रांची : बुलावे पर नहीं आये चावल नहीं देनेवाले मिल मालिक
Updated at : 27 Aug 2018 7:29 AM (IST)
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रांची : खाद्य आपूर्ति विभाग ने उन चावल मिल मालिकों को वार्ता के लिए बुलाया था, जिनके पास बड़ी मात्रा में सरकारी चावल बकाया है. सरकार को चावल देने की समय सीमा (30 जून) समाप्त होने तथा इसकी विस्तारित अवधि (30 सितंबर) नजदीक रहने, फिर भी चावल नहीं मिलने के मामले में वार्ता के लिए […]
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रांची : खाद्य आपूर्ति विभाग ने उन चावल मिल मालिकों को वार्ता के लिए बुलाया था, जिनके पास बड़ी मात्रा में सरकारी चावल बकाया है.
सरकार को चावल देने की समय सीमा (30 जून) समाप्त होने तथा इसकी विस्तारित अवधि (30 सितंबर) नजदीक रहने, फिर भी चावल नहीं मिलने के मामले में वार्ता के लिए बुलाये जाने पर भी चार मिल मालिक 20 अगस्त को विभाग नहीं पहुंचे. इनमें मां देवड़ी राइस मिल बुंडू रांची, विष्णु राइस मिल नगड़ी रांची, हजारीबाग राइस मिल हजारीबाग तथा मां कामाख्या राइस मिल हजारीबाग शामिल हैं.
इससे पहले विभागीय सचिव ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों से कहा था कि वे इन बकायेदार मिल मालिकों को विभाग भेजें. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विभागीय निर्देश की अवहेलना जिला प्रशासन स्तर से हुई है या मिल मालिकों के स्तर से या फिर दोनों स्तर से.
क्या है मामला
दरअसल छह अगस्त तक के आंकड़े के मुताबिक राज्य के 20 चावल मिलों ने सरकार का करीब 1.39 लाख क्विंटल चावल अब तक नहीं दिया है. इसकी बड़ी मात्रा उपरोक्त चार चावल मिलों के ही पास है. खरीफ मौसम 2017-18 में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जो धान खरीदा गया था, यह चावल उसी का है.
इससे पहले भी कई मिल मालिकों ने सरकार से धान लेकर न इसका चावल दिया अौर न ही इसकी कीमत. इस मद में मिल मालिकों पर सरकार का 60 करोड़ रुपये बकाया है. उन बकायेदारों में भी उपरोक्त हजारीबाग राइस मिल व मां कामाख्या राइस मिल शामिल हैं.
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