षा विभाग ने पूर्व की घोषणा के अनुरूप वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टेट सफल, 65 वर्ष से कम आयु के सेवानिवृत्त शिक्षक व शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अभ्यर्थियों की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है. राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा इस संबंध में सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेज दिया गया है.
सरकार द्वारा दिये गये समय की अवधि की समाप्ति के बाद अब पारा शिक्षकों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. हड़ताली पारा शिक्षक बर्खास्त किये गये जायेंगे. राज्य में पारा शिक्षकों की हड़ताल के कारण प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में पठन-पाठन बाधित हो रहा है. पारा शिक्षकों की हड़ताल का सबसे अधिक असर नव उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालयों में देखने को मिल रहा है. राज्य के अधिकतर नव उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय पारा शिक्षकों के भरोसे है. हड़ताल के कारण इन विद्यालयों में पठन-पाठन नहीं हो पा रहा है. विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना भी प्रभावित हो रहा है.
200 व 250 रुपये दिया जायेगा मानदेय : विद्यालय नहीं लौटने वाले पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त की जायेगी. इनकी जगह प्रतिनियुक्त टेट सफल अभ्यर्थी, सेवानिवृत्त शिक्षक व शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अभ्यर्थियों को पारा शिक्षकों को मिलने वाले मानदेय से राशि का भुगतान किया जायेगा. प्राथमिक कक्षा के लिए 200 व उच्च प्राथमिक कक्षा के लिए 250 रुपये दिये जायेंगे.
झारखंड के पारा शिक्षक परिवार के संग पहुंचे थाना, कहा: जेल भेजो
रांची : हड़ताली पारा शिक्षकों ने मंगलवार को राज्य भर में जेल भरो आंदोलन चलाया. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पारा शिक्षक अपने-अपने थाना क्षेत्र पहुंचे. पारा शिक्षकों के संग उनके परिवार के लोग भी थे. थाना पहुंच कर पारा शिक्षकों ने जेल भेजने की मांग की.
पुलिस प्रशासन ने कहा कि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं है, इसलिए उन्हें जेल नहीं भेजा जा सकता. कई थानों में पारा शिक्षक परिसर के बाहर गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना पर बैठ गये. पारा शिक्षकों ने जम कर नारेबाजी की. वे गिरफ्तार पारा शिक्षकों की रिहाई की मांग कर रहे थे. पलामू प्रमंडल में जेल भरो आंदोलन 22 नवंबर को होगा. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संजय दुबे ने कहा कि पारा शिक्षक सरकार की धमकी से डरने वाले नहीं हैं.
सरकार के अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद भी वे काम पर नहीं लौटे. जब तक पारा शिक्षकों की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा. पारा शिक्षक बुधवार से राज्य भर के बीआरसी के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देंगे. राज्य के पारा शिक्षक 16 नवंबर से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. वे छत्तीसगढ़ के तर्ज पर स्थायीकरण व वेतनमान देने की मांग कर रहे हैं.
टेट सफल अभ्यर्थी का करेंगे विरोध : सरकार ने हड़ताली पारा शिक्षकों की जगह शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल, 65 वर्ष से कम आयु के सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षक व शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अभ्यर्थियों की सेवा लेने का निर्णय लिया है.
इधर, एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा है वे टेट सफल अभ्यर्थियों को विद्यालय में योगदान नहीं देने देंगे. सरकारी शिक्षकों के संघ ने भी हड़ताली पारा शिक्षकों का समर्थन किया है. पारा शिक्षक की जगह सरकारी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का शिक्षक संघ ने विरोध किया है. राज्य के लगभग सभी शिक्षक संघों ने पारा शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन किया है.
रांची : मुख्यमंत्री अपने शब्द वापस लें : झाविमो
रांची : झाविमो प्रवक्ता सुनीता सिंह ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता ने शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है. पारा शिक्षकों को गुंडा कहने पर पार्टी मांग करती है कि सरकार पारा शिक्षकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करना बंद करे तथा मुख्यमंत्री रघुवर दास अपने शब्दों को वापस लें और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करें.
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