उग्रवादी संगठनों को आर्थिक मदद करने का आरोप है काेयला ट्रांसपोर्टर सोनू अग्रवाल पर, झारखंड से मिले हैं छह अंगरक्षक

Updated at : 10 Oct 2018 6:32 AM (IST)
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उग्रवादी संगठनों को आर्थिक मदद करने का आरोप है काेयला ट्रांसपोर्टर सोनू अग्रवाल पर, झारखंड से मिले हैं छह अंगरक्षक

दुर्गापुर/रांची : दुर्गापुर शहर के विधाननगर रोबिन मुकुंद सरणी निवासी कोयला ट्रांसपोर्टर व उद्योगपति सोनू अग्रवाल को झारखंड पुलिस से छह अंगरक्षक मिले है. इनमें हजारीबाग से दो, रांची से दो और धनबाद जिले से दो अंगरक्षक मिले हुए हैं. हजारीबाग के एसपी मयूर कन्हैया पटेल ने मंगलवार को बताया कि सोनू अग्रवाल को दो […]

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दुर्गापुर/रांची : दुर्गापुर शहर के विधाननगर रोबिन मुकुंद सरणी निवासी कोयला ट्रांसपोर्टर व उद्योगपति सोनू अग्रवाल को झारखंड पुलिस से छह अंगरक्षक मिले है. इनमें हजारीबाग से दो, रांची से दो और धनबाद जिले से दो अंगरक्षक मिले हुए हैं.
हजारीबाग के एसपी मयूर कन्हैया पटेल ने मंगलवार को बताया कि सोनू अग्रवाल को दो अंगरक्षक हजारीबाग से मिला है. सोनू जब भी दुर्गापुर जाता है, तो साथ में अंगरक्षकों को ले जाने का आदेश रेंज डीआइजी से लेता है. धनबाद से काफी पहले अग्रवाल को एक अंगरक्षक मिला था. फिर कुछ माह पहले एक और अंगरक्षक धनबाद पुलिस से मिला है. अग्रवाल का चिरकुंडा में ससुराल है.
सूत्र बताते हैं कि अग्रवाल को रांची जिला से भी दो अंगरक्षक मिला हुआ है. इसमें से जुलाई में अग्रवाल को मिला एक अंगरक्षक प्रिंस सिंह शराब की तस्करी के आरोप में बिहार के वैशाली जिले की पुलिस के हत्थे चढ़ा था. वह जेल भी गया था. फिलवक्त वह जमानत पर बाहर है.
मामले की जानकारी मिलने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि धनबाद से भी अग्रवाल को दो अंगरक्षक मिले हुए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि सोनू अग्रवाल को इतने सारे अंगरक्षक किस आधार पर व किनके कहने पर दिये गये. क्योंकि अग्रवाल पर उग्रवादी संगठनों को आर्थिक तौर पर मदद करने का गंभीर आरोप लगा है. जबकि झारखंड पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है.
छापेमारी के दौरान लीगल एडवाइजर को अग्रवाल के घर पर जाने से रोका : सोनू अग्रवाल के आवास पर मंगलवार को एनआइए ने छापेमारी की. इस दौरान अग्रवाल खुद नहीं थे. जबकि उनकी पत्नी, बेटी और नौकर आदि मौजूद थे. छापा के दौरान अग्रवाल के लीगल एडवाइजर अधिवक्ता सुजीत राय दोपहर डेढ़ बजे उनके आवास पर पहुंचे. उन्होंने अग्रवाल के परिजनों से मिलने देने के लिए पुलिसकर्मियों से बात की. लेकिन उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गयी.
अधिवक्ता श्री राय ने कहा कि लीगल एडवाइजर होने के कारण सूचना मिली है कि एनआइए की टीम जांच के लिए आयी है. टीम क्यों जांच कर रही है, इसकी जानकारी लेने तथा अपने मुवक्किल की मदद करना उनका दायित्व है. घर में पत्नी और उनकी बच्ची अकेले हैं तथा इस कार्रवाई से वे काफी भयभीत हैं. उन्हें सांत्वना देना जरूरी है.
इन तर्कों के बावजूद उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया. आवास में सोनू अग्रवाल की पत्नी व बच्चे के साथ-साथ नौकर भी मौजूद थे. उन्हें भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया. सूत्र बताते हैं कि श्री अग्रवाल को सुरक्षा के लिए झारखंड सरकार से चार पुलिसकर्मी मिले हुए हैं. हालांकि इसकी पुष्टि झारखंड के पुलिस के स्तर से नहीं की गयी है.
अंगरक्षक उनके आवास पर तैनात कर रखे गये हैं. कांकसा थाना अंतर्गत बामूनारा स्थित उनके कारखाने जयश्री इस्पात परिसर में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) ने मंगलवार की सुबह छापेमारी की. संध्या आठ बजे तक जांच जारी थी. जांच एजेंसी के महानिरीक्षक (पॉलिसी) आलोक कुमार मित्तल ने बताया कि अति वामपंथी संगठनों (माओवादी) को आर्थिक मदद दिये जाने के मामले में जांच चल रही है. जांच पूरी होने के बाद ही विवरण दिया जायेगा.
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