अफसर काम नहीं करना चाहते हवाबाजी बर्दाश्त नहीं : हाइकोर्ट
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :15 Sep 2018 12:42 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस कैलाश प्रसाद देव की अदालत में शुक्रवार को बेतला नेशनल पार्क लातेहार में वनकर्मियों पर अंधाधुंध गोली चलाने के मामले में सजायाफ्ता की अोर से दायर क्रिमिनल अपील याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गृह सचिव, डीजीपी, जोनल आइजी, डीआइजी, एसपी लातेहार, थाना प्रभारी […]
विज्ञापन
रांची : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस कैलाश प्रसाद देव की अदालत में शुक्रवार को बेतला नेशनल पार्क लातेहार में वनकर्मियों पर अंधाधुंध गोली चलाने के मामले में सजायाफ्ता की अोर से दायर क्रिमिनल अपील याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गृह सचिव, डीजीपी, जोनल आइजी, डीआइजी, एसपी लातेहार, थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों को कड़ी फटकार लगायी. पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की.
हालात पर पुलिस अधिकारी स्वयं गाैर करें : अदालत ने डीजीपी डीके पांडेय को फटकार लगाते हुए माैखिक रूप से कहा कि राज्य की पुलिस अधिकारी लापरवाह व सुस्त हैं. किसी मामले में 15 वर्ष से आरोपी फरार रहता है आैर पुलिस को उसकी जानकारी तक नहीं मिल पाती है. वरीय अधिकारियों को अदालत में बुलाया जाता है, तो आरोपी गिरफ्तार हो जाता है.
इसका क्या संदेश है. इन हालातों पर पुलिस अधिकारियों को स्वयं गाैर करना चाहिए. अधिकारियों को क्यों हाइकोर्ट के आदेश का इंतजार रहता है. अब क्या अदालत बतायेगी कि पुलिस को क्या करना चाहिए. पुलिस मैनुअल में सब कुछ लिखा हुआ है. पुलिस मैनुअल के अनुसार कार्य क्यों नहीं करती है. मनमाने तरीके से अधिकारी क्यों कार्य करते हैं.
कोई भी अधिकारी काम नहीं करना चाहता : अदालत ने कहा कि अधिकारियों के शिथिल रवैये के कारण कोई काम नहीं हो पाता है. कोई भी अधिकारी कार्य करना नहीं चाहता है. अधिकारी यदि सही तरीके से कार्य नहीं करेंगे, तो राज्य में लॉ एंड ऑडर कैसे सुधरेगा. लोगों का विश्वास कायम रहना चाहिए. हवाबाजी व लापरवाही बरदास्त नहीं की जायेगी. अधिकारी अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार लायें, अन्यथा अदालत को सख्त आदेश देने के लिए बाध्य होना पड़ेगा.
एसपी लातेहार को फटकारा : एसपी लातेहार को फटकार लगाते हुए अदालत ने कहा कि आपके खिलाफ क्यों नहीं अवमानना का मामला चलाया जाये. आपके कारण उच्चाधिकारियों को कोर्ट में उपस्थित होकर शर्मसार होना पड़ा. वैसे नोडल अधिकारियों को काम दिया जाये, जो अदालत के आदेश अपने अधिकारी तक ससमय पहुंचा सकें. ऐसे अधिकारी नहीं दिये जायें, जिन्हें स्वयं पता नहीं चल सके कि अदालत ने क्या आदेश दिया है. सुदूरवर्ती इलाकों में पदस्थापन से बचने के लिए अधिकारी नोडल अधिकारी बनते हैं.
डीजीपी को 70 दिनों का समय दिया : अदालत ने डीजीपी को 70 दिनों का समय देते हुए कहा कि आप सभी लंबित वारंटों का तामीला करा कर अदालत में शपथ पत्र दायर करें.
पुलिस मैनुअल के प्रावधान फार्म-16 के तहत दायर की जाये. थानावार वारंट की स्थिति की अद्यतन जानकारी देने के लिए डीजीपी अदालत से 60 दिनों की मोहल्लत मांग रहे थे. डीजीपी ने अदालत को बताया कि उन्होंने सभी जिले के एसपी को आदेश दिया है कि जितने भी वारंट निर्गत है, उसका तामीला कराते हुए शीघ्र पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट दें. इससे पूर्व सुनवाई के दौरान राज्य के गृह सचिव, डीजीपी, जोनल आइजी, डीआइजी, लातेहार के एसपी, बरवाडीह थाना प्रभारी व मामले के अनुसंधानकर्ता सशरीर उपस्थित थे.
कोर्ट को जवाब नहीं दे सके एसपी
अदालत ने लातेहार एसपी को फटकार लगाते हुए कहा कि थाना जाते होंगे. थाना में वारंट से संबंधित रजिस्टर होता है. क्या आप यह बता सकते हैं कि लातेहार जिले में कितने मामले लंबित हैं. कितने स्थायी वारंट का तामिला नहीं हो पाया है. यदि तामिला नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों पर आपने क्या कार्रवाई की.
एसपी इसका जवाब नहीं दे सके. अदालत के आदेश को हल्के में लेने का प्रयास अधिकारी नहीं करें, आदेश का अनुपालन किया जाये. आदेश देकर अदालतें भूल जाती है, यह अपने मन से अधिकारी निकाल दें. अदालत प्रत्येक केस की मॉनेेटरिंग करता है.
महाधिवक्ता ने बताया
महाधिवक्ता अजीत कुमार ने अधिकारियों की अोर से अदालत को बताया कि गोलीकांड मामले के आरोपी दशरथ सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. वारंट का तामिला कर लिया गया है.
क्या है मामला
लातेहार जिले में अवस्थित बेतला नेशनल पार्क में वर्ष 2003 में वनपाल व अन्य वनकर्मी ड्यूटी कर रहे थे. इसी बीच वनकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग की गयी. इस मामले में बरवाडीह थाना में दशरथ सिंह व हरि सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. पुलिस ने हरि सिंह को गिरफ्तार कर लिया. वहीं दूसरा आरोपी दशरथ सिंह फरार हो गया.
बाद में लातेहार पुलिस ने दशरथ सिंह के खिलाफ अदालत से स्थायी वारंट प्राप्त कर लिया. आरोपी दशरथ सिंह को वर्ष 2003 में फरार घोषित करते हुए पुलिस ने अदालत में अंतिम प्रपत्र साैंप दिया. हरि सिंह को सजा सुनायी गयी. हरि सिंह ने अपील याचिका दायर कर सजा को चुनाैती दी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










