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दिल्ली में बढ़ी बात, नवंबर में तैयार होगा महागठबंधन का खाका, छोटे दलों को भी फोल्डर में लाने की होगी कोशिश

Updated at : 29 Oct 2018 8:18 AM (IST)
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दिल्ली में बढ़ी बात, नवंबर में तैयार होगा महागठबंधन का खाका, छोटे दलों को भी फोल्डर में लाने की होगी कोशिश

यूपीए : संघर्ष यात्रा के बाद बात करेंगे हेमंत सोरेन, बाबूलाल मरांडी और राजद के नेता भी साथ बैठेंगे विपक्ष के नेता कर चुके एक राउंड की बातचीत, लोकसभा चुनाव को लेकर एक फॉर्मूला भी तैयार रांची : विपक्ष के महागठबंधन को लेकर दिल्ली में बात बढ़ी है. नवंबर के दूसरे सप्ताह में महागठबंधन का […]

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यूपीए : संघर्ष यात्रा के बाद बात करेंगे हेमंत सोरेन, बाबूलाल मरांडी और राजद के नेता भी साथ बैठेंगे

विपक्ष के नेता कर चुके एक राउंड की बातचीत, लोकसभा चुनाव को लेकर एक फॉर्मूला भी तैयार

रांची : विपक्ष के महागठबंधन को लेकर दिल्ली में बात बढ़ी है. नवंबर के दूसरे सप्ताह में महागठबंधन का खाका तैयार हो सकता है. विपक्ष के नेताओं की एक राउंड की बातचीत भी हुई है. इसमें लोकसभा चुनाव को लेकर एक फॉर्मूला भी तैयार किया गया है. कांग्रेस लोकसभा चुनाव में सात सीटें चाहती है. उधर, झामुमो ने शर्त रखी है कि लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर भी सहमति तैयार की जाये. इसको लेकर विपक्ष के नेताओं के बीच बातचीत चल रही है.

छठ पूजा के बाद दिल्ली में नेताओं की बैठक होगी. झामुमो नेता फिलहाल संघर्ष यात्रा में व्यस्त हैं. हेमंत ने कांग्रेस के आला नेताओं को संदेश भिजवाया है कि वह पूजा के बाद बैठेंगे. सूचना के मुताबिक झाविमो नेता बाबूलाल मरांडी और राजद के नेताओं को भी दिल्ली बुलाया जा सकता है. इस बैठक में विधानसभा के सीट बंटवारे को लेकर फॉर्मूला तैयार होगा.

लोकसभा की एक-दो सीटों पर पेच सुलझाने का टास्क

यूपीए गठबंधन में लोकसभा चुनाव में एक-दो सीटों पर पेच सुलझाने का टास्क है. गीता कोड़ा के कांग्रेस के शामिल होने के बाद चाईबासा सीट को लेकर मामला फंस रहा है. इस सीट पर झामुमो की दावेदारी है.

झामुमो की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा एसटी सीटें उसे पाले में आयें. वहीं, गोड्डा सीट पर झाविमो ने कदम आगे बढ़ाया है. झाविमो यहां से प्रदीप यादव को प्रत्याशी बनाना चाहता है. झाविमो का कांटा कांग्रेस के फुरकान अंसारी से फंस रहा है. इसी तरह पलामू व चतरा में से कोई एक सीट झाविमो को दी गयी, तो राजद के साथ तनातनी होगी. नवंबर में विपक्षी दलों के आला नेताओं को इन सीटों पर रास्ता निकालने की चुनौती होगी.

छोटे दलों को भी फोल्डर में लाने की कोशिश होगी

यूपीए के फोल्डर में कुछ छोटे दलों को भी लाने की कोशिश होगी. झारखंड पार्टी, बसपा और वामदलों को विधानसभा में एडजस्ट करने की कोशिश होगी. कई विधानसभा सीटों में इन पार्टियों का दबदबा है. झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी इन दलों को साथ लेकर चलने के पक्ष में हैं. खूंटी-सिडेगा के इलाके में एनोस एक्का की पार्टी के पैठ का फायदा लेना चाहती है. वहीं, पलामू के खास इलाके के लिए बसपा को लेकर चलने की रणनीति पर भी यूपीए के अंदर विचार हो सकता है.

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