रांची : 129 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित करने की अनुशंसा करेगी सरकार

Updated at : 01 Nov 2018 7:47 AM (IST)
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रांची : 129 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित करने की अनुशंसा करेगी सरकार

रांची : राज्य सरकार 129 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित करने की अनुशंसा केंद्र से करेगी. इसमें संताल व पलामू प्रमंडल को पूर्णत: सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जायेगा. छह जिलाें को छोड़कर अन्य सभी जिलों के कई प्रखंड सूखाग्रस्त घोषित होंगे. बुधवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य में धान की खेती की स्थिति को लेकर […]

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रांची : राज्य सरकार 129 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित करने की अनुशंसा केंद्र से करेगी. इसमें संताल व पलामू प्रमंडल को पूर्णत: सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जायेगा. छह जिलाें को छोड़कर अन्य सभी जिलों के कई प्रखंड सूखाग्रस्त घोषित होंगे.
बुधवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य में धान की खेती की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की. इस मौके पर उन्होंने किसानों के सहायतार्थ 100 करोड़ देने की घोषणा की. साथ ही फसल बीमा का लाभ किसानों को जल्द देने का आश्वासन दिया. हर विभाग को तय समय में रिपोर्ट देने को कहा गया है. सुखाड़ग्रस्त क्षेत्र में रबी फसल बीज पर सब्सिडी 50 से बढ़ाकर 90% की जायेगी.
सुखाड़ क्षेत्रों के सभी गांवों को पांच लाख भेजें
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुखाड़ क्षेत्रों के सभी गांवों में प्राथमिकता के साथ ग्राम विकास समिति और आदिवासी विकास समिति को दिये जाने वाले पांच लाख रुपये यथाशीघ्र भेज दें. बैठक में कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि कृषि विभाग पूरी मुस्तैदी से सभी किसानों के हित में कार्य करेगा तथा किसानों को कोई परेशानी न हो इसका ख्याल रखेगा.
बैठक में कृषि मंत्री रणधीर सिंह, मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव (वित्त) सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव (जल संसाधन) अरुण कुमार सिंह, प्रधान सचिव (गृह) एसकेजी रहाटे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, कृषि सचिव पूजा सिंघल, भू राजस्व सचिव केके सोन, पेयजल स्वच्छता सचिव अाराधना पटनायक, खाद्य आपूर्ति सचिव अमिताभ कौशल आदि मौजूद थे.
जिलों से 10 नवंबर तक रिपोर्ट तलब
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के पदाधिकारी संभावित सुखाड़ग्रस्त क्षेत्र को चिह्नित करते हुए 10 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट दे दें. साथ ही उस क्षेत्र में कराये जानेवाले कार्यों की योजना तथा वित्तीय मांग से संबंधित रिपोर्ट पांच दिनों में दें. 21 नवंबर से पहले राज्य सरकार द्वारा सूखाग्रस्त क्षेत्रों पर एक समग्र रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जायेगी.
सभी मुखिया के खाते में 10 हजार भेजे गये
मुख्यमंत्री ने किसी भी स्थिति में सूखाग्रस्त क्षेत्र में अनाज की कमी नहीं होने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी पंचायतों के मुखिया के खाते में 10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं, ताकि पंचायत में कोई भूखा न रहे.
उन्होंने कहा कि वृद्ध व्यक्ति जिसके पास राशन कार्ड नहीं है, उसे अन्नपूर्णा योजना के तहत 10 किलो अनाज दिए जाने का प्रावधान है. शीघ्र पूरे राज्य में कैंप लगा कर इसकी जानकारी तथा अनाज उपलब्ध कराया जाये.
किसानों से ऋण वसूली पर मार्च तक रोक
मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर सुखाड़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और इसका प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने सुखाड़ग्रस्त घोषित होने के बाद प्रभावित क्षेत्र के किसानों से ऋण, सहकारिता ऋण, राजस्व लगान, सेस, पटवन शुल्क, विद्युत शुल्क की वसूली मार्च 2019 तक नहीं करने का निर्देश दिया. इसके लिए बैंकर्स की बैठक बुलाने को कहा.
इन क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम योजना बनाने का निर्देश दिया. मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार के बदले 150 दिनों का रोजगार देने का निर्देश दिया. सुखाग्रस्त क्षेत्रों में कैंप लगा कर किसानों को पशु चारा , चिकित्सा व दवा उपलब्ध कराने को कहा. प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र एवं उपस्वास्थ्य केंद्र में एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा.
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