रांची :दो मंत्रियों के कहने पर भी नहीं हुई आइटीसी की जांच
5 May, 2018 4:11 am
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चंद्रप्रकाश व राज पलिवार ने दिया था आदेश रांची :निजी क्षेत्र वाले औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आइटीसी) के खोले जाने तथा इनके संचालन सहित वहां होने वाली परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं. श्रम नियोजन व प्रशिक्षण विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक कृष्णा राम तथा वर्तमान में संयुक्त निदेशक बुद्धदेव ठाकुर से संबंधित […]
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चंद्रप्रकाश व राज पलिवार ने दिया था आदेश
रांची :निजी क्षेत्र वाले औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आइटीसी) के खोले जाने तथा इनके संचालन सहित वहां होने वाली परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं.
श्रम नियोजन व प्रशिक्षण विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक कृष्णा राम तथा वर्तमान में संयुक्त निदेशक बुद्धदेव ठाकुर से संबंधित मामले के उजागर होने के बाद यह साफ हो गया है कि विभाग के ही अधिकारी नियमों का उल्लंघन कर आइटीसी खोलने की मंजूरी देते रहे हैं.
वहीं कई अधिकारी खुद भी कई आइटीसी के प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मालिक हैं. इधर इन गड़बड़ियों संबंधी जांच कभी नहीं हो सकी. विभाग के दो मंत्रियों ने आइटीसी की जांच का आदेश दिया था, पर यह काम आज तक नहीं हो सका.
सबसे पहले विभाग के पूर्व मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने प्रभात खबर में 17 नवंबर 2010 को प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए सभी आइटीसी की जांच करने को कहा था. इसके बाद अगस्त 2011 में भी उन्होंने सरकारी क्षेत्र के आइटीआइ तथा निजी क्षेत्र के आइटीसी में परीक्षा संबंधी गड़बड़ी की जांच एक सप्ताह के अंदर करने को कहा था, पर कोई जांच नहीं हुई.
इसके बाद दिसंबर 2015 में वर्तमान मंत्री राज पलिवार ने भी विभागीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों से कहा था कि वे भारत सरकार के नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) के मापदंड के आधार पर निजी आइटीसी का आकलन करें तथा इसकी रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर दें.
पर यह काम नहीं हो सका. गौरतलब है कि राज्य में कुल 22 आइटीआइ तथा दो सौ से अधिक आइटीसी हैं. यहां विभिन्न ट्रेड में तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है.
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