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एकांतवास से लौटे प्रभु, रथयात्रा आज, सुबह पांच बजे से होगा दर्शन

Updated at : 13 Jul 2018 11:58 PM (IST)
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एकांतवास से लौटे प्रभु, रथयात्रा आज, सुबह पांच बजे से होगा दर्शन

भगवान जगन्नाथ का नेत्रदान अनुष्ठान संपन्न, उमड़े श्रद्धालु रांची : पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और भगवान के जयकारों के बीच भगवान जगन्नाथ शुक्रवार को एकांतवास से लौट आये. जगन्नाथपुर मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ नेत्रदान हुआ. नेत्रदान के लिए तीनों विग्रहों को शाम 4.30 बजे बाहर […]

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भगवान जगन्नाथ का नेत्रदान अनुष्ठान संपन्न, उमड़े श्रद्धालु
रांची : पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और भगवान के जयकारों के बीच भगवान जगन्नाथ शुक्रवार को एकांतवास से लौट आये. जगन्नाथपुर मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ नेत्रदान हुआ. नेत्रदान के लिए तीनों विग्रहों को शाम 4.30 बजे बाहर निकाला गया. शाम पांच बजे मंगल आरती की गयी.
प्रधान पुजारी ब्रजभूषण नाथ मिश्र के नेतृत्व में तीनों विग्रहों की आंखें खोली गयी. इसके बाद भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. सबने सुख-समृद्धि की कामना की. श्रद्धालुओं ने रात नौ बजे तक भगवान का दर्शन किया. इसके बाद उनकी दैनिक आरती की गयी. दैनिक अारती के बाद रात 10 बजे तीनों विग्रहों को गर्भगृह में रख दिया गया.
दर्शन के लिए बनाये गये थे दो द्वार
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके लिए दो द्वार बनाये गये थे. महिलाओं का प्रवेश गेट की बायीं तरफ से और पुरुषों का प्रवेश दायीं तरफ से हुआ. इसी तरह भगवान का दर्शन करने के बाद महिलाएं मंदिर के दक्षिण और पुरुष पश्चिम की ओर से बाहर निकलें.
आज सुबह पांच बजे से होगा दर्शन
शनिवार की सुबह चार बजे भगवान काे दैनिक भोग लगाया जायेगा. यह कार्यक्रम 4.30 बजे तक चलेगा. इसके बाद भगवान सुबह पांच बजे सर्व दर्शन के लिए सुलभ होंगे. श्रद्धालु दोपहर दो बजे तक भगवान का दर्शन कर पायेंगे. तीनों विग्रहों को रथारूढ़ किया जायेगा. रथ पर ही तीनों विग्रहों का शृंगार किया जायेगा. फिर पूजा-अर्चन की जायेगी.
रथयात्रा से पहले भगवान के सहस्रनाम का जाप किया जायेगा. इसमें सभी लोग भाग ले सकते हैं. हालांकि शर्त यह है कि पुरुष सिर्फ धोती पहनकर ही हिस्सा लेंगे. वहीं महिलाएं साड़ी पहनकर ही भाग ले सकती हैं. इसके बाद भगवान का रथ मौसीबाड़ी के लिए रवाना होगा. मौसीबाड़ी से भगवान 23 जुलाई को मुख्य मंदिर लौटेंगे.
रथ मेला का कार्यक्रम
सुबह 5.00 बजे : आम दर्शन शुरू
दोपहर 2.00 बजे : दर्शन बंद, भगवान का रथारोहण के लिए मंदिर से प्रस्थान
दोपहर 2.25 बजे तक : देव विग्रहों का रथारोहण व शृंगार
दोपहर 2.30 बजे : विष्णु लाक्षार्चना शुरू
शाम 4.00 बजे : भगवान की आरती
शाम 4.15 बजे : श्रद्धालुओं के हाथ से पुष्प संग्रह
शाम 4.31 बजे : रथ यात्रा प्रारंभ
शाम 6.00 बजे : रथ का मौसीबाड़ी पहुंचना
शाम 7.00 बजे तक : दर्शन-पूजन
शाम 7.01 बजे के बाद : देव विग्रह का रथ मौसीबाड़ी में प्रवेश
रात 8.00 बजे : विग्रहों की मंगल आरती
यहां से बंद रहेगा
वाहनों का प्रवेश
शहीद मैदान से मेला जानेवाले मार्ग
मौसीबाड़ी गोल चक्कर के पास
इंदिरा नगर कॉलोनी यानी योगदा सत्संग कॉलेज के पहले
माॅडर्न बेकरी से मेला जानेवाले मार्ग
छह जगह होगी
वाहनों की पार्किंग
पार्किंग 01 : शहीद मैदान में सर्कस लगा है. इसके बावजूद सड़क के किनारे वाहनों की पार्किंग की जा सकती है.
पार्किंग 02 : साप्ताहिक बाजारवाले एरिया में छोटे वाहनों की पार्किंग कर सकते हैं.
पार्किंग 03 : सेक्टर टू और बाहर से आनेवाले वैसे वाहन जो कॉलोनी होते हुए यहां आते हैं, तो इस जोन में पार्किंग कर सकते हैं.
पार्किंग 04 : यह पार्किंग झारखंड जगुआर कैंप के पास है. यहां सड़क के किनारे पार्किंग करके मेला परिसर में जाया जा सकताा है.
पार्किंग 05 : प्रभात तारा स्कूल मैदान में बने पार्किंग में वाहनों को रखकर जगन्नाथपुर तालाब होते हुए श्रद्धालु मेला परिसर में जा सकते हैं.
पार्किंग 06 : कटहल मोड़, नया सराय होकर आने वाले श्रद्धालु योगदा कॉलेज के पास बने पार्किंग का इस्तेमाल कर सकते हैं.
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