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पति को हो रही सजा, तो चुनाव जीत पत्नियां बन रहीं विधायक

Updated at : 26 Jun 2018 1:02 AM (IST)
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पति को हो रही सजा, तो चुनाव जीत पत्नियां बन रहीं विधायक

झारखंड में कई विधायकों को सजा सुनाई जाने के बाद उनकी पत्नियां बनीं विधायक गीता कोड़ा व निर्मला देवी से लेकर सीमा देवी तक उपचुनाव में जीत दर्ज कर विधायक बनीं सुनील चौधरी रांची : झारखंड में लगातार ऐसा देखा जा रहा है कि जिन विधायकों को सजा हो रही है और चुनाव लड़ने से […]

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झारखंड में कई विधायकों को सजा सुनाई जाने के बाद उनकी पत्नियां बनीं विधायक
गीता कोड़ा व निर्मला देवी से लेकर सीमा देवी तक उपचुनाव में जीत दर्ज कर विधायक बनीं
सुनील चौधरी
रांची : झारखंड में लगातार ऐसा देखा जा रहा है कि जिन विधायकों को सजा हो रही है और चुनाव लड़ने से वंचित हो रहे हैं, वे उपचुनाव में उक्त सीट पर अपनी पत्नी को उतार रहे हैं और उनकी पत्नियां जीत भी रही हैं. संयुक्त बिहार में लालू प्रसाद जब मुख्यमंत्री थे और उन्हें जेल जाना पड़ा था, तब उन्होंने बिहार की बागडोर अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सौंप दिया था. इसके बाद से ही यह सिलसिला चल पड़ा है. झारखंड में तो यह जोरों पर है.
झारखंड के पहले निर्दलीय मुख्यमंत्री मधु कोड़ा जब आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे, तो उन्होंने जगन्नाथपुर विधानसभा सीट से अपनी पत्नी गीता कोड़ा को खड़ा कर दिया. वर्ष 2009 में गीता कोड़ा वहां की विधायक चुनी गयीं.
इसी बीच मधु कोड़ा को सजा भी हो गयी. इसके बाद गीता कोड़ा वर्ष 2014 में दोबारा वहां से चुनाव लड़ीं और विधायक चुनी गयी हैं. कांग्रेस विधायक योगेंद्र साव को भी जब सजा हुई, तो उन्होंने अपनी पत्नी निर्मला देवी को बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया. निर्मला देवी वहां चुनाव जीतीं और आज विधायक हैं.
योगेंद्र महतो व अमित महतो की पत्नी भी बनी विधायक
गोमिया से झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के विधायक योगेंद्र महतो को सजा होने के बाद गोमिया विधानसभा की सीट खाली हो गयी थी़
इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने पार्टी की ओर से अपनी पत्नी बबीता महतो को टिकट दिला दिया. बबीता महतो ने उपचुनाव में आजसू के लंबोदर महतो और भाजपा के माधवलाल सिंह को मात देकर जीत दर्ज की और अभी विधायक हैं.
वहीं सिल्ली से झामुमो के विधायक अमित महतो को भी एक मामले में सजा सुनायी जाने के बाद उन्हें विधायकी गंवानी पड़ी. इसके बाद सिल्ली विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी सीमा महतो को टिकट दिलवाया. झामुमो की सीमा महतो ने आजसू सुप्रीमो व पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो को 13510 मतों से हराया. सीमा महतो आज अपने पति की जगह सिल्ली से विधायक हैं.
कमल किशोर ने भी किया प्रयोग, नहीं मिली सफलता
हत्या के एक मामले में लोहरदगा से आजसू के विधायक रहे कमल किशोर भगत ने सजा होने पर आनन-फानन में विवाह किया. इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी नीरू शांति भगत को लोहरदगा विधानसभा सीट से आजसू के टिकट पर उपचुनाव लड़ाया, पर उन्हें सफलता नहीं मिली है. नीरू शांति भगत कांग्रेस के सुखदेव भगत से हार गयीं.
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