रांची : भर्ती होने से पहले 5000 रुपये एडवांस देने होंगे

Updated at : 03 Aug 2018 5:33 AM (IST)
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रांची : भर्ती होने से पहले 5000 रुपये एडवांस देने होंगे

अस्पतालों की तर्ज पर रिम्स में भी मरीजों को मिलने लगी है सेवा कमरा एलॉट होते समय पांच दिन का चार्ज एकमुश्त देना होगा मरीज को पांच दिन से पहले छुट्टी हुई, तो शेष राशि मरीज या परिजन के खाते में जायेगी रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में निजी अस्पतालों की तर्ज […]

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अस्पतालों की तर्ज पर रिम्स में भी मरीजों को मिलने लगी है सेवा
कमरा एलॉट होते समय पांच दिन का चार्ज एकमुश्त देना होगा मरीज को
पांच दिन से पहले छुट्टी हुई, तो शेष राशि मरीज या परिजन के खाते में जायेगी
रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में निजी अस्पतालों की तर्ज पर पेइंग वार्ड सेवा शुरू हो गयी है. पेइंग बिल्डिंग में वार्ड एलॉट करने की जिम्मेदारी उपाधीक्षक को सौंपी गयी है. मरीज के परिजन को सबसे पहले इलाज करनेवाले डाॅक्टर से पेइंग वार्ड में भर्ती करने की अनुमति लेनी होगी. इसके बाद कमरे की उपलब्धता के हिसाब से उपाधीक्षक वार्ड एलॉट करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे.
पेइंग वार्ड एलॉट करते समय मरीज और उनके परिजन को एकमुश्त 5,000 रुपये जमा करने होंगे. यह शुल्क पांच दिन का होगा. अगर मरीज को पांच दिन से पहले ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है, तो शेष राशि उसे लौटा दी जायेगी. पैसा की वापसी मरीज और उसके नजदीकी परिजन के खाते में किया जायेगा.
इन और आउट के समय होगा सामान का मिलान : पेइंग वार्ड एलॉट करते समय सिस्टर इंचार्ज और सिस्टर कमरे में स्थित सभी समान की सूची मरीज के परिजन को देंगे.
मरीज को उसी सूची के हिसाब से छुट्टी होते समय सामान का मिलान कराना होगा. मरीजों को दी जानेवाली सभी प्रकार की दवा बाहर से खरीदनी होंगी. पेइंग वार्ड में भर्ती मरीजों को इलाज में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जायेगी.
एक मरीज के साथ एक ही परिजन को रहने की अनुमति : पेइंग वार्ड में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक मरीज के साथ एक परिजन को रहने की अनुमति दी गयी है. गेट पास का नियम पेइंग वार्ड में भी लागू होगा. मरीज से मिलने का समय जो निर्धारित की गयी है, उसी दौरान अन्य परिजन मिल सकेंगे.
विचाराधीन कैदी को कमरा आवंटित करने पर नहीं हुआ है निर्णय : रिम्स में इलाज कराने वाले विचाराधीन कैदी को कमरा अावंटित होगा या नहीं, इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है. विभागीय व प्रशासनिक अनुमति के लिए अभी इंतजार करना होगा. वैसे जब तक निर्णय नहीं होता है, तब तक निदेशक के पास कमरा को आवंटित करने या नहीं करने का विशेषाधिकार होगा.
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