रांची : पिछले तीन वर्षों में जहाज उड़ाने से पूर्व चिकित्सकीय परीक्षण में 132 पायलट नशे में पाये गये. इनका ब्रेथ एनलाइजर पॉजिटिव पाया गया. वर्ष 2015 में 40 पायलट, वर्ष 2016 में 44 पायलट और वर्ष 2017 में 45 पायलट श्वास परीक्षण के बाद नशे में पाये गये.
राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकार से पूछा था कि पिछले तीन वर्षों मदिरा-पान किये हुए पायलटों की संख्या कितनी है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है. नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने सदन को इस सवाल का जवाब देते हुए बताया कि अनुचित प्रचालकों के कुछ 132 पायलट ब्रेथ एनलाइजर में पॉजिटिव पाये गये. इनमें 112 पायलट पहली बार पकड़े गये, तो उनको तीन वर्ष के लिए निलंबित किया गया.
15 पायलट दूसरी बार पकड़े गये और उन्हें विशेषाधिकार के तहत तीन वर्ष के लिए निलंबित किया गया. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एक पायलट का तीसरी बार ब्रेथ एनलाइजर पॉजिटिव पाया गया और उसका लाइसेंस रद्द किया गया. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि चार प्रवासी पायलट मादक पदार्थ सेवन किये हुए पाये गये.
इनका एफएटीए रद्द किया गया. उन्होंने बताया कि किसी भी पायलट के दूसरी बार ब्रेथ एनलाइजर पॉजिटिव पाये जाने की स्थिति में उसके पायलट के विशेषाधिकार, सीएफआर सेक्शन-5 व अन्य प्रावधानों के तहत तीन वर्ष के लिए निलंबित किये जाते हैं.
