रांची : प्लस टू स्कूलों में हाइस्कूल शिक्षकों का आरक्षण 50 से घट कर 25 फीसदी होगा

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
सुनील कुमार झा
रांची : राज्य के प्लस टू उच्च विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में हाइस्कूल शिक्षकों के लिए आरक्षण के कोटा में बदलाव किया जायेगा. राज्य में वर्तमान में प्लस टू उच्च विद्यालय की शिक्षक नियुक्ति में हाइस्कूल में कार्यरत शिक्षकों के लिए 50% सीट आरक्षित है.
हाइस्कूल शिक्षकों के लिए आरक्षित सीट 50% से घटा कर 25% की जायेगी. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. निदेशालय स्तर से इस आशय का प्रस्ताव स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह को भेजा गया है. राज्य गठन के बाद अब तक तीन बार प्लस टू उच्च विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति हुई है. इसमें हाइस्कूल में कार्यरत शिक्षकों को 50% आरक्षण का लाभ दिया गया.
वर्ष 2012 में 230 प्लस टू उच्च विद्यालयों में 1840 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए परीक्षा ली गयी थी. इसमें लगभग 1200 शिक्षक नियुक्त हुए थे. रिक्त रहे पद में से आधे से अधिक पद हाइस्कूल शिक्षकों के लिए आरक्षित थे.
इसके बाद वर्ष 2017 में 171 प्लस टू उच्च विद्यालयों में 513 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी थी. इसमें भौतिकी व रसायन विषय में शिक्षकों के लिए आरक्षित पद में से आधे से अधिक पद रिक्त रह गये थे. वर्ष 2018 में 280 प्लस टू उच्च विद्यालयों में 11 विषयों में 3080 प्लस टू शिक्षकों की नियुक्ति के लिए रिजल्ट जारी किया गया है.
इनमें से 1540 पद वर्तमान में राज्य के हाइस्कूल में कार्यरत शिक्षकों के लिए आरक्षित किया गया है, पर आरक्षित पद में से 95 फीसदी पद रिक्त रह गया. 1540 पद में से मात्र 105 पद के लिए ही कार्यरत शिक्षक परीक्षा पास कर सके.
नव चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच आज से
राज्य के 280 प्लस टू उच्च विद्यालयों में नियुक्ति के लिए चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच सोमवार से शुरू होगी. प्रमाण पत्रों की जांच प्रक्रिया 27 अक्तूबर तक चलेगी. राज्य के स्थापना दिवस के मौके पर नव नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया जायेगा. प्रमाण पत्र जांच के लिए शिक्षा विभाग ने छह टीम का गठन किया है.
प्रमाण पत्रों की जांच झारखंड एकेडमिक काउंसिल कार्यालय में होगी. जांच के दौरान चयनित अभ्यर्थियों के मैट्रिक, इंटर, स्नातक, स्नातकोत्तर व शिक्षक प्रशिक्षण के प्रमाण पत्रों की जांच की जायेगी. जांच के दौरान इस बात का विशेष रूप से ख्याल रखा जायेगा कि अभ्यर्थियों ने जिस सत्र में शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री प्राप्त की है, उस दौरान संस्थान को एनसीटीइ से मान्यता प्राप्त थी की नहीं. इसके अलावा अभ्यर्थी ने एक सत्र में स्नातक व बीएड की पढ़ाई तो नहीं की है. प्रमाण पत्रों की जांच की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग करायी जायेगी.
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने तैयार किया प्रस्ताव, शिक्षा सचिव को भेजा
सीधी नियुक्ति से भरे जायेंगे पद
हाइस्कूल शिक्षकों के लिए आरक्षित पद में से नियुक्ति के बाद रिक्त रह गये पदों पर अब सीधी नियुक्ति की जायेगी. प्रावधान के अनुरूप अगर लगातार तीन नियुक्ति के बाद भी किसी विषय में हाइस्कूल शिक्षकों के लिए आरक्षित पद रिक्त रह जाता है, तो उसे सीधी नियुक्ति से भर दिया जायेगा.
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इसकी भी प्रक्रिया शुरू कर दी है. राज्य में पिछली तीन नियुक्ति में रिक्त रह गये पदों पर भी नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू की जायेगी. उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के समय झारखंड में मात्र 59 प्लस टू उच्च विद्यालय थे. वर्तमान में 510 प्लस टू उच्च विद्यालय हैं. राज्य गठन के बाद दो चरण में 451 हाइस्कूल को प्लस टू उच्च विद्यालय में अपग्रेड किया गया है.
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