धालभूमगढ़ : सबर की मौत, घर में नहीं था अनाज
Updated at : 19 Sep 2018 1:27 AM (IST)
विज्ञापन

धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड की कानास पंचायत के छौड़िया गांव में विलुप्तप्राय आदिम जनजाति के चाम्टू सबर (45) की 16 सितंबर की सुबह मौत हो गयी. उसके जर्जर इंदिरा आवास में चार-पांच दिनों से अनाज नहीं था. प्रथमदृष्टया इसे भूख से मौत का मामला माना जा रहा है. हालांकि बीडीओ शालिनी खलको दावा है कि […]
विज्ञापन
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड की कानास पंचायत के छौड़िया गांव में विलुप्तप्राय आदिम जनजाति के चाम्टू सबर (45) की 16 सितंबर की सुबह मौत हो गयी. उसके जर्जर इंदिरा आवास में चार-पांच दिनों से अनाज नहीं था. प्रथमदृष्टया इसे भूख से मौत का मामला माना जा रहा है. हालांकि बीडीओ शालिनी खलको दावा है कि चाम्टू की मौत भूख से नहीं टीबी से हुई है.
चाम्टू की मां काड़ी सबर, पत्नी सुकुलमनी सबर, नाबालिग पुत्र भुटान सबर और छुटु सबर ने बताया कि उसके पिता के नाम से राशन गार्ड निर्गत नहीं था. नि:शुल्क खाद्यान्न (पीटीजी) भी नहीं मिलता था. चाम्टी सबर को टीबी से ग्रसित होने की बात सामने आयी है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उसका टीबी का पहचान पत्र निर्गत हुआ था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




