रांची : सिंगल विंडो सिस्टम लागू करे राज्य सरकार

Updated at : 16 Jul 2018 8:45 AM (IST)
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रांची : सिंगल विंडो सिस्टम लागू करे राज्य सरकार

डॉक्टरों ने कहा, क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के नाम पर प्रताड़ना रांची : क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के नाम पर अस्पताल व क्लिनिक संचालकों को प्रताड़ित किया जा रहा है. केंद्र व राज्य में एक्ट को लेकर विरोधाभास है. राज्य के हर जिले में अलग-अलग प्रावधान हैं. फायर व पॉल्यूशन के सर्टिफिकेट के लिए डाॅक्टर दौड़ लगा […]

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डॉक्टरों ने कहा, क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के नाम पर प्रताड़ना
रांची : क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के नाम पर अस्पताल व क्लिनिक संचालकों को प्रताड़ित किया जा रहा है. केंद्र व राज्य में एक्ट को लेकर विरोधाभास है. राज्य के हर जिले में अलग-अलग प्रावधान हैं. फायर व पॉल्यूशन के सर्टिफिकेट के लिए डाॅक्टर दौड़ लगा कर थक गये हैं.
सरकार को इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था करनी चाहिए. यह बातें रविवार को करमटोली चौक स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की राज्य कार्यसमिति की बैठक में अध्यक्ष डॉ एके सिंह व सचिव डॉ प्रदीप सिंह ने कही.
उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के इस बार विधानसभा सत्र में पास होने की उम्मीद है. क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट पर डॉक्टरों को प्रताड़ित किये जाने की जानकारी उपाध्यक्ष डॉ पंकज ने विस्तृत रूप से दी. बैठक में डॉ अजय सिंह, डॉ आरसी झा, डॉ विमलेश सिंह, डॉ मनोज चंदन, डॉ विमलेश सिंह, डॉ एके चक्रवर्ती, डॉ अमित मोहन, डॉ भारती कश्यप, डॉ प्रभा रानी, डॉ डी राय, डॉ एस प्रसाद, डाॅ बीके पंकज, डॉ सुधीर आर्या, डॉ गणेश प्रसाद, डाॅ मृत्युंजय सिंह, डाॅ विद्या भूषण, डॉ राकेश दयाल, डॉ ब्यूटी बनर्जी, डाॅ नितेश प्रिया, डॉ संजय जायसवाल, डॉ एमपी सिंह व जेडीए से डॉ अजीत कुमार आदि मौजूद थे.
टीबी कार्यक्रम में आइएमए करेगा सहयोग : डॉ प्रदीप ने बताया कि केंद्र सरकार टीबी कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चला रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे चुनौती के रूप में लेकर सफल बनाने का आह्वान किया है. राज्य आइएमए टीबी कार्यक्रम में सरकार का हर संभव सहयोग करेगी. जिला कमेटी को इसके लिए राज्य स्तर से सहयोग की सूचना भेजी जायेगी. डॉ एस प्रसाद को इसकी जिम्मेदारी दी गयी है.
झोलाछाप पर सरकार करे सख्त कार्रवाई : कार्यसमिति की बैठक में झाेलाछाप पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया. डॉ एके सिंह ने बताया कि झोलाछाप को डॉक्टर का नाम दिया जाता है, लेकिन यह गलत है. उनके पास कोई डिग्री नहीं होती है और वह इलाज कर मरीजों की जान जोखिम में डाल देते हैं. रांची में भी इसके लिए कमेटी बनायी जानी चाहिए.
झासा अब आइएमए सर्विस डाॅक्टर विंग में समाहित, डॉ विमलेश चेयरमैन : कार्य समिति की बैठक में सर्वसमिति से यह निर्णय लिया गया कि झासा की कार्यकारिणी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है. झासा अब आइएमए सर्विस डॉक्टर विंग के नाम से जाना जायेगा. इसमें डॉ विमलेश सिंह को चेयरमैन सह अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
राज्य कार्यकारिणी का किया गया विस्तार
स्टेट वाइस-प्रेसीडेंट: डॉ गणेश प्रसाद, डॉ एके लाल व डॉ एसके गुप्ता
हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया: चेयरमैन डॉ आरएस दास, उपाध्यक्ष डॉ अमित मोहन, सचिव डाॅ सुशील कुमार, सचिव डॉ प्रतीश सिंह
आइएमए डॉक्टर विंग: चयेरमैन डाॅ भारती कश्यप, उपाध्यक्ष डॉ ब्यूटी बनर्जी, उपाध्यक्ष डॉ प्रभा रानी
आइएमए डॉक्टर सर्विस विंग: चेयरमैन डाॅ विमलेश सिंह
पिंकी हेल्थ प्रोग्राम: चेयरमैन डॉ अमिता राय, उपाध्यक्ष डॉ सांत्वना शरण व सचिव डॉ किरण कुमारी
सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन में लगा है डॉक्टर्स वीमेन विंग
डॉक्टर्स वीमेन विंग की चेयरमैन डाॅ भारती कश्यप ने बताया कि झारखंड की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन व एनीमिया उन्मूलन पर जोर दिया जा रहा है. झारखंड के कोने-कोने में इसको अभियान के तहत चलाया जा रहा है.
संथाल की आदिम जनजाति, आदिवासी जाति व गरीब तबके की महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है. अमेरिका, कोलकाता व दिल्ली की स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ मिलकर स्त्री रोग विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. इसके लिए संथाल के देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुर व साहेबगंज में स्क्रीनिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
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