रांची : प्रशासन के फरमान से पटाखा विक्रेताओं में असमंजस की स्थिति
Author Prabhat khabar digital desk
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रांची: जिला प्रशासन के फरमान से थोक व खुदरा पटाखा विक्रेता असमंजस में हैं. खुदरा पटाखा व्यवसायी दुकान लगाने को लेकर पसोपेश में हैं. प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि जिला मुख्यालय से सात किमी के बाहर ही पटाखे की खुदरा दुकान लगानी है. दूसरी ओर अधिकारियों का यह भी कहना है कि कोकर-हरमू […]
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रांची: जिला प्रशासन के फरमान से थोक व खुदरा पटाखा विक्रेता असमंजस में हैं. खुदरा पटाखा व्यवसायी दुकान लगाने को लेकर पसोपेश में हैं. प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि जिला मुख्यालय से सात किमी के बाहर ही पटाखे की खुदरा दुकान लगानी है. दूसरी ओर अधिकारियों का यह भी कहना है कि कोकर-हरमू में जहां अग्निशमन वाहन आसानी से पहुंच सकते हैं, वैसी जगहों पर पटाखे बेचे जा सकते हैं.
भीड़-भाड़ वाले इलाके जैसे डोरंडा बाजार में पटाखों की खुदरा दुकानें नहीं लगेंगी. जहां भीड़ नहीं है वहां शेड लगाकर पटाखे बेचे जा सकते हैं. इधर, संबंधित थाना पुलिस शेड लगा कर पटाखा की खुदरा दुकानें नहीं लगाने दे रही है. कुछ दिनों पहले पटाखा व्यवसायियों ने एडीएम अखलेश सिंह व एनडीसी राजेश कुमार के समक्ष अपनी बातें रखी थीं. सेठ सीता राम स्कूल परिसर में बने कलस्टर में भी एक भी दुकान नहीं लगी है.
इधर, शहर में जहां कलस्टर बनाये गये हैं, वहां भी दुकानें नहीं सज रही हैं. न ही पर्याप्त संख्या में खुदरा विक्रेता व ग्राहक आ रहे हैं. हरमू मैदान में भी कलस्टर बनाया गया है, पर वहां दुकानें नहीं लग रही हैं. वहीं मोरहाबादी मैदान में बने कलस्टर में 17 थोक विक्रेताओं को लाइसेंस दिया गया है, पर वहां 10 दुकान ही लगायी गयी है. वहीं, जयपाल सिंह स्टेडियम में खुदरा पटाखा विक्रेताओं की मात्र चार दुकान लगी है, जबकि यहां लगभग 50 व्यवसायियों को लाइसेंस दिया गया है.
थोक विक्रेताओं की परेशानी: मोरहाबादी मैदान में दुकान लगाने वाले थोक विक्रेताओं कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार स्थिति काफी खराब है. प्रशासन के आदेश की वजह से परेशानी बढ़ गयी है. हमलोगों को साल भर से दीपावली का इंतजार रहता है. पटाखे में करोड़ाें रुपये फंस गये हैं. खुदरा व्यवसायियों को दुकान नहीं लगाने दिया जा रहा है, जिस वजह से वे लोग पटाखे नहीं ले रहे हैं. अभी तक 30 प्रतिशत ही बिक्री हुई है. व्यवसायियों का कहना है अगर यही स्थिति रही, तो इस पेशे को बंद कर देंगे. मोरहाबादी मैदान में कलस्टर में दुकानदारों द्वारा शेड बनाया गया है. उसे तैयार करने में एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए हैं.
नहीं बिक रहे पटाखे
जयपाल सिंह स्टेडियम के पटाखा के खुदरा दुकानदारों का कहना है कि इस वर्ष पटाखों की बिक्री नहीं के बराबर है. अपनी स्थायी दुकान को छोड़कर जयपाल सिंह स्टेडियम में दुकान लगायी, लेकिन यहां स्थिति ठीक नहीं है. ग्राहक नहीं आ रहे हैं.
पटाखे बेचने के लिए जगह तय कर दी गयी है. मुख्यालय से सात किमी दायरे के बाहर खुदरा पटाखे की बिक्री करनी है. थाेक के अलावा खुदरा व्यवसायियों को भी लाइसेंस दिये गये हैं, लेकिन भीड़ वाले इलाके में दुकानें नहीं लगेंगी. अगर व्यवसायियों को किसी प्रकार की परेशानी हो रही है, तो बतायें.
राय महिमापत रे, डीसी, रांची
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