झारखंड में गेहूं की पैदावार वर्ष 2022 तक पांच टन प्रति हेक्टेयर पहुंचाने का है लक्ष्य : कुलपति

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गेहूं के उत्पादन में झारखंड राज्य अब भी राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है रांची : बिरसा कृषि विवि के कुलपति डॉ पी कौशल ने कहा है कि गेहूं के उत्पादन में झारखंड अब भी राष्ट्रीय अौसत से काफी पीछे है. राष्ट्रीय अौसत 3.17 टन प्रति हेक्टेयर है, जबकि झारखंड में 2.12 टन प्रति हेक्टेयर […]

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गेहूं के उत्पादन में झारखंड राज्य अब भी राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है
रांची : बिरसा कृषि विवि के कुलपति डॉ पी कौशल ने कहा है कि गेहूं के उत्पादन में झारखंड अब भी राष्ट्रीय अौसत से काफी पीछे है. राष्ट्रीय अौसत 3.17 टन प्रति हेक्टेयर है, जबकि झारखंड में 2.12 टन प्रति हेक्टेयर है. 2022 तक झारखंड में गेहूं की पैदावार पांच टन प्रति हेक्टेयर पहुंचाने का लक्ष्य है.
डॉ कौशल ने कहा कि झारखंड में धान की फसल के बाद रबी फसल के लिए 28 लाख हेक्टेयर जमीन खाली पड़ी रहती है. यानी झारखंड की कृषि योग्य भूमि में 25 प्रतिशत पर ही रबी फसल का उत्पादन हो रहा है, जबकि 75 प्रतिशत भूमि खाली पड़ी हुई है.
इन भूमि का सही उपयोग, सूखे से निबटने, जमीन को अनुकूल बनाने व कम समय में अच्छी फसल देनेवाले बीज विकसित करने आदि पर देश-विदेश से कृषि वैज्ञानिक बिरसा कृषि विवि पहुंच रहे हैं. इस मुद्दे पर मंथन 24 से 26 अगस्त 2018 तक बिरसा कृषि विवि में होगा. 25 अगस्त को इसका विधिवत उदघाटन दिन के 11 बजे राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी. कार्यक्रम का समापन 26 अगस्त को अपराह्न चार बजे होगा.
इस मौके पर आइसीएआर के महानिदेशक (डीजी) डॉ टी माहापात्रा, उप महानिदेशक डॉ एके सिंह, सहायक महानिदेशक डॉ आरके सिंह, निदेशक डॉ जीपी सिंह विशेष रूप से वैज्ञानिकों की इस सामूहिक वार्षिक बैठक में भाग लेने आ रहे हैं. विदेश से मुख्य रूप से मैक्सिको, सीरिया, अाॅस्ट्रेलिया, नेपाल, भूटान आदि जगहों से 20 कृषि वैज्ञानिक पहुंच रहे हैं.
कुलपति डॉ पी कौशल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि इस बैठक में झारखंड में जौ की खेती पर भी विशेष चर्चा होगी. झारखंड में मात्र तीन हजार हेक्टेयर जमीन पर ही जौ की खेती हो रही है, जबकि इसकी मांग दिनों-दिन बढ़ रही है. कुलपति ने कहा कि गेहूं के लिए बिरसा गेहूं-03 बीज के साथ-साथ कानपुर से के -9107, पंजाब से पीवीडब्ल्यू-343, हरियाणा से एचडी-2967 बीज झारखंड के लिए उपयुक्त माना गया है.
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