रांची : प्रतिदिन 300 टन कचरे का उठाव करें शहर से

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Oct 2018 5:46 AM

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रांची एमएसडब्ल्यू को आदेश रांची : राजधानी की सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर नगर आयुक्त मनोज कुमार ने बुधवार को रांची एमएसडब्ल्यू के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें नगर आयुक्त ने कहा कि कंपनी के ज्यादातर कचरा उठाने वाले वाहन खराब हैं. इस वजह से शहर में कचरे का उठाव ठीक ढंग से नहीं […]

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रांची एमएसडब्ल्यू को आदेश
रांची : राजधानी की सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर नगर आयुक्त मनोज कुमार ने बुधवार को रांची एमएसडब्ल्यू के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें नगर आयुक्त ने कहा कि कंपनी के ज्यादातर कचरा उठाने वाले वाहन खराब हैं. इस वजह से शहर में कचरे का उठाव ठीक ढंग से नहीं हो रहा है.
नगर आयुक्त ने कहा कि कंपनी यह प्रयास करे कि उसके क्षेत्र में शामिल 33 वार्डों में कम से कम कचरा उठानेवाले 195 वाहन चलाये जायें और प्रतिदिन 300 टन कचरा झिरी में डंप किया जाये. कंपनी अगर इतनी मात्रा में कचरे का उठाव करती है, तो शहर की सफाई में काफी हद तक सुधार आ जायेगा. नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए रांची एमएसडब्ल्यू पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित करे.
नगर आयुक्त ने 20 अक्तूबर तक की डेडलाइन दी : नगर आयुक्त ने रांची एमएसडब्ल्यू के पदाधिकारियों से कहा कि कंपनी अगर 20 अक्तूबर तक अपने क्षेत्राधिकार के 33 वार्डों में बेहतर सफाई व्यवस्था बहाल कर लेती है, तो 21 अक्तूबर से कंपनी को शहर के 53 वार्डों के सफाई कार्य का जिम्मा सौंप दिया जायेगा.
कचरा उठाने वाले वाहनों में बजाया जायें जिंगल : नगर आयुक्त ने कहा कि जो भी कचरा उठानेवाले वाहन शहर में घूम रहे हैं, उसमें किसी प्रकार का जिंगल नहीं बजता है. इस कारण लोगों को पता ही नहीं चलता है कि वाहन मोहल्ले में आया भी है. इसलिए दो दिनों के अंदर सभी कूड़ा वाहनों का लाउडस्पीकर दुरुस्त कराया जाये.
जितनी जल्दी हो सके पहाड़ी से फ्लैग पोस्ट को हटाया जाये
उत्तम यादव, अध्यक्ष, राष्ट्रीय युवा शक्ति
हाल के दिनों में रांची पहाड़ी का भयावह रूप जनता के सामने आया है. एक प्रयोगशाला के रूप में इसका उपयोग किया गया, जिसकी वजह से यह खंडहर में तब्दील होती जा रही है. ऐसे में इसे बचाने के लिए शहर के सभी नागरिकों को आगे आकर आवाज बुलंद करनी होगी.
अगर सरकार और प्रशासन सच में इसे बचाने के लिए गंभीर हैं, तो सबसे पहले पहाड़ी की तलहटी में मिट्टी भरी जाये. क्योंकि, हाल के दिनों में भू-स्खलन से काफी मात्रा में मिट्टी यहां से बह गयी है. तलहटी में मिट्टी भरने के बाद पहाड़ी पर ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाये जायें, ताकि मिट्टी के कटाव को रोका जा सके. पहाड़ी के शिखर पर लगाये गये फ्लैग पोस्ट को यहां से हटाकर या तो मोरहाबादी मैदान या बड़ा तालाब में लगाया जाये. क्योंकि, यह फ्लैग पोस्ट आज सफेद हाथी बन कर रह गया है. न तो इसपर झंडा लहराता है और न ही इसका कोई दूसरा उपयोग हो रहा है.
तीसरी सबसे महत्वपूर्ण बात पहाड़ी के ऊपर जिस हॉल को तोड़ दिया गया है, बारिश में वहां पानी जमा हो जाता है. यही पानी रिस कर पहाड़ी के अंदर घुस रहा है. इसलिए अविलंब इस जगह पर हमें ऐसा कुछ निर्माण करना होगा. जिससे यहां पानी प्रवेश न कर पाये.
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