रांची : तीन साल में सीआइडी ने नहीं निकाला सीडीआर, खुल सकते थे कई राज
Updated at : 25 Oct 2018 1:05 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : पलामू के चर्चित बकोरिया मुठभेड़ कांड की जांच सीआइडी करीब तीन सालों तक करती रही. लेकिन इस दौरान जांच एजेंसी ने सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) तक नहीं निकाला. जबकि घटना होने के बाद पुलिस सबसे पहले सीडीआर का ही सहारा लेती है, ताकि अपराधियों और मौके पर मौजूद लोगों का पता लगाया जा […]
विज्ञापन
रांची : पलामू के चर्चित बकोरिया मुठभेड़ कांड की जांच सीआइडी करीब तीन सालों तक करती रही. लेकिन इस दौरान जांच एजेंसी ने सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) तक नहीं निकाला. जबकि घटना होने के बाद पुलिस सबसे पहले सीडीआर का ही सहारा लेती है, ताकि अपराधियों और मौके पर मौजूद लोगों का पता लगाया जा सके. सीआइडी ने सीडीआर निकालने के लिए करीब दो साल बाद मोबाइल कंपनियों को पत्र भेजा था. लेकिन कंपनियों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि एक साल से ज्यादा पुराना डाटा वे लोग स्टोर नहीं रखते.
जानकार बताते हैं कि पुलिस यह भी कह सकती है कि एसओपी का नियम है कि मुठभेड़ के दौरान मोबाइल लेकर नहीं जाया जाता. लेकिन अगर मुठभेड़ में शामिल पुलिस वाले घटनास्थल पर मोबाइल लेकर नहीं गये थे, तो उनके मोबाइल से तब तक बात नहीं हो सकती, जब तक कि वे वापस अपने कैंप नहीं लौट जायें.
अगर कोबरा बटालियन के जवानों और सतबरबा ओपी के पुलिसकर्मियों की बात फोन पर उनके घटनास्थल पर रवानगी से लेकर मुठभेड़ स्थल से लौटने के बीच हुई होगी, तो साफ है कि वह पुलिसकर्मी मुठभेड़ में शामिल नहीं था. ऐसे में अब सीबीआइ के लिए भी घटना के वक्त का सीडीआर निकालना चुनौती होगी.
घटना आठ जून 2015 को हुई. इसके 72 घंटे के अंदर सीआइडी को मामले को टेकओवर करना चाहिए था. लेकिन एजेंसी ने ऐसा नहीं किया. करीब छह माह बाद मामले को टेकओवर किया गया. जांच को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी सवाल खड़े किये थे़ पूर्व के अनुसंधानकर्ता व सुपरविजन करनेवाले अफसर पर कार्रवाई का निर्देश दिया था.
इस पर भी पूरी तरह से अमल नहीं किया गया. सिर्फ अनुसंधानकर्ता व सुपरविजन करनेवाले अफसर बदल दिये गये. अब सीबीआइ की जांच में वह चीजें भी सामने आयेंगी कि सीआइडी के स्तर से जांच के नाम पर क्या-क्या किया गया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




