रांची : टाटीसिलवे में उद्योगों को बंद कराने की साजिश, उत्पादन ठप करने का प्रयास

Updated at : 31 Aug 2018 12:36 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : टाटीसिलवे में उद्योगों को बंद कराने की साजिश, उत्पादन ठप करने का प्रयास

रांची : टाटीसिलवे इलाके में एक ताे बहुत कम उद्याेग बचे हैं. जाे बचे हैं, उन्हें भी बंद कराने की साजिश की जा रही है. हाल ही में एक छाेटी कंपनी में ठेका मजदूराें पर दबाव बना कर उत्पादन काे प्रभावित करने का प्रयास किया गया है. आराेप है कि मजदूराें काे लाेभ दिखा कर […]

विज्ञापन
रांची : टाटीसिलवे इलाके में एक ताे बहुत कम उद्याेग बचे हैं. जाे बचे हैं, उन्हें भी बंद कराने की साजिश की जा रही है. हाल ही में एक छाेटी कंपनी में ठेका मजदूराें पर दबाव बना कर उत्पादन काे प्रभावित करने का प्रयास किया गया है. आराेप है कि मजदूराें काे लाेभ दिखा कर सिल्ली के पूर्व विधायक अमित महताे आैर उनके समर्थकाें द्वारा छाेटी-छाेटी कंपनियाें पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है. ऐसी कंपनियाें में बाहरी नेता हस्तक्षेप कर कर्मचारियाें काे गुमराह कर रहे हैं.
खबर है कि इसमें एचइसी के एक ऐसे पूर्व नेता इन छाेटी कंपनियाें में अशांति फैलाने में लगे हुए हैं. उन पर पहले भी दर्जनाें छाेटी-छाेटी कंपनियाें में अशांति पैदा कर उन्हें बंद करा देने का आराेप है. कंपनी के कर्मचारियाें का कहना है कि वे काम करना चाहते हैं,लेकिन भय के कारण वे जा नहीं पा रहे हैं.
उन कर्मचारियाें का कहना है कि वे जानते हैं कि कंपनी बंद करा देने से उनका भविष्य बर्बाद हाे जायेगा. साथ ही जब तक काम नहीं हाेगा, उन्हें उस अवधि का वेतन भी नहीं मिलेगा
इधर एक कंपनी के अधिकारी ने बताया कि अगर ये हालात रहे ताे झारखंड में काैन उद्याेग लगायेगा. एक आेर सरकार यह प्रयास कर रही है कि बाहर से उद्याेग झारखंड आये आैर यहां विकास हाे, लेकिन दूसरी आेर यहां उद्याेग विराेध तत्व हावी हैं.
वे कर्मचारियाें काे भड़का रहे हैं आैर खुली धमकी भी दे रहे हैं. इनमें कुछ लाेग अपने काे झारखंड मुक्ति माेरचा का कार्यकर्ता भी बताते हैं. खबर है कि कुछ दिन पहले इन्हीं लाेगाें ने सरकारी अधिकारियाें-कर्मचारियाें काे बंधक बना कर रखा था.
ये अधिकारी भी इतने भयभीत थे कि उन्हाेंने भी पुलिस से काेई शिकायत नहीं की. उक्त अधिकारी का कहना है कि बेहतर माहाैल बनाना प्रशासन का काम है. एेसा नहीं हाेने पर झारखंड में न ताे काेई नया उद्याेग आयेगा आैर न ही यहां के उद्याेग बच पायेंगे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola